अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों में आवागमन को सुगम बनाने के मकसद से मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मंगलवार को बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन यानी बीआरओ के प्रोजेक्ट ब्रह्मांक की समीक्षा की। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के विस्तार और सामरिक बुनियादी ढांचे के निर्माण को गति देने पर मुख्य जोर दिया गया।
सियांग घाटी में बुनियादी ढांचे और संपर्क मार्गों पर मंथन
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रोजेक्ट ब्रह्मांक के चीफ इंजीनियर कार्यालय का दौरा किया। वहां उन्होंने चीफ इंजीनियर पंकज गोयल के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में विशेष रूप से सियांग घाटी के संपूर्ण इलाके में संपर्क तंत्र को बेहतर बनाने और सड़कों के चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया गया। चीफ इंजीनियर पंकज गोयल ने मुख्यमंत्री को विभिन्न चालू परियोजनाओं, दूरदराज के इलाकों में रणनीतिक सड़कों के रखरखाव और नए सड़क संपर्कों की स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान यह रेखांकित किया गया कि मजबूत संपर्क मार्ग सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास को रफ्तार देने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान बीआरओ की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण सुरक्षा और जवानों के कल्याण से जुड़े कदमों की जानकारी भी दी गई। इनमें 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम और पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां शामिल रहीं। इस दौरे के मौके पर मुख्यमंत्री ने एक पौधा भी लगाया, जिससे संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को बल मिला।
पर्यटन क्षमता और आपसी समन्वय को बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान कर्नल आशीष रायसिंघानी ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू को एक पुस्तक भेंट की, जिसमें अरुणाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, पर्वतीय दृश्यों, अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों और पर्यटन विकास के नए अवसरों को संजोया गया है। इस पूरे दौरे का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे के विकास, रणनीतिक पहुंच और साझा प्राथमिकताओं के मुद्दों पर राज्य प्रशासन और बीआरओ के बीच तालमेल को और सुदृढ़ करना था। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट ब्रह्मांक के अधिकारियों और जवानों से संवाद किया तथा अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।





















