पूर्वोत्तर में नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों को शुक्रवार को एक ही दिन में बड़ी कामयाबी मिली। मणिपुर के जिरीबाम और असम के श्रीभूमि जिलों में हुई कार्रवाई में करीब 82.5 करोड़ रुपये कीमत के नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जबकि इंफाल पूर्व में हथियारों की बरामदगी के साथ एक चरमपंथी संगठन से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।
सेना की स्पीयर कोर के तहत काम कर रही असम राइफल्स की टुकड़ियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और राज्य पुलिस के साथ मिलकर यह संयुक्त अभियान चलाया। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस कार्रवाई में 10.891 किलोग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 80 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा करीब 14,000 याबा टैबलेट भी जब्त की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 2.5 करोड़ रुपये है। इन दोनों बरामदगियों के सिलसिले में छह लोगों को पकड़ा गया।
स्पीयर कोर की ओर से कहा गया कि यह कार्रवाई अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल का नतीजा है और इसका मकसद पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय तस्करी नेटवर्क तथा नशीले पदार्थों की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले अवैध रास्तों को तोड़ना है।
इंफाल पूर्व में हथियार बरामदगी, तीन गिरफ्तार
एक अलग अभियान में इंफाल पूर्व जिले में असम राइफल्स के जवानों और मणिपुर पुलिस ने खुफिया सूचना पर आधारित तलाशी के दौरान छह हथियार बरामद किए। इसके बाद कीशामपत और चरंगपत इलाकों में हुई अगली कार्रवाई में यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (कोइरेंग), यानी यूएनएलएफ (के) के तीन कथित सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया गया। सेना के मुताबिक इन तीनों पर एक जबरन वसूली नेटवर्क से जुड़े होने का शक है। सुरक्षा बलों ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई राज्य में सक्रिय अवैध हथियार और जबरन वसूली के नेटवर्क को खत्म करने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।
कमजोर पड़े उग्रवादी गुटों की फिर से खड़े होने की कोशिश
एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जो उग्रवादी संगठन आतंकवाद-रोधी कार्रवाइयों के दौरान कमजोर पड़ चुके थे, वे अब जबरन वसूली और नई भर्तियों जैसी गतिविधियों के जरिए दोबारा संगठित होने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारी ने यह भी बताया कि म्यांमार सीमा के पार से आने वाले नशीले पदार्थ ऐसे नेटवर्क के लिए फंडिंग का एक बड़ा जरिया बने हुए हैं। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार ब्राउन शुगर और याबा जैसे नशीले पदार्थ अक्सर म्यांमार से तस्करी करके लाए जाते हैं, जहां पूर्वोत्तर से जुड़े कई उग्रवादी गुटों के ठिकाने मौजूद हैं।
'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत सख्ती
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर लगाम कसने पर जोर दे रही है, और इसी क्रम में एजेंसियों को तस्करी नेटवर्क के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की बरामदगी मणिपुर में शांति बहाली के प्रयासों का अहम हिस्सा है, ताकि आपराधिक और उग्रवादी नेटवर्क को जमीन न मिल सके। सेना और असम राइफल्स से पूर्वोत्तर क्षेत्र में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की आवाजाही रोकने के लिए नागरिक प्रशासन को सहयोग जारी रखने की उम्मीद है।





















