मोतिहारी में जाम का सबब बना अधूरा निर्माण कार्य
बिहार के मोतिहारी शहर के लोगों के लिए सफर करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। शहर का सबसे व्यस्त माना जाने वाला छतौनी बाईपास इन दिनों भारी जाम और प्रशासनिक सुस्ती की मिसाल बन चुका है। यहां करीब 76 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक शानदार फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह परियोजना पूरी नहीं हो पाई है। नतीजतन, स्थानीय निवासियों से लेकर राहगीरों तक को हर दिन इस मार्ग पर रेंगती हुई गाड़ियों के बीच घंटों गुजारने पड़ रहे हैं।
मुजफ्फरपुर और नेपाल जाने वाले राहगीर परेशान
छतौनी बाईपास एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जो सिर्फ मोतिहारी को ही नहीं जोड़ता बल्कि मुजफ्फरपुर, बेतिया, नरकटियागंज और पड़ोसी देश नेपाल जाने वाले हजारों वाहनों का मुख्य जरिया है। निर्माण कार्य की रफ्तार इतनी धीमी है कि इस व्यस्त चौराहे पर हर वक्त गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि महज कुछ मिनट का सफर तय करने में लोगों के एक से दो घंटे बर्बाद हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर निर्माण करने वाली एजेंसी थोड़ी मुस्तैदी दिखाए, तो यह काम समय पर पूरा हो सकता है, लेकिन फिलहाल उन्हें केवल आश्वासन और रोज का ट्रैफिक जाम ही मिल रहा है।
कैसा होगा 76 करोड़ का यह फ्लाईओवर? तकनीकी विवरण
इस बड़ी परियोजना का उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस फ्लाईओवर की कुल लंबाई लगभग 800 मीटर होगी, जो छतौनी थाना के पास से शुरू होकर मुख्य चौक के रास्ते आरके पेट्रोल पंप तक जाएगी। इस फ्लाईओवर की चौड़ाई 21 मीटर तय की गई है। पुल के नीचे भी यातायात को सुगम बनाने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं:
- बाजार, बस स्टैंड और सिनेमा चौक की तरफ सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पुल के नीचे 30 मीटर चौड़ी लेन का निर्माण किया जा रहा है।
- मुख्य मार्ग के दोनों किनारों पर 15-15 मीटर की दो अतिरिक्त लेन बनाई जाएंगी, जिससे मुजफ्फरपुर और बेतिया की ओर जाने वाले छोटे-बड़े वाहन बिना किसी रुकावट के गुजर सकेंगे।
- फ्लाईओवर के समानांतर दोनों तरफ साढ़े सात-साढ़े सात मीटर चौड़ी सर्विस लेन भी विकसित की जा रही है।
राहगीरों की सुरक्षा और जल निकासी का इंतजाम
निर्माण योजना में पैदल यात्रियों और स्थानीय निवासियों की सहूलियत का भी ख्याल रखा गया है। सर्विस लेन के दोनों तरफ लगभग साढ़े दस मीटर चौड़े हिस्से में मजबूत पेवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं ताकि पैदल चलना सुरक्षित हो। इसके अलावा, बारिश के दिनों में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए डेढ़ मीटर चौड़ा नाला भी बनाया जा रहा है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस नाले के ऊपर कंक्रीट के स्लैब रखे जाएंगे। स्थानीय लोगों की मानें तो अगर इस फ्लाईओवर का काम जल्द पूरा हो जाता है, तो मोतिहारी की सूरत बदल जाएगी, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि इस 76 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को पूरा होने में आखिर और कितना समय लगेगा।













