वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच गहराते तनाव के माहौल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक रुख बदलते हुए ईरान पर नए सैन्य हमलों की योजना को फिलहाल टालने की घोषणा कर दी है। हैरान करने वाली बात यह रही कि यह घोषणा उन्होंने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान और बमबारी की धमकी देने के महज कुछ घंटों के भीतर कर दी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर डाली गई एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने नए हमलों को रोकने का फैसला इसलिए किया क्योंकि ईरान के साथ बातचीत अब उसके सर्वोच्च नेतृत्व के स्तर तक पहुंच गई है और वहां से इसे हरी झंडी भी मिल चुकी है।
'समाधान की दिशा में अहम प्रगति का दावा'
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका, इजरायल और क्षेत्र के सहयोगी देशों के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाने तथा इस संकट का हल निकालने को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई ब्योरा साझा नहीं किया। राष्ट्रपति ने दावा किया कि समझौते से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सैद्धांतिक रूप से और विस्तार से सहमति बन चुकी है। गौरतलब है कि बीते कुछ हफ्तों के दौरान भी वह बार-बार यह कहते रहे हैं कि समझौता बेहद करीब है, मगर इसका कोई ठोस परिणाम अब तक सामने नहीं आ सका है।
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को हुआ संघर्षविराम पहले ही टूट चुका है और दोनों देश एक-दूसरे के ठिकानों पर लगातार वार कर रहे हैं। गुरुवार को ईरान ने अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों पर हमला बोला। ईरान का कहना है कि उसने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिका के 5 सैन्य अड्डों पर तगड़े हमले किए हैं। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इन हमलों में अमेरिका के दो विमान तबाह हो गए, वहीं जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस का हैंगर भी नष्ट हो गया।
अमेरिका के 3 एफ-16 लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त
दूसरी ओर अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों में दावा किया गया कि इस हमले के दौरान हैंगर में खड़े अमेरिका के 3 एफ-16 लड़ाकू विमान भी या तो क्षतिग्रस्त हुए या पूरी तरह नष्ट हो गए। ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को भी निशाना बनाने का दावा किया है। इतना ही नहीं, कुवैत में मौजूद अमेरिका के 2 सैन्य अड्डों को भी नुकसान पहुंचाए जाने की बात कही गई है। ईरानी सेना ने इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन से हमला करने का भी दावा किया है।
कुछ ही घंटों में बदल गए ट्रंप के तेवर
उल्लेखनीय है कि महज कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने कहा था कि वह अब ईरान को और मोहलत नहीं देंगे और अमेरिकी सेना को दोबारा बमबारी शुरू करने का आदेश दे दिया गया है। उन्होंने यह भी इशारा किया था कि अमेरिकी सेना ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद अहम खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकती है। ट्रंप का कहना था कि पाकिस्तान की मध्यस्थता और अनुरोध पर उन्होंने ईरान को समझौते का अवसर दिया था, लेकिन 'जिद्दी' ईरानी नेतृत्व के चलते यह समझौता आगे नहीं बढ़ सका।













