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मथुरा के गुरुकुल में सीवेज टैंक साफ करने उतरे चार छात्रों की दम घुटने से दर्दनाक मौत, संचालक हिरासत मेंउत्तर प्रदेश
7 अक्तू॰ 2026, 1:18 pm (2 घंटे पहले)· 1

मथुरा के गुरुकुल में सीवेज टैंक साफ करने उतरे चार छात्रों की दम घुटने से दर्दनाक मौत, संचालक हिरासत में

वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित महर्षि पाणिनी गुरुकुल में जहरीली गैस की चपेट में आने से चार नाबालिग विद्यार्थियों की जान चली गई, जबकि एक छात्र का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित वृंदावन के चैतन्य विहार इलाके में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां संचालित महर्षि परिणि संस्कृत गुरुकुल विद्यालय में मंगलवार देर शाम एक गहरे टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के असर से चार विद्यार्थियों की सांसें थम गईं। वहीं, एक अन्य छात्र की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और उसे चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। घटना की खबर फैलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुकुल के प्रबंधक आशीष और उसके एक सहयोगी को हिरासत में ले लिया है। इस गंभीर घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्यमंत्री ने भी आवश्यक जांच पड़ताल और पीड़ित छात्र को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

बिना कानूनी मान्यता के चल रहा था आवासीय संस्थान

जांच के दौरान सामने आई प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, इस संस्थान में कुल 200 छात्र पंजीकृत बताए गए हैं। इनमें से करीब 100 विद्यार्थी इसी भवन के छात्रावास में रहकर संस्कृत भाषा, वेद, कर्मकांड और पारंपरिक पूजा-पद्धति की शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। यहां पढ़ने वाले बच्चे उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश और बिहार जैसे विभिन्न राज्यों से धार्मिक अध्ययन के उद्देश्य से आए हुए थे। स्थानीय स्तर पर यह भी गंभीर आरोप लगा है कि यह गुरुकुल बिना किसी वैधानिक रजिस्ट्रेशन या मान्यता के गैर-कानूनी ढंग से चलाया जा रहा था। इतना ही नहीं, अध्ययनरत बच्चों से पढ़ाई कराने के अलावा खाना पकाने और समूचे परिसर की साफ-सफाई जैसे भारी घरेलू काम भी जबरन कराए जाते थे।

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बदबू मिटाने के लिए छात्रों को 12 फीट गहरे टैंक में धकेला

घटना के क्रम के मुताबिक, मंगलवार शाम को इमारत के पिछले हिस्से में मौजूद लगभग 12 फीट गहरे टैंक से तेज दुर्गंध आ रही थी और उसमें जमा पानी ओवरफ्लो होकर बाहर फैल रहा था। समस्या के समाधान के लिए किसी पेशेवर सफाईकर्मी को बुलाने के बजाय प्रबंधन ने मासूम छात्रों को ही टैंक के भीतर उतार दिया। सबसे पहले मनु कटारे नामक छात्र सीवेज टैंक में सफाई के लिए उतरा, लेकिन भीतर मौजूद जहरीली गैस के प्रभाव से वह पलक झपकते ही अचेत हो गया। साथी को संकट में देख उसे बचाने की नीयत से चार अन्य छात्र आर्यन, देवांश, विशु और रुद्र भी बारी-बारी से टैंक के अंदर चले गए। घातक रासायनिक गैस की जद में आने के कारण पांचों विद्यार्थी टैंक के भीतर ही बेहोश हो गए।

अस्पताल में डॉक्टरों ने चार बच्चों को घोषित किया मृत

शोर मचने और अफरा-तफरी का माहौल बनने के बाद सभी प्रभावित बच्चों को टैंक से बाहर खींचकर निकटतम चिकित्सालय पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद मनु, देवांश, आर्यन और विशु को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पांचवें छात्र रुद्र का उपचार अस्पताल में जारी है और चिकित्सक उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

संस्थान का बैनर फाड़ा, लापरवाही पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी

इस दुखद हादसे के सामने आते ही भारी आक्रोश देखा गया और संस्थान के बाहर लगा पहचान बोर्ड अथवा बैनर भी फाड़ दिया गया। एसएसपी श्लोक कुमार ने पुष्टि की है कि समूची घटना की विभिन्न पहलुओं से छानबीन की जा रही है कि आखिर यह लापरवाही किस स्तर पर हुई। उन्होंने बताया कि प्रबंधन से जुड़े दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पीड़ित परिवारों की तहरीर मिलते ही संबंधित धाराओं में औपचारिक मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सवाल-जवाब

यह हादसा कहां और किस संस्थान में हुआ?
यह घटना उत्तर प्रदेश के वृंदावन में चैतन्य विहार स्थित महर्षि परिणि संस्कृत गुरुकुल विद्यालय में हुई।
हादसे में कितने छात्रों की जान गई?
टैंक में दम घुटने से चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक छात्र अस्पताल में उपचाराधीन है।
टैंक में उतरने वाले मृतक छात्रों के नाम क्या हैं?
मृतक छात्रों के नाम मनु कटारे, आर्यन, देवांश और विशु हैं। घायल छात्र का नाम रुद्र है।
विद्यार्थी टैंक के अंदर क्यों गए थे?
भवन के पीछे बने 12 फीट गहरे टैंक से दुर्गंध आने और पानी ओवरफ्लो होने पर प्रबंधन ने छात्रों को सफाई के लिए उतारा था।
पुलिस ने मामले में अब तक क्या कानूनी कार्रवाई की है?
पुलिस ने गुरुकुल संचालक आशीष और उसके एक साथी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
संस्थान के संचालन को लेकर क्या अनियमितताएं सामने आई हैं?
गुरुकुल कथित तौर पर बिना वैध पंजीकरण के चल रहा था और वहां पढ़ने वाले बच्चों से भोजन पकाने तथा सफाई जैसे काम कराए जाते थे।
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