पाकिस्तान ने अपनी सीमा से सटे अफगान इलाकों में एक बड़ा सैन्य अभियान संचालित किया है, जिसमें कई हवाई हमले शामिल थे। आधिकारिक दावों के अनुसार, इन हमलों में कुल 35 लोगों की जान गई है। यह कदम पाकिस्तान द्वारा अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए उठाया गया एक कड़ा सैन्य रुख माना जा रहा है। यह पूरी घटना कराची में स्थित पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्य कार्यालय पर हुए भीषण आतंकी हमले के तुरंत बाद सामने आई है।
सैन्य कार्रवाई और सरकारी बयान
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस ऑपरेशन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि हाल के समय में सुरक्षा बलों को लगातार निशाना बनाए जाने के बाद यह जवाबी अभियान छेड़ा गया। सरकार का स्पष्ट कहना है कि देश की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आतंकवादियों के खिलाफ यह सैन्य कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
कराची हमले की पृष्ठभूमि
शनिवार को कराची में सुरक्षा एजेंसियों के मुख्यालय पर आतंकियों ने भारी हथियारों और विस्फोटकों के साथ हमला बोल दिया था। इस आतंकी घटना में तीन पाकिस्तानी सैनिकों की शहादत हुई। सुरक्षा बलों ने जवाबी फायर में तीन आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि एक घायल हमलावर को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। सेना ने दावा किया है कि पकड़ा गया हमलावर अफगान नागरिक है। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े गुट जमात-उल-अहरार ने ली थी।
हवाई हमलों का ब्यौरा
पाकिस्तान के अनुसार, यह ऑपरेशन दो चरणों में पूरा किया गया। सबसे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में खुफिया जानकारी के आधार पर एक जमीनी अभियान चलाया गया। इस दौरान खान फरोश नामक एक प्रमुख कमांडर सहित चार आतंकियों को मार गिराया गया। इसके बाद, अफगानिस्तान की सीमा से लगे पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों को निशाना बनाकर सटीक हवाई हमले किए गए। पाकिस्तान का दावा है कि इन हवाई हमलों में जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के तीन प्रमुख ठिकाने पूरी तरह तबाह कर दिए गए, जिनमें 25 अन्य आतंकी मारे गए। साथ ही, इन ठिकानों पर भारी मात्रा में जमा किए गए हथियारों और गोला-बारूद को भी नष्ट कर दिया गया।
बढ़ता सीमा तनाव
पिछले कुछ वर्षों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तान का निरंतर यह आरोप रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और उससे संबद्ध संगठन अफगानिस्तान की धरती का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ हमले करने के लिए कर रहे हैं। हालांकि, अफगानिस्तान में काबिज तालिबान सरकार इन आरोपों को सिरे से नकारती आई है। बावजूद इसके, पाकिस्तान की तरफ से अतीत में भी कई बार अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर हवाई हमलों को अंजाम दिया गया है, जो दोनों पड़ोसियों के बीच कूटनीतिक दरार को और गहरा करता जा रहा है।













