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मछली पालन में दोगुना उत्पादन, सरकार दे रही है 50 से 60 प्रतिशत सब्सिडीबेनिफिट्स
19 जून 2026, 9:08 am (40 दिन पहले)· 4

मछली पालन में दोगुना उत्पादन, सरकार दे रही है 50 से 60 प्रतिशत सब्सिडी

मत्स्य विभाग की नई योजना के तहत High Density Culture अपनाने वाले मत्स्य पालकों को ₹50,000 के एरेशन सिस्टम पर 50 से 60 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। आवेदन की अंतिम तिथि 28 जून है।

मत्स्य अधिकारी Vinod Verma ने TrendKia से बात करते हुए बताया कि जिले में अधिकांश मत्स्य पालक अभी भी पुरानी पद्धतियों पर निर्भर हैं। इस परंपरागत विधि में एक एकड़ तालाब में 1500 से 20000 मत्स्य बीज डाले जाते हैं, जिससे उत्पादन 20 से 25 कुंतल के बीच रहता है और अधिक से अधिक 40 कुंतल तक ही पहुंच पाता है। इस सीमित उत्पादन में अच्छा मुनाफा कमाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

High Density Culture से होगी बड़ी कमाई

मत्स्य विभाग अब किसानों को आधुनिक तकनीक की ओर ले जाना चाहता है। High Density Culture पद्धति अपनाने पर एक हेक्टेयर में 60 से 80 कुंतल तक मछली का उत्पादन संभव है, जो परंपरागत तरीके से कहीं ज्यादा है। हालांकि इस तकनीक में ज्यादा मत्स्य बीज की जरूरत होती है और घनत्व बढ़ने से तालाब में ऑक्सीजन की मांग भी तेजी से बढ़ जाती है। इस जरूरत को पूरा करने का समाधान एरेशन सिस्टम है।

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₹50,000 के एरेशन सिस्टम पर सरकारी सहायता

तालाब में ऑक्सीजन की जरूरत पूरी करने के लिए जो एरेशन सिस्टम लगाया जाता है, उसकी लागत करीब ₹50,000 होती है। सरकार इस खर्च में सब्सिडी देकर मत्स्य पालकों की मदद कर रही है। सामान्य वर्ग के मत्स्य पालकों को लागत का 50 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मत्स्य पालकों को 60 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। इस सिस्टम में 2 हॉर्स पावर का एरेशन यूनिट होता है, जिसमें एक पैडल लेटरल पर चार पैडल लगे होते हैं।

मऊ जनपद के लिए कितने लक्ष्य तय हैं

मऊ जनपद में सामान्य वर्ग के लिए 4 लक्ष्य और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 2 लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

योजना के लिए पात्रता

इस योजना का फायदा उठाने के लिए मत्स्य पालक के पास आधा हेक्टेयर से लेकर 1 हेक्टेयर तक का तालाब होना जरूरी है। अगर किसी के पास 1 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल का तालाब है, तो उसे एक व्यक्ति के रूप में 2 यूनिट का लाभ दिया जा सकता है।

28 जून से पहले करें आवेदन

इस योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 28 जून तय की गई है। इच्छुक मत्स्य पालकों को मत्स्य विभाग के विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पट्टे का कागज या जमीन की खतौनी जमा करनी होगी।

सवाल-जवाब

इस योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?
सामान्य वर्ग के मत्स्य पालकों को 50 प्रतिशत और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग को 60 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है।
High Density Culture से कितना उत्पादन होता है?
इस तकनीक से एक हेक्टेयर में 60 से 80 कुंतल मछली का उत्पादन संभव है, जबकि परंपरागत तरीके से अधिकतम 40 कुंतल ही हो पाता है।
आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
इस योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 28 जून है।
एरेशन सिस्टम की कुल लागत कितनी है?
एरेशन सिस्टम की कुल लागत लगभग ₹50,000 है।
योजना का लाभ लेने के लिए कितना बड़ा तालाब होना चाहिए?
आधा हेक्टेयर से 1 हेक्टेयर तक का तालाब होना जरूरी है।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पट्टे का कागज या जमीन की खतौनी जमा करनी होगी।
मऊ जनपद में इस योजना के कितने लाभार्थी चुने जाएंगे?
मऊ जनपद में सामान्य वर्ग के लिए 4 और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 2 लाभार्थी चुने जाएंगे।
1 हेक्टेयर से बड़े तालाब वाले किसान को क्या लाभ मिलेगा?
1 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल का तालाब होने पर एक व्यक्ति को 2 यूनिट का लाभ दिया जा सकता है।
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