अरुणाचल प्रदेश के तवांग में होने वाले 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट (ITM) को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य के पर्यटन मंत्री पासांग दोरजी सोना ने सोमवार को एक अहम समीक्षा बैठक की, जिसमें आगामी आयोजन की रूपरेखा और व्यवस्थाओं की विस्तृत पड़ताल की गई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और हितधारकों से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया, ताकि राज्य के समृद्ध पर्यटन, विविध संस्कृति और पारंपारिक आतिथ्य को वैश्विक स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।
साझेदारी में बड़ा आयोजन और तिथियां
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और अरुणाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट 27 अक्टूबर से शुरू होकर 1 नवंबर तक चलेगा। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ-साथ राज्य पर्यटन विभाग के अधिकारी और तवांग तथा पश्चिम कामेंग जिलों के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु आयोजन को निर्बाध और भव्य रूप देना रहा।
समग्र अतिथि अनुभव और बुनियादी व्यवस्थाओं पर जोर
तैयारियों का जायजा लेते हुए मंत्री पासांग दोरजी सोना ने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों को पूरी तैयारी रखनी होगी ताकि दुनिया के सामने राज्य की श्रेष्ठ छवि रखी जा सके। उन्होंने कहा, “हमें अपने अतिथियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा और दुनिया के सामने राज्य की सर्वश्रेष्ठ छवि पेश करनी होगी।” उन्होंने जोर दिया कि आयोजन की तैयारियां केवल मुख्य कार्यक्रम स्थल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें आगंतुकों के समग्र अनुभव का विशेष ख्याल रखा जाना चाहिए। इसके तहत प्रतिनिधियों के ठहरने की व्यवस्था, स्थानीय परिवहन, रसद, प्रोटोकॉल और आतिथ्य सत्कार से जुड़े हर पहलू पर सूक्ष्मता से ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
वैश्विक भागीदारी और पूर्वोत्तर की क्षमता का प्रदर्शन
इस वृहद आयोजन में लगभग 20 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों के आगमन को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे मेहमान न केवल इस कार्यक्रम का अनुभव करें, बल्कि अरुणाचल प्रदेश की गर्मजोशी, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता को भी करीब से महसूस करें।” अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का मूल उद्देश्य देश-विदेश के दर्शकों के सामने पूर्वोत्तर भारत की विशाल पर्यटन संभावनाओं को प्रदर्शित करना है। यह मंच घरेलू और वैश्विक पर्यटन कारोबारियों, टूर ऑपरेटरों, खरीदारों, विक्रेताओं, मीडिया कर्मियों और सरकारी एजेंसियों को एक साथ एक मंच पर लाने का कार्य करता है।
तवांग की समृद्ध धरोहर को वैश्विक पहचान
यह आयोजन सीमांत जिले तवांग के लिए खास रणनीतिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। इसके जरिए जिले के मनोहारी पर्वतीय परिदृश्य, बौद्ध विरासत और जीवंत मोनपा संस्कृति को दुनिया भर से आने वाले आगंतुकों के सामने उजागर करने का अवसर मिलेगा। तवांग अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक स्थलों के लिए विख्यात है, जिसमें प्रसिद्ध तवांग मठ, सेला दर्रा, नूरानांग जलप्रपात और ऊंचाई पर स्थित सुरम्य झीलें शामिल हैं। प्रशासन इन सभी प्राकृतिक और सांस्कृतिक आकर्षणों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के सामने नए आयाम के रूप में स्थापित करने की रूपरेखा बना रहा है।




















