बिहार के मुंगेर जिले से अंधविश्वास की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला को सिर्फ इसलिए मौत के मुंह में धकेलने की कोशिश की गई क्योंकि पड़ोसियों ने उसे डायन मान लिया था। महिला पर तलवार से हमला हुआ और वह गंभीर रूप से घायल हो गई। फिलहाल उसका इलाज मुंगेर सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एक साल पुरानी घटना से शुरू हुई कहानी
यह पूरा मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नौवागढ़ी बजरंगबली नगर का है। पीड़िता का नाम कलावती देवी है। उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उनके पड़ोसी के बेटे की गंगा नदी में डूबने से मौत हो गई थी। बस यहीं से उनकी मुसीबत की शुरुआत हुई। उस हादसे के बाद पड़ोसी परिवार ने उन्हें डायन समझ लिया और लगातार परेशान करने लगा।
कलावती देवी के मुताबिक, उन्हें बार-बार ताने सुनने पड़े और तरह-तरह के झूठे आरोप झेलने पड़े। इसके बावजूद उन्होंने कभी पलटकर विरोध नहीं किया और चुपचाप सब सहती रहीं, यह सोचकर कि शायद मामला शांत हो जाएगा।
गंगा घाट पर कहासुनी और फिर तलवार से हमला
घटना सोमवार की है। कलावती देवी अपनी बहू के साथ मनियारचक गंगा घाट पर स्नान करने पहुंची थीं। वहीं पर पड़ोसी परिवार की एक महिला से उनकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामूली बहस बड़े विवाद में बदल गई। आरोप है कि पहले उन्हें गंगा नदी में डुबोकर मार डालने की कोशिश की गई। जब कलावती देवी ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने तलवार निकाल ली और उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
इस हमले में कलावती देवी के शरीर के कई हिस्सों पर गहरे जख्म हो गए। तलवार के वार से उनकी हालत गंभीर हो गई और घाट पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने तुरंत मोर्चा संभाला और घायल महिला को आनन-फानन में मुंगेर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल में कलावती देवी ने साफ कहा कि उन्हें डायन बताकर जान से मारने की कोशिश की गई और तलवार से हमला किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और सबूतों की जांच
घटना की खबर मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस हरकत में आ गई। थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हुई तलवार भी बरामद कर ली है। इसके साथ ही घटनास्थल पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने वहां से जरूरी साक्ष्य इकट्ठा किए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से छानबीन की जा रही है। शुरुआती जांच में अंधविश्वास और पुरानी रंजिश को ही इस हमले की मुख्य वजह माना जा रहा है।
अंधविश्वास की खतरनाक तस्वीर
इस घटना ने एक बार फिर समाज में गहराई तक जमे अंधविश्वास और उसके भयानक नतीजों को सामने ला दिया है। आज इक्कीसवीं सदी में भी कई इलाकों में लोगों, खासकर महिलाओं को डायन करार देकर प्रताड़ित किया जाता है। यह न सिर्फ कानूनन एक गंभीर अपराध है, बल्कि एक ऐसी सामाजिक बीमारी भी है जिसकी कीमत अक्सर बेकसूर लोगों को अपनी जान या इज्जत देकर चुकानी पड़ती है।













