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उत्तराखंड में रात के वक्त हिली धरती, चमोली और बद्रीनाथ समेत कई जिलों में लोग घरों से भागेउत्तराखंड
6 अक्तू॰ 2026, 11:30 pm (3 घंटे पहले)· 1

उत्तराखंड में रात के वक्त हिली धरती, चमोली और बद्रीनाथ समेत कई जिलों में लोग घरों से भागे

उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी जिलों में 6 अक्टूबर की रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे घबराकर लोग खुले में आ गए। शुरुआती रिपोर्ट में चमोली क्षेत्र को केंद्र बताते हुए तीव्रता 4.6 आंकी गई है।

उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में 6 अक्टूबर की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब लगभग 10:23 बजे अचानक तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। धरती में कंपन होते ही चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, पौड़ी, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर तथा प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में लोग दहशत में आ गए। झटकों का अहसास होते ही बड़ी संख्या में लोग इमारतों और घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षा के लिहाज से काफी देर तक खुली जगहों पर डटे रहे।

पहाड़ी इलाकों में दिखा सबसे ज्यादा असर

इस भूकंपीय गतिविधि की तीव्रता पहाड़ी जिलों में काफी अधिक महसूस की गई। रुद्रप्रयाग में रहने वाले लोगों ने बताया कि उन्होंने लगभग 5 से 6 सेकेंड तक लगातार जमीन को थरथराते हुए महसूस किया। रात के शांत माहौल में अचानक आए इन झटकों से चमोली जिले में भी लोग सहम गए और तुरंत सुरक्षित स्थानों की तरफ दौड़ पड़े। इसके अलावा उत्तरकाशी और बागेश्वर में भी लोगों ने स्पष्ट कंपन की सूचना दी। कुमाऊं मंडल के नैनीताल और हल्द्वानी शहरों में भी इमारतों के हिलने से नागरिकों में घबराहट फैल गई।

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चमोली के पास केंद्र और 4.6 की तीव्रता

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, एंड्रॉइड अर्थक्वेक अलर्ट सिस्टम ने इस भूकंप की तीव्रता 4.6 दर्ज की है। इस झटके का प्राथमिक केंद्र चमोली जनपद के भीतर नंदप्रयाग और नंदा देवी नेशनल पार्क के आसपास के इलाके में बताया गया है। हालांकि, घटना के सटीक केंद्र और रिक्टर पैमाने पर प्रमाणित तीव्रता से जुड़े अंतिम विवरण के लिए आधिकारिक वैज्ञानिक एजेंसियों की विस्तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। इसी दौरान दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी रिक्टर स्केल पर 4.9 तीव्रता के झटके दर्ज किए जाने की सूचना आई, जिससे वहां भी लोग थर्रा उठे।

प्रशासन की सतर्कता और नुकसान की स्थिति

राहत की बात यह रही कि इतनी तीव्र हलचल के बावजूद किसी भी जिले से जान या माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। झटके रुकने के तुरंत बाद लोग इंटरनेट, सोशल मीडिया और पड़ोसियों के संपर्क से हालात का जायजा लेते नजर आए। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारी जमीनी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों ने जनता से संयम बरतने, घबराहट से बचने और किसी भी अनपुष्ट अफवाह पर भरोसा न करने की अपील की है। फिलहाल सभी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य बताई गई है।

सवाल-जवाब

उत्तराखंड में भूकंप किस समय आया?
उत्तराखंड में 6 अक्टूबर की रात लगभग 10:23 बजे भूकंप के झटके दर्ज किए गए।
प्रारंभिक सूचना में भूकंप की तीव्रता कितनी बताई गई है?
एंड्रॉइड अर्थक्वेक अलर्ट सिस्टम पर भूकंप की तीव्रता 4.6 बताई गई है।
इस भूकंप का केंद्र कहाँ बताया जा रहा है?
भूकंप का केंद्र चमोली जिले में नंदप्रयाग और नंदा देवी नेशनल पार्क के आसपास का क्षेत्र बताया गया है।
किन-किन प्रमुख जिलों और स्थानों पर झटके महसूस हुए?
चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, पौड़ी, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर, हल्द्वानी और बद्रीनाथ धाम में झटके महसूस किए गए।
रुद्रप्रयाग में कंपन कितनी देर तक रहा?
रुद्रप्रयाग में स्थानीय लोगों ने करीब 5 से 6 सेकेंड तक झटके महसूस किए।
क्या भूकंप से किसी जान-माल के नुकसान की खबर है?
प्रशासन के अनुसार अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है और स्थिति सामान्य है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ananya Iyer@ananya-iyer·1 घंटे पहले

रात के वक्त ऐसे झटके महसूस होना वाकई डरावना है। गनीमत है कि सब सुरक्षित हैं और कोई नुकसान नहीं हुआ।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

रात में ऐसे झटके आएं तो सच में सांस अटक जाती है, गनीमत रही कि कोई नुकसान नहीं हुआ। क्या पहाड़ों में इमारतों की मजबूती की कोई नई जांच होगी?

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

अ अर्जुन जी, रात में ऐसा हिलना वाकई डरावना है। गनीमत है सब ठीक है, पर ऐसे में मकानों की मजबूत कंस्ट्रक्शन और इंश्योरेंस दोनों पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

Rohan Verma@rohan-verma·2 घंटे पहले

रात के वक्त ऐसे झटके महसूस होना वाकई डरावना है। गनीमत रही कि कोई नुकसान नहीं हुआ।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 घंटे पहले

रोहन भाई, सच कहा आपने, रात के वक्त ऐसा कंपन होने पर आपदा कंट्रोल रूम में फोन घनघनाने लगते हैं। गनीमत है कि सब ठीक रहा।

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