कनाडा में भारत के पूर्व उच्चायुक्त रह चुके संजय कुमार वर्मा ने भारत-कनाडा के रिश्तों को छोटी-मोटी घटनाओं से बचाने के लिए दो नई संस्थागत व्यवस्थाओं का सुझाव दिया है, साथ ही कहा है कि दोनों देशों के संबंध अब सामान्य होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। 18 जुलाई को पटना, बिहार में बातचीत के दौरान वर्मा ने कहा कि लगातार संवाद बनाए रखना ही छोटी तनातनी को बड़े कूटनीतिक विवाद में बदलने से रोकता है। उन्होंने कहा, "जब भी बातचीत में तनाव आता है और दोनों पक्ष एक-दूसरे से बात करना बंद कर देते हैं, तो अच्छे से अच्छे रिश्ते भी बिगड़ जाते हैं।"
रिश्तों के लिए दो सुरक्षा कवच
वर्मा का पहला सुझाव है "रिंग-फेंसिंग"। मतलब साफ है, भारत और कनाडा के बीच बुनियादी रिश्तों के इर्द-गिर्द एक सीमा-रेखा खींची जाए, ताकि इससे बाहर की घटनाएं बिना पहले बातचीत किए सीधे रिश्तों पर असर न डाल सकें। उनका दूसरा सुझाव है "एडवांस वॉर्निंग सिस्टम" यानी एक स्थायी संस्थागत माध्यम, जिसके जरिए नई दिल्ली और ओटावा किसी उभरते विवाद को समय रहते एक-दूसरे के सामने रख सकें, इससे पहले कि वह सार्वजनिक टकराव बन जाए। वर्मा के मुताबिक अगर ये दोनों व्यवस्थाएं लागू हो जाएं, तो दोनों देश रोजमर्रा के द्विपक्षीय मामलों को बाकी घटनाओं से काफी हद तक अलग रख सकेंगे, जिससे रिश्ते बार-बार पटरी से उतरने के बजाय नए क्षेत्रों में आगे बढ़ते रहेंगे।
हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड पर वर्मा का जवाब
वर्मा ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद पैदा हुए कूटनीतिक गतिरोध पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध का पूरी तरह विरोधी है और उन सभी वैश्विक मंचों का सदस्य है जहां ऐसे अपराधों पर चर्चा होती है। उनके मुताबिक भारत हमेशा से यही कहता आया है कि इस तरह की गतिविधियों में उसकी कोई भूमिका नहीं है, और जब भी कानूनी रूप से भरोसेमंद सबूत सामने रखे गए, भारत ने कभी सहयोग से इनकार नहीं किया। उनकी शिकायत यह थी कि गढ़ी हुई कहानियों की जांच में समय और संसाधन बर्बाद होते हैं, जबकि भारत एक ऐसा देश है जो कानून के राज पर चलता है, न कि बिना पुष्टि वाले आरोपों पर।
नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा के बाद बढ़ा भरोसा
रिश्तों की मौजूदा हालत पर वर्मा ने माना कि पहले भरोसे की कमी थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले साल कनाडा यात्रा के बाद हालात में काफी सुधार आया है। उनका कहना था कि आज दोनों पक्षों के बीच भरोसे का स्तर उस वक्त से कहीं बेहतर है, जब वे और उनके साथी राजनयिक भारत लौटे थे। वर्मा ने इसी बढ़े हुए भरोसे को इस बात का सबसे बड़ा सबूत बताया कि रिश्ते निचले स्तर से कितनी दूर आ चुके हैं।
ऑपरेशन हार्ड बॉल और बिश्नोई-ब्रार पर आरोप
वर्मा ने अमेरिका के नेतृत्व वाले "ऑपरेशन हार्ड बॉल" अभियान का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय अपराध गिरोहों के खिलाफ इस सीमा-पार जांच में भारत ने अमेरिका, कनाडा और कई यूरोपीय देशों के साथ पूरा सहयोग किया है। उन्होंने भारत पर सहयोग न करने के आरोपों को बेबुनियाद और गलत बताया। अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के मुताबिक ऑपरेशन हार्ड बॉल दरअसल एफबीआई की सालों लंबी जांच का नतीजा है, जिसमें भारतीय अपराध नेटवर्क पर जबरन वसूली, सुनियोजित हत्याओं, गोलीबारी, रंगदारी और सीमाओं के पार बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी जैसे आरोप हैं, और इसका असर खासतौर पर भारतीय प्रवासी समुदाय पर पड़ता बताया गया है। इसके अलावा अमेरिकी न्याय विभाग ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार पर जून 2023 में सरे, ब्रिटिश कोलंबिया में निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है, साथ ही ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत सीमा-पार संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े कुल 37 आरोपियों पर मामला दर्ज किया है।





















