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कुमाऊं विश्वविद्यालय में रोजगारपरक बीवॉक पाठ्यक्रम लाने की तैयारी, उद्योग जगत से जुड़ेगी व्यावहारिक ट्रेनिंगउत्तराखंड
24 सित॰ 2026, 5:07 pm (2 मिनट पहले)· 0

कुमाऊं विश्वविद्यालय में रोजगारपरक बीवॉक पाठ्यक्रम लाने की तैयारी, उद्योग जगत से जुड़ेगी व्यावहारिक ट्रेनिंग

कुमाऊं विश्वविद्यालय में छात्रों को डिग्री के साथ व्यावहारिक कौशल और कॉर्पोरेट इंटर्नशिप उपलब्ध कराने के लिए वोकेशनल कोर्स शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।

उच्च शिक्षा को सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से कुमाऊं विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की योजना विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें बाजार की जरूरतों के अनुसार हुनरमंद बनाने की है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए परिसर में बैचलर ऑफ वोकेशन यानी B.Voc जैसे व्यावहारिक और वोकेशनल पाठ्यक्रमों को शुरू करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इन नए पाठ्यक्रमों का मुख्य केंद्र बिंदु किताबी ज्ञान के साथ कौशल विकास और कार्यक्षेत्र का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना होगा।

रोजगार और हुनर को प्राथमिकता

कुमाऊं विश्वविद्यालय का दायित्व संभालने के उपरांत कुलपति प्रो. सतपाल बिष्ट ने विद्यार्थियों के पेशेवर भविष्य को संवारने वाली कार्ययोजना पर ध्यान केंद्रित किया है। उनका स्पष्ट मानना है कि आधुनिक समय में शैक्षणिक संस्थानों को ऐसे प्रोग्राम संचालित करने चाहिए जो उद्योग जगत की मांग के अनुकूल हों। विश्वविद्यालय की ओर से तैयार किए जा रहे B.Voc प्रोग्राम में विद्यार्थियों को उनके चुने हुए विषय की बारीकियां और व्यावहारिक काम सिखाया जाएगा। इससे युवा अपनी पढ़ाई पूरी करने के दौरान ही यह भलीभांति समझ सकेंगे कि संबंधित क्षेत्र में वास्तविक काम कैसे किया जाता है और पेशेवर जिम्मेदारियां कैसे निभाई जाती हैं।

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उद्योग जगत के साथ इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल अनुभव

प्रस्तावित वोकेशनल पाठ्यक्रमों के तहत छात्रों को बड़े औद्योगिक संस्थानों और कॉर्पोरेट कंपनियों से जोड़ने की विशेष रणनीति बनाई गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन प्रमुख कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करेगा ताकि विद्यार्थियों को नियमित इंटर्नशिप के अवसर प्राप्त हो सकें। इस तरह के ऑन जॉब अनुभव से छात्रों को कार्यालय के कार्य माहौल, टीमवर्क, अनुशासन और कार्यशैली को करीब से देखने का मौका मिलेगा। इंटर्नशिप के माध्यम से वे डिग्री हासिल करने के साथ ही कार्यक्षेत्र की व्यावहारिक आवश्यकताओं से पूरी तरह परिचित हो सकेंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों के सुझाव से तय होगा पाठ्यक्रम

नए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की संरचना और विषयों का चयन मनमाने ढंग से करने के बजाय व्यापक विचार विमर्श के बाद किया जाएगा। कुलपति के अनुसार, पाठ्यक्रम को औपचारिक रूप देने से पहले शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों से विस्तृत सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। इस कवायद का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि तैयार किया गया सिलेबस केवल सैद्धांतिक बातों का पुलिंदा न बने, बल्कि वह पूरी तरह उपयोगी, आधुनिक और रोजगारोन्मुखी साबित हो।

शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और आधुनिक कार्यसंस्कृति

विश्वविद्यालय के समग्र माहौल को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों की रूपरेखा खींची गई है। संस्थान में उच्च स्तरीय शैक्षणिक गुणवत्ता, उन्नत शोध सुविधाएं और करियर मार्गदर्शन की मजबूत व्यवस्था स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही कुमाऊं विश्वविद्यालय को देश के अन्य प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ जोड़ने की योजना है, जिससे यहां के विद्यार्थियों को व्यापक शैक्षणिक मंच और संसाधन मिल सकें। कुलपति ने प्रशासनिक कामकाज को प्रभावी बनाने के लिए अल्मोड़ा विश्वविद्यालय के अपने पिछले अनुभव का हवाला देते हुए बताया कि वहां जिस तरह कॉर्पोरेट ऑफिस जैसी सुव्यवस्थित कार्यसंस्कृति विकसित की गई थी, उसी तरह का व्यवस्थित और जवाबदेह माहौल अब कुमाऊं विश्वविद्यालय में भी तैयार किया जाएगा।

नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में विद्यार्थियों की भागीदारी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के संदर्भ में भी विद्यार्थियों के विचारों को प्राथमिकता दी जाएगी। विश्वविद्यालय का मानना है कि जो छात्र इस व्यवस्था के सीधे लाभार्थी हैं, उनके फीडबैक और सुझाव नीति को सही ढंग से जमीन पर उतारने के लिए बेहद जरूरी हैं। कुल मिलाकर संस्थान का समग्र लक्ष्य केवल कागजी डिग्री बांटना नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान, हुनर और आजीविका के अवसरों के बीच एक मजबूत सेतु तैयार करना है।

सवाल-जवाब

कुमाऊं विश्वविद्यालय में कौन सा नया व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है?
विश्वविद्यालय में डिग्री के साथ व्यावहारिक कौशल सिखाने के लिए बैचलर ऑफ वोकेशन यानी B.Voc कोर्स शुरू करने की तैयारी चल रही है।
B.Voc पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देने के बजाय व्यावहारिक ट्रेनिंग और कार्य अनुभव देकर रोजगार के लिए तैयार करना है।
क्या वोकेशनल कोर्स के छात्रों को इंटर्नशिप का मौका मिलेगा?
हां, विश्वविद्यालय बड़ी कंपनियों और संस्थानों से संपर्क स्थापित कर छात्रों को इंटर्नशिप की सुविधा उपलब्ध कराएगा।
पाठ्यक्रम के विषय और रूपरेखा कैसे तय किए जाएंगे?
कोर्स को अंतिम रूप देने से पहले शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों से सुझाव लिए जाएंगे।
विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में क्या बदलाव प्रस्तावित है?
कुलपति के अनुसार, अल्मोड़ा विश्वविद्यालय के अनुभव के आधार पर कुमाऊं विश्वविद्यालय को भी कॉर्पोरेट ऑफिस की तरह सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाया जाएगा।
नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में किसकी राय ली जाएगी?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विद्यार्थियों से भी प्रत्यक्ष सुझाव लिए जाएंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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