असम के बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र में शांति स्थापना और चहुंमुखी विकास के लक्ष्यों को गति देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हाग्रामा मोहिलरी के नेतृत्व वाली बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा होने पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर मिलकर काम कर रही व्यवस्था की बदौलत यह इलाका प्रगति की राह पर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
प्रशासनिक तालमेल और विकास की गति
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि दिल्ली, दिसपुर और कोकराझार की साझा व्यवस्था क्षेत्रीय तरक्की को नई ऊंचाई दे रही है। उन्होंने हाग्रामा मोहिलरी की अगुवाई वाले प्रशासन को जनता की सेवा में एक वर्ष पूरा करने पर बधाई दी। सरमा के अनुसार, जब तीनों स्तरों पर सरकारें एक ही दिशा में काम करती हैं, तो विकास कार्यों में आने वाली प्रशासनिक अड़चनें दूर होती हैं और बुनियादी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलती है।
बोडो शांति समझौते का क्रियान्वयन
क्षेत्रीय स्थिरता का आधार बने बोडो शांति समझौते को लेकर मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समझौते के हर एक बिंदु को जमीन पर उतारा जा रहा है। इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य इलाके में स्थायी अमन कायम रखना और दशकों से प्रभावित रहे समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ना है। जब समझौते की शर्तों को पूरी निष्ठा से लागू किया जाता है, तो कानून व्यवस्था सुदृढ़ होती है और आम नागरिक सुरक्षित माहौल में जीवन यापन कर पाते हैं।
कल्याणकारी योजनाओं का जमीनी विस्तार
राज्य सरकार की प्रमुख सामाजिक योजनाओं को बोडोलैंड क्षेत्र के चारों जिलों कोकराझार, चिरांग, बाक्सा और तामुलपुर में पूरी क्षमता से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ओरुनोदोई योजना, मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान, मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान और मुफ्त राशन वितरण जैसी व्यवस्थाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जा रही हैं। इन योजनाओं से महिलाओं, युवाओं और छोटे कारोबारियों को सीधी आर्थिक मदद मिल रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
एक हजार करोड़ रुपये का बुनियादी ढांचा पैकेज
यातायात और कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए असम सरकार ने इलाके के लिए एक हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया है। इस राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से सड़कों के नेटवर्क को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा। बेहतर सड़कें न केवल स्थानीय लोगों के आवागमन को सुगम बनाती हैं, बल्कि कृषि और व्यापारिक उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स केंद्र बनाने की तैयारी
सड़क नेटवर्क के विस्तार के साथ ही इस पूरे इलाके को विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। रणनीतिक स्थिति और बेहतर आधारभूत ढांचे के दम पर यहां नई औद्योगिक इकाइयों और भंडारण केंद्रों को आकर्षित करने का लक्ष्य है। यदि यह योजना सफल रहती है, तो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और निजी निवेश के जरिए पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है।



















