अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों के लिए एक नई वैश्विक यात्रा चेतावनी जारी की है और कहा है कि पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति इतनी अस्थिर हो चुकी है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच जारी सैन्य कार्रवाइयों के बीच कभी भी हालात अचानक बिगड़ सकते हैं।
परामर्श में क्या कहा गया
शनिवार (स्थानीय समयानुसार) जारी इस परामर्श में दुनियाभर में मौजूद अमेरिकियों से, खासकर पश्चिम एशिया में रह रहे लोगों से, सतर्क रहने और तेजी से बदलते सुरक्षा हालात पर नजर बनाए रखने को कहा गया है। परामर्श में लिखा गया, "मध्य पूर्व में बढ़े तनाव की वजह से सुरक्षा माहौल जटिल बना हुआ है और अचानक हालात बिगड़ने की आशंका है।" इसके साथ ही क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से ताजा खबरों पर नजर रखने और नजदीकी अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास की ओर से दी जाने वाली सुरक्षा सलाह का पालन करने को कहा गया। बयान में आगे कहा गया, "हम क्षेत्र में मौजूद अमेरिकियों को सतर्क रहने की जरूरत की याद दिलाते हैं और उन्हें ताजा घटनाक्रम पर नजर रखने की सलाह देते हैं। विदेश मंत्रालय दुनियाभर के अमेरिकियों को, खासकर मध्य पूर्व में मौजूद लोगों को, अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह देता है।"
उड़ानों और हवाई क्षेत्र पर पड़ सकता है असर
परामर्श में यह भी आगाह किया गया है कि क्षेत्रीय तनाव के चलते उड़ानें रद्द हो सकती हैं और समय-समय पर हवाई क्षेत्र भी बंद किए जा सकते हैं, क्योंकि लगातार बना हुआ तनाव विमानन गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है।
अमेरिकी ठिकानों पर हमले की आशंका
विदेश मंत्रालय ने अलग से चेतावनी दी कि मध्य पूर्व के बाहर स्थित अमेरिकी राजनयिक दफ्तर भी पहले निशाना बन चुके हैं और ईरान समर्थक गुट दुनिया में कहीं भी अमेरिकी हितों या अमेरिका तथा अमेरिकियों से जुड़े ठिकानों को निशाना बना सकते हैं। बयान में कहा गया, "मध्य पूर्व के बाहर स्थित अमेरिकी राजनयिक दफ्तर भी निशाना बन चुके हैं। ईरान समर्थक गुट दुनियाभर में अमेरिका के अन्य हितों या अमेरिका और अमेरिकियों से जुड़े ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।"
तनाव फिर से क्यों भड़का
यह ताजा चेतावनी ऐसे समय आई है जब ईरान और अमेरिका के रिश्ते पिछले महीने हुए 14-सूत्रीय समझौते (MoU) के टूटने के बाद फिर बिगड़ गए हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच तनातनी खत्म करने और आगे बातचीत का रास्ता खोलने के मकसद से किया गया था, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी समुद्री सुरक्षा को लेकर। समझौता टूटते ही पश्चिम एशिया में संघर्ष फिर भड़क उठा। अमेरिका ने ईरान के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में फैले अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया।




















