बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ बनी देवघर के किसानों का वरदान, फूलों की खेती से बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्थासुबह के नाश्ते को बनाएं सेहतमंद, ट्राई करें ओट्स से बनने वाले ये 5 झटपट और स्वादिष्ट व्यंजनघर पर बनाएं जमशेदपुर जैसी चटपटी पापड़ी चाट, जानें कुरकुरी पापड़ी और चटनियों की आसान रेसिपीरायपुर में IGKV पेपर लीक का खुलासा: एंडोस्कोपी कैमरे से चुराए गए सवाल, प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तारदिल्ली के निहाल विहार में घरेलू क्लेश के बाद एडोब इंजीनियर की पीट-पीटकर हत्या, ससुराल पक्ष के 4 हिरासत मेंबाड़मेर की इंदिरा कॉलोनी में 21 वर्षीय वैशाली ने की खुदकुशी, पुलिस को प्रेम प्रसंग का संदेहमेघालय के खासी और जयंतिया हिल्स में रातभर उपद्रव, सरकारी वाहनों और पुलिस स्टेशन पर पेट्रोल बम से हमला2029 के लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस का बड़ा दांव, जेन जी वोटरों को लुभाने में जुटे पीएम मोदी और राहुल गांधीबार काउंसिल में मचा बवाल, को-चेयरमैन ने मनन कुमार मिश्रा पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगा मांगा इस्तीफाआर्थिक तंगी को पछाड़ बिहार के मोहम्मद अयान ने नीट यूजी में पाई 2695वीं रैंक, बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर की तैयारी
अरुणाचल प्रदेश के हर घर तक पहुंची बिजली और नल का पानी, मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने साझा किए आंकड़ेअरुणाचल प्रदेश
22 अग॰ 2026, 1:23 pm (2 घंटे पहले)· 1

अरुणाचल प्रदेश के हर घर तक पहुंची बिजली और नल का पानी, मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने साझा किए आंकड़े

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने घोषणा की है कि अरुणाचल प्रदेश ने पिछले 10 वर्षों में सभी घरों तक बिजली और नल का साफ पानी पहुंचाकर 100 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल कर लिया है।

एक दशक लंबे बुनियादी ढांचे के विस्तार के बाद अरुणाचल प्रदेश के हर घर तक बिजली और नल का कार्यात्मक पानी पहुंच गया है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शनिवार को इस उपलब्धि का विवरण साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब पूर्वोत्तर राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

बिजली कनेक्शन में एक दशक का बड़ा बदलाव

राज्य की प्रगति के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने वर्ष 2016 के बाद से बिजली नेटवर्क के व्यापक विस्तार को रेखांकित किया। एक दशक पहले अरुणाचल प्रदेश में केवल 1.48 लाख घरों तक बिजली उपलब्ध थी, जो उस समय के कुल आवासीय ढांचों का महज 49 प्रतिशत हिस्सा था।

वर्ष 2026 तक बिजली कनेक्शन वाले घरों की संख्या बढ़कर 3.02 लाख तक पहुंच गई है। चरणबद्ध तरीके से किए गए इस विस्तार ने राज्य की घरेलू विद्युतीकरण दर को पूरे 100 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है, जिससे दूर-दराज के जनजातीय क्षेत्रों और सीमावर्ती गांवों में प्रकाश पहुंच चुका है।

हर घर जल योजना से नल के पानी की अभूतपूर्व वृद्धि

पेयजल उपलब्धता के क्षेत्र में पिछले दस वर्षों के दौरान और भी अधिक तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2016 में राज्य में केवल 22,796 घरों में ही नल का कार्यात्मक पानी उपलब्ध था, जो कुल आबादी का मात्र 9.9 प्रतिशत कवरेज था।

मुख्यमंत्री ने X पर लिखा कि वर्ष 2026 तक नल के पानी से युक्त घरों की संख्या बढ़कर 2,28,566 हो गई है। यह नल के पानी के बुनियादी ढांचे में 903 प्रतिशत की विशाल वृद्धि को दर्शाता है, जिससे राज्य स्तर पर 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल हुआ है। खांडू ने अपनी पोस्ट में कहा कि बीते 10 वर्षों में अरुणाचल प्रदेश ने बिजली और पीने के पानी जैसी दो बुनियादी जरूरतों के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री को सौंपी गई 10-वर्षीय प्रगति रिपोर्ट

पानी और बिजली के आंकड़ों के अलावा, मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अरुणाचल प्रदेश की 10 साल की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट भी सौंपी। इस रिपोर्ट में पूरे राज्य में एक दशक के दौरान हुए बड़े बदलावों का खाका पेश किया गया है, जिसमें क्षेत्रीय परिवहन कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और पृथक सीमावर्ती क्षेत्रों के रणनीतिक एकीकरण के महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं।

प्रगति रिपोर्ट में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में वृद्धि के साथ-साथ प्रति व्यक्ति आय में हुए सुधार के स्पष्ट आर्थिक संकेत दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त रिपोर्ट में राज्य के अपने राजस्व सृजन में उल्लेखनीय वृद्धि और राज्य के बजट के अधिक कुशल उपयोग पर जोर दिया गया है, जो दीर्घकालिक वित्तीय स्थिति को मजबूती प्रदान करता है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

अरुणाचल प्रदेश ने बुनियादी सुविधाओं को लेकर क्या घोषणा की है?
अरुणाचल प्रदेश ने राज्य भर के सभी घरों में 100 प्रतिशत बिजली और नल का पानी पहुंचाने की उपलब्धि हासिल करने की घोषणा की है।
अरुणाचल प्रदेश में 2016 के बाद से घरेलू विद्युतीकरण में कितनी वृद्धि हुई है?
बिजली कनेक्शन वाले घर 2016 में 1.48 लाख (49 प्रतिशत) से बढ़कर 2026 में 3.02 लाख घर (100 प्रतिशत) हो गए हैं।
राज्य में नल के पानी के कवरेज में कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है?
नल का पानी पाने वाले घर 2016 में 22,796 (9.9 प्रतिशत) से बढ़कर 2026 में 2,28,566 घर हो गए हैं, जो 903 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है।
अरुणाचल प्रदेश की 10 साल की प्रगति रिपोर्ट किसे सौंपी गई?
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने एक दशक की यह प्रगति रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को प्रस्तुत की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·24 मिनट पहले

अरुणाचल प्रदेश जैसे भौगोलिक रूप से दुर्गम और पर्वतीय सीमावर्ती राज्य में एक दशक के भीतर बिजली और नल के पानी का शत-प्रतिशत कवरेज हासिल करना एक बड़ा प्रशासनिक मील का पत्थर है। मात्र 9.9 प्रतिशत से सीधे पूर्ण लक्ष्य तक पहुंचना यह दर्शाता है कि केंद्र और राज्य के सहयोगात्मक समन्वय से दूर-दराज के जनजातीय क्षेत्रों में भी बुनियादी बदलाव संभव है। अब असली चुनौती इन परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक रखरखाव और दूरदराज के गांवों में निरंतर आपूर्ति बनाए रखने की होगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·24 मिनट पहले

इस भू-राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील और सीमावर्ती राज्य में शत-प्रतिशत बुनियादी सुविधाओं का विस्तार केवल प्रशासनिक सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन का एक मजबूत स्तंभ भी है। जब दूर-दराज के जनजातीय गांवों में बिजली और स्वच्छ जल जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी होती हैं, तो इससे सीमावर्ती बस्तियों से होने वाला पलायन रुकता है और स्थानीय आबादी का जुड़ाव मुख्यधारा से और अधिक मजबूत होता है। हालांकि, भविष्य में इन क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और मौसमी आपदाओं के बीच आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखना सबसे बड़ी कसौटी होगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR