पश्चिम बंगाल के आसनसोल के बाराबनी ब्लॉक के काशकुली स्थित मंझरा डैम में रविवार को अपने दोस्तों के साथ घूमने गए एक कॉलेज छात्र की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद से स्थानीय इलाके में मातम और सनसनी का माहौल है। मृतक की पहचान 20 वर्षीय सुप्रियो चक्रवर्ती के रूप में की गई है, जो दुर्गापुर के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। स्थानीय स्तर पर चेतावनी मिलने के बावजूद छात्रों का पानी में उतरना इस जानलेवा हादसे की मुख्य वजह बना।
सैलानियों की चेतावनी को किया नजरअंदाज
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुप्रियो चक्रवर्ती अपने लगभग छह सहपाठियों के साथ रविवार 27 सितंबर को दोपहर तीन बजे के बाद काशकुली क्षेत्र के इस डैम पर पहुंचा था। वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने छात्रों को डैम के गहरे पानी में उतरने से मना किया था और खतरे के प्रति आगाह भी किया था। हालांकि, इन चेतावनियों को दरकिनार करते हुए छात्र पानी में उतर गए। इसी दौरान सुप्रियो अचानक गहरे पानी में चला गया और संतुलन बिगड़ने से डूब गया।
सोमवार सुबह कड़े प्रयासों के बाद मिला शव
घटना की शाम को अंधेरा हो जाने के कारण बचाव दल और पुलिस तुरंत शव की तलाश शुरू नहीं कर सके। अगले दिन यानी सोमवार की सुबह पुलिस, सिविल डिफेंस और एक विशेष बचाव टीम ने डैम में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और खोजबीन के बाद गोताखोरों ने पानी के भीतर से सुप्रियो चक्रवर्ती का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए आसनसोल जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की छानबीन की जा रही है।
परिवार का इकलौता सहारा था सुप्रियो
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रियो चक्रवर्ती अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिसके चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके पिता दिव्येंदु चक्रवर्ती आसनसोल में व्यवसाय करते हैं, जबकि उसकी मां कुल्टी के एक स्थानीय विद्यालय में अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। इस अचानक हुई त्रासदी से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
दामोदर नदी में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
क्षेत्र में पानी में डूबने की यह पहली दुर्घटना नहीं है। इससे पहले जून महीने में आसनसोल के कुल्टी थाना क्षेत्र के अंतर्गत डिसरगढ़ इलाके में दामोदर नदी में नहाने के दौरान 10वीं कक्षा के तीन छात्रों की मौत हो गई थी। उस वक्त नियामतपुर के एक निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के आठ छात्र शनिवार को स्कूल नहीं पहुंचे थे, जिसके चलते उन्हें सोमवार को विद्यालय में प्रवेश नहीं दिया गया था। इसके बाद वे सभी डिसरगढ़ में नदी किनारे मैदान पर क्रिकेट खेलने चले गए थे, और बाद में उनमें से तीन छात्र नदी में नहाने उतरे और गहरे पानी में समा गए थे।





















