अपनी सरकार के नीतियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आवाज उठाने वाली ईरान की दो महिला राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ियों ने आखिरकार ऑस्ट्रेलिया में शरण हासिल कर ली है। अतेफे रमजानीजादेह और फातिमा पसंदीदेह को आधिकारिक तौर पर ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता प्रदान की गई है। दोनों महिला एथलीटों ने क्वींसलैंड राज्य के ब्रिसबेन शहर में बुधवार को आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान नागरिकता का प्रमाण पत्र प्राप्त किया। नागरिकता मिलने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने इसे अपने जीवन की एक नई शुरुआत बताया और कहा कि वे एक ऐसे देश का हिस्सा बनकर गर्व महसूस कर रही हैं जिसे अब वे अपना नया घर कह सकती हैं।
राष्ट्रीय गान न गाने के फैसले से खड़ा हुआ था विवाद
यह पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों के ठीक बाद मार्च महीने में ऑस्ट्रेलिया में महिला एशियाई कप टूर्नामेंट आयोजित किया गया था। इस प्रतियोगिता में भाग लेने आई ईरान की राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों ने 2 मार्च को खेले गए अपने पहले मैच के दौरान स्टेडियम में राष्ट्रगान गाने से साफ इनकार कर दिया था। मैदान पर खिलाड़ियों की इस खामोशी को ईरानी सरकार और देश के कट्टरपंथियों के खिलाफ एक बड़े विरोध प्रदर्शन के रूप में देखा गया। इसके तुरंत बाद ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक कार्यक्रम में उद्घोषक ने इन महिला खिलाड़ियों को गद्दार करार दिया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई थी।
सात में से केवल दो खिलाड़ियों ने लिया शरण का फैसला
मैदान पर विरोध दर्ज कराने के बाद ऑस्ट्रेलिया में रह रहे ईरानी समुदाय के लोगों ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन पर उन्हें शरण देने का दबाव बनाया। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने शुरुआती दौर में ईरानी टीम की सात महिला सदस्यों को मानवीय वीजा की पेशकश की थी। हालांकि दबाव और धमकियों के बीच अन्य पांच महिला खिलाड़ी अपना फैसला बदलकर स्वदेश लौट गईं, जबकि 34 वर्षीया अतेफे रमजानीजादेह और 22 वर्षीया फातिमा पसंदीदेह ने ऑस्ट्रेलिया में ही रुकने का निर्णय लिया। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि ईरान लौटने वाली खिलाड़ियों पर उनके परिवारों की सुरक्षा की धमकियां देकर वापस आने के लिए दबाव बनाया गया था। वहीं दूसरी ओर ईरान के खेल मंत्रालय ने दावा किया था कि स्वदेश लौटी खिलाड़ियों ने अपनी राष्ट्रीय भावना और देशभक्ति के बल पर दुश्मनों के इरादों को नाकाम कर दिया है।
ब्रिसबेन में मिला नागरिकता का प्रमाण पत्र
बुधवार को आयोजित नागरिकता समारोह में ऑस्ट्रेलिया के आंतरिक मामलों के मंत्री टोनी बर्क स्वयं मौजूद रहे और उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को नागरिकता के आधिकारिक दस्तावेज सौंपे। समारोह के दौरान भावुक होते हुए फातिमा पसंदीदेह ने कहा कि यह पल उनके लिए शब्दों से परे है और वे ऑस्ट्रेलिया को अपना नया घर कहने में बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। वहीं अतेफे रमजानीजादेह ने अपने पुराने कठिन दिनों और चुनौतियों को याद करते हुए ऑस्ट्रेलियाई सरकार के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। दोनों महिला फुटबॉलर अब अपने खेल करियर को नए सिरे से संवारने की तैयारी कर रही हैं और वर्तमान में वे ए-लीग विमेंस की प्रमुख टीम ब्रिसबेन रोअर के साथ नियमित अभ्यास कर रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया की सख्त होती प्रवासन नीति के बीच मिला संरक्षण
इन दोनों एथलीटों को ऐसे समय में नागरिकता दी गई है जब ऑस्ट्रेलिया की सरकार देश में प्रवासन की दरों को घटाने के लिए कड़े नियमों का नया ढांचा लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। नए प्रस्तावित नियमों के तहत शरण चाहने वाले लोगों के काम करने के अधिकारों तथा अपील करने की प्रक्रियाओं को सीमित करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही पर्यटक वीजा पर आए लोगों के लिए पारिवारिक वीजा आवेदन पर रोक लगाने की योजना भी शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक विरोधी दल सरकार पर आव्रजन नियमों को और सख्त बनाने का दबाव बना रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ शरणार्थी अधिकार संगठनों ने वर्तमान नीतियों की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे सुरक्षा की उम्मीद में आने वाले शरणार्थियों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। ऐसे संवेदनशील माहौल के बीच इन दोनों ईरानी महिला खिलाड़ियों का नागरिक बनना मानवाधिकार और खेल जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।



















