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दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद नावी पिल्लई को मिला 2026 का शांति नोबेल, खाली हाथ रहे डोनाल्ड ट्रंपदुनिया
9 अक्तू॰ 2026, 3:12 pm (21 दिन पहले)· 0

दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद नावी पिल्लई को मिला 2026 का शांति नोबेल, खाली हाथ रहे डोनाल्ड ट्रंप

नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने भारतीय मूल की नावी पिल्लई को वर्ष 2026 के शांति नोबेल के लिए चुना है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा दरकिनार हो गया।

अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों की दिशा में लंबे समय तक काम करने वाली भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद नवनेथम नावी पिल्लई को वर्ष 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। नॉर्वेजियन नोबेल समिति की ओर से जोर्गेन वाट्ने फ्राइडनेस ने इस वैश्विक सम्मान की औपचारिक घोषणा की। समिति ने स्पष्ट किया कि शांति की स्थापना और वैश्विक कानूनी ढांचे को मजबूती देने के उनके प्रयासों को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है।

मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून में लंबा योगदान

नावी पिल्लई का करियर मानवाधिकारों की रक्षा और न्याय की बहाली के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने वर्ष 2008 से 2014 के दौरान संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के पद पर जिम्मेदारी संभाली थी। इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने वैश्विक स्तर पर शांति बहाली, मानवीय गरिमा की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के निष्पक्ष अनुपालन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। समिति ने उनके इसी वैश्विक योगदान को मान्यता देते हुए सर्वोच्च शांति सम्मान देने का निर्णय लिया।

डोनाल्ड ट्रंप के दावों को नहीं मिली जगह

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस घोषणा के बाद एक बार फिर निराशा का सामना करना पड़ा है। ट्रंप काफी समय से शांति का नोबेल पुरस्कार पाने की इच्छा जताते रहे थे। उनका तर्क रहा है कि उन्होंने कई देशों के बीच जारी सैन्य संघर्षों और युद्धों को रुकवाने में सीधी भूमिका निभाई है, इसलिए वे इस प्रतिष्ठित सम्मान के वास्तविक हकदार हैं। बहरहाल, नोबेल समिति ने उनके दावों पर विचार न करते हुए इस बार भी अपना ध्यान कानूनी संस्थागत प्रयासों और मानवाधिकार रक्षा से जुड़े कार्यों पर केंद्रित रखा।

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सवाल-जवाब

वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार किसे प्रदान किया गया है?
यह पुरस्कार भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद नवनेथम नावी पिल्लई को दिया गया है।
नोबेल समिति ने नावी पिल्लई को चुनने का क्या कारण बताया?
समिति ने शांति को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय कानून को सुदृढ़ करने के उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए उन्हें चुना है।
नावी पिल्लई ने संयुक्त राष्ट्र में किस महत्वपूर्ण पद पर कार्य किया था?
उन्होंने वर्ष 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के रूप में सेवाएं दी थीं।
पुरस्कार की आधिकारिक घोषणा किसने की?
पुरस्कार की घोषणा नॉर्वेजियन नोबेल समिति के जोर्गेन वाट्ने फ्राइडनेस ने की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस पुरस्कार के लिए क्या दावा कर रहे थे?
ट्रंप का दावा था कि उन्होंने कई देशों के बीच युद्ध रुकवाए हैं, इसलिए उन्हें शांति नोबेल मिलना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Li Wei@li-wei·19 दिन पहले

नावी पिल्लई को मानवाधिकारों के लिए यह सम्मान मिलना बिल्कुल सही फैसला है। ट्रंप का फिर से खाली हाथ रहना हैरान नहीं करता।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·19 दिन पहले

नावी पिल्लई का काम शानदार है, पर क्या सिर्फ मानवाधिकारों के दम पर दुनिया में शांति आ जाती है? कागजी फैसलों से जंग रुकती तो आज हालात कुछ और होते।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·19 दिन पहले

युकी, जोर्गेन वाट्ने फ्राइडनेस ने नाम की घोषणा की, पर ट्रंप का दिल टूटना तय था।

Arjun Mehta@arjun-mehta·19 दिन पहले

नावी पिल्लई को मानवाधिकारों के लिए यह सम्मान मिलना बिल्कुल सही फैसला है। ट्रंप का नोबेल जीतने का अरमान फिर से अधूरा रह गया, जो कि हैरान करने वाला बिल्कुल नहीं है।

Sophie Laurent@sophie-laurent·19 दिन पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा। ट्रंप का दिल टूटना तो तय ही था, लेकिन पिल्लई का काम वाकई इस सम्मान के काबिल है।

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