डीआरडीओ का स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन दुश्मन के रनवे और सैन्य ठिकानों को करेगा तबाहभारत में शुरुआती दौर के एआई स्टार्टअप्स पर लाइटस्पीड का बड़ा दांव, 250 मिलियन डॉलर का नया फंड तैयारअलवर के रामगढ़ में खाद वितरण केंद्र पर उमड़ी भीड़, डीएपी खत्म होने से निराश होकर लौटे अन्नदाताअमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो की गिरावट पर लग सकता है ब्रेक, जाने प्रमुख सपोर्ट स्तर और वैश्विक करेंसी का हालगाजियाबाद हादसे के बाद अस्पताल के बिल ने तोड़ी कमर, बेटे को बचाने के लिए पिता को गिरवी रखनी पड़ी जमीनपश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीत मैती गिरफ्तार, 10 साल पुराने रंगदारी मामले में पुलिस ने की कार्रवाईकम उम्र में ही दर्द से जूझ रहे बच्चे, आखिर क्यों बढ़ रही स्कूली छात्रों में रीढ़ और पीठ की गंभीर समस्याएं?शुक्र गोचर से 11 दिन तक चमकेगी इन राशियों की किस्मत, धन लाभ और तरक्की के बन रहे योगरूणिचा में आस्था का महासंगम, लोकदेवता बाबा रामदेवजी के समाधि स्थल पर हर साल क्यों उमड़ते हैं एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुसर्वोच्च न्यायालय में हिंदी को आधिकारिक कामकाजी जुबान बनाने की मांग खारिज, सीजेआई बोले यह बदलाव धीरे-धीरे होगा
उत्तराखंड में बेसहारा मुस्लिम महिलाओं को वक्फ संपत्तियों पर मिलेगा मुफ्त आवासउत्तराखंड
25 सित॰ 2026, 4:57 pm (2 मिनट पहले)· 0

उत्तराखंड में बेसहारा मुस्लिम महिलाओं को वक्फ संपत्तियों पर मिलेगा मुफ्त आवास

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने तीन तलाक, हलाला पीड़ित और विधवा महिलाओं के पुनर्वास के लिए अपनी संपत्तियों से मुफ्त घर मुहैया कराने की योजना बनाई है।

उत्तराखंड में सामाजिक और पारिवारिक मुश्किलों से जूझ रही बेसहारा मुस्लिम महिलाओं के स्थायी पुनर्वास के लिए एक नई पहल की जा रही है। इसके तहत तीन तलाक और निकाह हलाला की पीड़ा झेलने वाली महिलाओं के साथ-साथ बेसहारा विधवाओं को रहने के लिए बिना किसी शुल्क के आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य उन महिलाओं को सुरक्षित ठिकाना देना है, जिनके पास छत नहीं है और जो गंभीर आर्थिक तंगी का सामना कर रही हैं।

कल्याणकारी संपत्तियों का सीधा लाभ

वक्फ प्रबंधन के अनुसार, संस्था के पास मौजूद संपत्तियों और उनके माध्यम से जुटाए जाने वाले संसाधनों का असली अधिकार उन्हीं जरूरतमंद वर्गों का है, जिनके कल्याण को ध्यान में रखकर वक्फ का गठन किया गया था। इस व्यवस्था का लाभ समाज की उन महिलाओं तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाना जरूरी है, जो सामाजिक तिरस्कार या पारिवारिक बिखराव के बाद जीवन यापन के बुनियादी संकट से जूझ रही हैं। बेसहारा बेटियों और बहनों को उनका सामाजिक अधिकार दिलाना इस पूरी कवायद का मुख्य आधार है।

ये भी पढ़ें

जमीनों से अतिक्रमण हटाने का अभियान

राज्य के प्रत्येक जिले में वक्फ बोर्ड के पास हजारों बीघा जमीन दर्ज है, जिसका प्रभावी उपयोग इन आवासों के निर्माण में किया जाएगा। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने स्पष्ट किया है कि कई स्थानों पर संपत्तियों पर अनधिकृत कब्जे बने हुए हैं, जिन्हें कठोर प्रशासनिक कदमों के जरिए पूरी तरह खाली कराया जाएगा। अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीनों और उन पर पहले से बने भवनों को विधिवत रूप से इन पीड़ित महिलाओं के आवास के लिए सुरक्षित किया जाएगा।

सामाजिक उपेक्षा के बीच नया संबल

वैवाहिक विवादों के दौरान कई बार तीन तलाक दिए जाने के बाद पुरुष दूसरा विवाह कर लेते हैं, जिससे पहली पत्नी को गंभीर संकट और उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में महिलाओं के पास न तो आर्थिक सहारा बचता है और न ही सिर छिपाने के लिए कोई सुरक्षित जगह होती है। शादाब शम्स के मुताबिक, दर-दर भटकने को मजबूर इन बहनों और बेटियों को सुरक्षित छत मिलने से उनके आत्मसम्मान को बल मिलेगा और वे अपने जीवन को नए सिरे से संवार सकेंगी।

सवाल-जवाब

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड किन महिलाओं को मुफ्त घर देने की योजना बना रहा है?
यह सुविधा तीन तलाक और हलाला से प्रभावित मुस्लिम महिलाओं के साथ-साथ बेसहारा और गरीब विधवाओं को दी जाएगी।
मुफ्त आवास योजना के लिए जमीन कहां से उपलब्ध होगी?
उत्तराखंड के हर जिले में वक्फ बोर्ड के पास हजारों बीघा जमीन है, जिसे अवैध कब्जों से मुक्त कराकर इस काम में लगाया जाएगा।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष कौन हैं जिन्होंने इस फैसले की जानकारी दी?
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स हैं, जिन्होंने इस योजना और अतिक्रमण हटाने की जानकारी दी।
इस योजना को शुरू करने के पीछे मुख्य सामाजिक कारण क्या है?
तीन तलाक के बाद बेसहारा हुई और बिना छत के जीवन बिताने को मजबूर महिलाओं को सुरक्षित आश्रय और सामाजिक संबल देना इसका मुख्य कारण है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp