यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास के इलाकों में रात भर हुए विनाशकारी रूसी हवाई हमलों ने देश की रक्षा प्रणालियों की गंभीर कमजोरियों को उजागर कर दिया है। तड़के हुए इस हमले में रूसी सैन्य बलों ने 115 मानवरहित ड्रोन और 24 उच्च गति वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। हालांकि यूक्रेनी वायु रक्षा बलों ने अधिकांश ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया, लेकिन वे एक भी बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने में पूरी तरह विफल रहे। इस विफलता की मुख्य वजह रक्षात्मक मिसाइलों की भारी किल्लत है। इस व्यापक बमबारी में कुल 21 लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने पश्चिमी देशों से मिलने वाली सैन्य सहायता में हो रही देरी के गंभीर परिणामों को एक बार फिर सामने ला खड़ा किया है।
लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक बुनियादी ढांचे पर बड़ा हमला
रूस के इस नए हवाई हमले ने यूक्रेन के महत्वपूर्ण व्यापारिक और परिवहन केंद्रों को निशाना बनाया। हमले के दौरान ऑनलाइन रिटेलर्स के बड़े गोदामों, भंडारण सुविधाओं और डाक छंटाई केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचा है। कीव के पास स्थित क्वितनेवा के औद्योगिक क्षेत्र में मिसाइलें गिरने से कई व्यावसायिक इमारतें जलकर खाक हो गईं। हमले के कई घंटों बाद भी रेलवे ट्रैक के पास स्थित एक विशाल गोदाम से धुआं निकल रहा था, जबकि सड़क के दूसरी तरफ स्थित एक अन्य गोदाम में 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी भीषण आग लगी हुई थी। यह हमला आधी रात के तुरंत बाद बिना किसी चेतावनी के शुरू हुआ था, जो हाल के महीनों में कीव क्षेत्र पर हुए सबसे भीषण हमलों में से एक था।
क्वितनेवा रेलवे स्टेशन पर दर्दनाक मंजर और राहत कार्य
कीव के पास क्वितनेवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर हमले के बाद बेहद दर्दनाक दृश्य देखने को मिला। स्टेशन के क्षतिग्रस्त प्लेटफॉर्म पर 8 लोगों की मौत हो गई, जहां मृतकों के जूते, चश्मे और फटे हुए कपड़े बिखरे पड़े थे। सफेद बॉडी बैग में लपेटकर शवों को एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया। राहतकर्मियों के घटनास्थल से हटते ही तकनीकी टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला ताकि ओवरहेड बिजली की तारों की मरम्मत की जा सके और ट्रेन सेवाओं को बहाल किया जा सके। यूक्रेन के नागरिक पिछले साढे चार वर्षों के युद्ध के दौरान बुनियादी ढांचे की ऐसी त्वरित मरम्मत और मलबे की सफाई के अभ्यस्त हो चुके हैं।
रिहाइशी इलाके में तबाही और एक निवासी की आपबीती
मिसाइल हमलों का असर स्टेशन के पास बनी रिहाइशी बस्तियों पर भी पड़ा। स्थानीय निवासी एनास्टेसिया डडली और उनकी मां अपने तीन मंजिला मकान के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद बाल बाल बच गईं। रेलवे स्टेशन और गोदाम पर मिसाइलें गिरने से कुछ घंटे पहले ही उनके घर पर एक ड्रोन आ गिरा था। हमले के कारण उनके मकान की छत और तीसरी मंजिल पूरी तरह से उड़ गई। एनास्टेसिया ने बताया कि फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण आक्रमण की शुरुआत के बाद से बुधवार की रात उनके जीवन की सबसे खौफनाक रात थी। उन्होंने कहा कि उनका घर अब केवल दो मंजिलों का रह गया है और इसकी बची हुई दीवारें बेहद खतरनाक स्थिति में झुक चुकी हैं।
पैट्रियट मिसाइलों का गणित और सुरक्षा का संकट
यूक्रेन लंबे समय से रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को गिराने के लिए अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल प्रणालियों पर निर्भर रहा है। हालांकि पैट्रियट की लॉन्चिंग प्रणालियां यूक्रेन के पास मौजूद हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए आवश्यक इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। सैन्य मानकों के अनुसार एक बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट करने के लिए कम से कम दो पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा पैट्रियट प्रणाली की मारक क्षमता लगभग 160 किलोमीटर (99 मील) तक सीमित होती है, जिससे विशाल भूभाग की सुरक्षा के लिए इन्हें तैनात करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। दूसरी तरफ रूस हर बड़े हमले में औसतन 20 से 30 बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करता है, जिससे यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली पर अत्यधिक दबाव बन जाता है। पिछले सप्ताह भी 27 में से केवल 1 मिसाइल को ही गिराया जा सका था।
राष्ट्रपति जेलेंस्की की पश्चिमी सहयोगियों से गुहार
हमले के बाद राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा, "बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर आज मारे गए लोगों की जान बचा सकते थे।" उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्षात्मक हथियारों की आपूर्ति में देरी के कारण ही रूस को ऐसे घातक हमले करने का बढ़ावा मिल रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के नागरिकों की सुरक्षा सीधे तौर पर यूरोप और अमेरिका के फैसलों पर निर्भर करती है। उन्होंने इस मुद्दे पर नाटो प्रमुख मार्क रुटे से भी सीधी बातचीत की है और तत्काल इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति की मांग की है।
लॉन्चर्स पर मंडराया विनाश का खतरा
यूक्रेनी सैन्य विशेषज्ञ और पूर्व खुफिया अधिकारी इवान स्तूपक ने स्थिति का विश्लेषण करते हुए एक मिसाल दी। स्तूपक ने समझाया, "इमेजिन कीजिए कि आपके पास लेम्बोर्गिनी है लेकिन उसमें ईंधन नहीं है।" उनका कहना था कि यूक्रेन के पास दुनिया की सबसे बेहतरीन रक्षा प्रणाली गैराज में खड़ी कार की तरह है, जिसे बिना मिसाइलों के इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि मिसाइलों के बिना पैट्रियट प्रणालियां खुद रूसी हमलों का आसान निशाना बन सकती हैं। जब तक नई मिसाइलें नहीं मिलतीं, तब तक इन महंगे उपकरणों को छिपाकर या लगातार एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित करके बचाना होगा।



















