बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल होने के कुछ ही घंटों के भीतर पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेट कप्तान और पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के आवास को निशाना बनाया गया है। बुधवार देर रात अज्ञात उपद्रवियों ने मागुरा स्थित उनके पैतृक घर में आग लगाने का प्रयास किया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली से प्रसारित अपने विशेष संबोधन में आगामी दिसंबर महीने में स्वदेश लौटने और देश को पुनः सही मार्ग पर लाने की घोषणा की है।
मागुरा स्थित आवास पर देर रात आगजनी की कोशिश
स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, आगजनी की यह आपराधिक कोशिश बुधवार रात मागुरा इलाके में स्थित शाकिब अल हसन के मकान पर हुई। शाकिब अल हसन बांग्लादेश की राष्ट्रीय संसद में मागुरा-1 निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व सांसद हैं। देर रात कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने उनके मकान परिसर को आग के हवाले करने की मंशा से हमला किया। राहत की बात यह रही कि समय रहते सतर्कता बरते जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया। यह पूरी वारदात शाकिब अल हसन द्वारा उस मीडिया सम्मेलन में डिजिटल माध्यम से भाग लेने के ठीक बाद घटी, जिसे बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संबोधित किया था।
नई दिल्ली का वर्चुअल कार्यक्रम और शेख हसीना का संबोधन
शाकिब अल हसन जिस कार्यक्रम से जुड़े थे, उसका आयोजन भारत की राजधानी नई दिल्ली में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राजनीतिक प्रतिनिधियों, मीडियाकर्मियों और समर्थकों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया था। इस अंतरराष्ट्रीय मंच को संबोधित करते हुए शेख हसीना ने बांग्लादेश के वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की कि वह दिसंबर माह में बांग्लादेश वापस लौटने और देश को सही राह पर लाने के लिए पूरी तरह से संकल्पबद्ध हैं। अपने वक्तव्य के दौरान उन्होंने कहा,
"मुझे पता है, वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मेरी जान ले सकते हैं, लेकिन मैं अपने लोगों के साथ रहने के लिए घर वापस जाऊंगी।"
विरोध प्रदर्शनों और हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए शाकिब
उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के सत्ता से बेदखल होने और तख्तापलट के बाद व्यापक पैमाने पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान हुए भीषण उपद्रव और हिंसक संघर्षों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। हिंसा के इन मामलों की जांच के क्रम में शाकिब अल हसन का नाम भी प्राथमिकी में आरोपी के तौर पर दर्ज किया गया था। अगस्त माह की शुरुआत में हुए हिंसक घटनाक्रम के सिलसिले में दर्ज एक हत्या के मामले में कुल 147 व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया था। इस सूची में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, आवामी लीग पार्टी के कई पूर्व मंत्रियों और पूर्व सांसदों के साथ-साथ क्रिकेट कप्तान शाकिब अल हसन का नाम भी शामिल किया गया था।
5 अगस्त की हिंसा के दौरान देश से बाहर थे शाकिब
कानूनी मामले दर्ज होने के बावजूद, जांच से जुड़े तथ्यों में यह बात विशेष रूप से रेखांकित की गई थी कि 5 अगस्त को जब बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन अपने चरम पर थे और भारी उथल-पुथल मची हुई थी, तब शाकिब अल हसन देश में मौजूद नहीं थे। वह उस संपूर्ण अवधि के दौरान बांग्लादेश से बाहर प्रवास पर थे। इसके बावजूद नई सरकार के गठन के बाद दर्ज प्राथमिकियों में उनका नाम शामिल किया गया। अब नई दिल्ली के कार्यक्रम में उनकी भागीदारी के तुरंत बाद मागुरा-1 स्थित उनके घर पर हुए इस हमले ने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत छानबीन कर रही है और आरोपियों की पहचान में जुटी है।



















