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असम के कामरूप में 18 वन निवासियों को सौंपे गए वन अधिकार पट्टेअसम
2 अक्तू॰ 2026, 9:34 pm (2 घंटे पहले)· 0

असम के कामरूप में 18 वन निवासियों को सौंपे गए वन अधिकार पट्टे

कामरूप जिले के अमीनगांव में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत सिंगरा वन रेंज की तीन समितियों के 18 पात्र लाभार्थियों को जमीन के मालिकाना हक पत्र दिए गए।

असम के कामरूप जिले में पारंपरिक वन निवासियों के भूमि अधिकारों को कानूनी मान्यता देने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक विशेष अभियान के दौरान वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत 18 पात्र वनवासियों को औपचारिक रूप से वन अधिकार पट्टे वितरित किए गए। यह वितरण समारोह अमीनगांव स्थित जिला उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

तीन वन अधिकार समितियों के लाभार्थियों को मिला हक

इस विशेष अभियान में दिए गए 18 पट्टे सिंगरा वन रेंज के अधिकार क्षेत्र में आने वाली तीन अलग-अलग वन अधिकार समितियों के सदस्यों को प्रदान किए गए हैं। कुल वितरित दस्तावेजों में से सर्वाधिक 10 अधिकार पत्र गोहालकोना-बुराकुरी वन अधिकार समिति के अंतर्गत आने वाले निवासियों को मिले। इसके अलावा, सिजुबारी वन अधिकार समिति से जुड़े पांच लाभार्थियों को और भोगदाबारी वन अधिकार समिति के तीन पात्र व्यक्तियों को यह कानूनी दस्तावेज सौंपे गए। इन दस्तावेजों के मिलने से वर्षों से जंगलों में रह रहे इन परिवारों को अपनी जमीन पर वैधानिक सुरक्षा मिल गई है।

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जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में वितरण

इस आधिकारिक दस्तावेज वितरण कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख विधायकों ने हिस्सा लिया और लाभार्थियों को अपने हाथों से पट्टे सौंपे। इनमें बोको-छायगांव के विधायक राजू मेश, हाजो-सुआलकुची के विधायक प्रकाश चंद्र दास और कमलपुर के विधायक दिगंत कलिता प्रमुख रहे। यह पूरी प्रक्रिया कामरूप के जिला उपायुक्त देबा कुमार मिश्रा की देखरेख में पूरी की गई। इस कदम का मुख्य उद्देश्य वन अधिकार अधिनियम, 2006 के वैधानिक प्रावधानों के अनुसार योग्य वन निवासियों की पहचान कर उन्हें भूमि पर अधिकार प्रदान करना है।

प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

समारोह में जिला प्रशासन और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें डीडीसी गर्ग मोहन दास, एडीसी प्रंजीत देब, एडीसी आदित्य गोगोई, एडीसी बिस्वजीत सैकिया और कामरूप पश्चिम संभाग के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) एडीसी देबाशीष गोस्वामी शामिल हुए। इनके साथ विभिन्न वन अधिकार समितियों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। प्रशासन के अनुसार, वन आश्रित समुदायों के भूमि अधिकारों को सुरक्षित करने की यह पहल सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के साथ-साथ समावेशी विकास की गति को तेज करेगी।

सवाल-जवाब

कामरूप में कितने लाभार्थियों को वन अधिकार पट्टे दिए गए हैं?
इस विशेष अभियान के दौरान कुल 18 पात्र लाभार्थियों को वन अधिकार पट्टे वितरित किए गए हैं।
यह वितरण किस कानून के तहत किया गया है?
यह वितरण वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत संपन्न हुआ है।
कामरूप की किन वन अधिकार समितियों को ये पट्टे मिले हैं?
ये पट्टे गोहालकोना-बुराकुरी समिति के 10, सिजुबारी समिति के 5 और भोगदाबारी समिति के 3 लाभार्थियों को दिए गए हैं।
पट्टा वितरण समारोह का आयोजन कहां हुआ था?
यह कार्यक्रम अमीनगांव स्थित जिला उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में आयोजित किया गया था।
समारोह में कौन से प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित थे?
कार्यक्रम में बोको-छायगांव के विधायक राजू मेश, हाजो-सुआलकुची के विधायक प्रकाश चंद्र दास और कमलपुर के विधायक दिगंत कलिता शामिल थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·52 मिनट पहले

सालों से जमीन के लिए भटक रहे इन परिवारों को आखिरकार अपना हक मिल गया, यह देखकर अच्छा लगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·51 मिनट पहले

करण, बात तो सही है आपकी, पर सिर्फ 18 लोगों को पट्टे मिलने से सालों से भटक रहे बाकी परिवारों का क्या होगा?

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