पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम का मिजाज फिलहाल बेहद खुशनुमा और सुहावना बना हुआ है। पूरे प्रदेश में चटख धूप खिली रहने से स्थानीय बाशिंदों और घूमने पहुंचे पर्यटकों को ठंड के बीच दिन में खासी राहत मिल रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इक्कीस अक्टूबर और बाईस अक्टूबर को राज्य के सभी तेरह जनपदों में आसमान पूरी तरह साफ और शुष्क बना रहेगा। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में धूप खिली रहेगी। इन अड़तालीस घंटों के दौरान मौसम विभाग ने किसी भी तरह की चेतावनी अथवा अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, दिन में जहां खिली धूप से गर्माहट मिल रही है, वहीं सूरज ढलते ही सुबह और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
पर्यटन स्थलों पर निखरा प्राकृतिक नजारा, पर्यटकों में उत्साह
पहाड़ों की रानी मसूरी के साथ-साथ राजधानी देहरादून और नैनीताल में मौसम का मिजाज काफी आकर्षक बना हुआ है। आसमान एकदम साफ रहने की वजह से मसूरी और आसपास के इलाकों से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां बेहद स्पष्ट और चमकदार दिखाई दे रही हैं। विभिन्न व्यू-पॉइंट्स पर पहुंचकर सैलानी इन मनमोहक प्राकृतिक नजारों को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं। देहरादून में दिन के समय अच्छी धूप रहने से अधिकतम तापमान सामान्य बना रहेगा। दूसरी तरफ सरोवर नगरी नैनीताल में सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ने लगी है, लेकिन दोपहर की गुनगुनी धूप में स्थानीय लोगों के साथ-साथ मुसाफिर भी मौसम का भरपूर आनंद उठा रहे हैं।
तेईस अक्टूबर से पांच पहाड़ी जनपदों में बदलेगा मौसम का रुख
मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, तेईस अक्टूबर से छब्बीस अक्टूबर के बीच उत्तराखंड के मौसम में हल्का फेरबदल दर्ज किया जा सकता है। इस अवधि में राज्य के पांच उच्च पर्वतीय जिलों में मौसम करवट लेगा। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पैंतीस सौ मीटर और उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित चोटियों में हल्की बर्फबारी देखने को मिल सकती है। साथ ही गरज के साथ बिजली चमकने की आशंका भी बनी रहेगी। इन पांच पर्वतीय जिलों को छोड़कर उत्तराखंड के शेष आठ जनपदों में मौसम सामान्य और शुष्क ही बना रहेगा।
ऊंचाई वाली घाटियों में पारे के लुढ़कने के आसार
तेईस अक्टूबर से उत्तरकाशी, चमोली के जोशीमठ और रुद्रप्रयाग की केदारनाथ घाटी में बादलों की आवाजाही शुरू होने का अंदेशा है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर के सीमांत उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पैंतीस सौ मीटर से ऊपर बर्फबारी होने के कारण आसपास की निचली घाटियों में भी ठंडी हवाओं का असर तेज होगा, जिससे शीतलहर का प्रभाव बढ़ जाएगा। यदि कोई यात्री अथवा ट्रैकर आगामी दिनों में ऊंचाई वाले धार्मिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों या ट्रैकिंग मार्गों पर जाने का कार्यक्रम बना रहा है, तो उसे गर्म कपड़ों का समुचित प्रबंध रखना चाहिए। बारिश और बर्फबारी के इस नए दौर के चलते पहाड़ी घाटियों में तापमान तेजी से लुढ़क सकता है।



















