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SIPRI रिपोर्ट में खुलासा: भारत के पास अब 190 परमाणु हथियार और 12 तैनात बम, बौखलाहट में पाकिस्तान ने दुनिया से लगाई फरियादबिहार
13 जून 2026, 7:13 am (140 दिन पहले)· 0

SIPRI रिपोर्ट में खुलासा: भारत के पास अब 190 परमाणु हथियार और 12 तैनात बम, बौखलाहट में पाकिस्तान ने दुनिया से लगाई फरियाद

स्वीडन की संस्था SIPRI की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने अपने न्यूक्लियर वॉरहेड्स बढ़ाकर 190 कर लिए हैं और पहली बार 12 बम तैनात भी किए हैं, जिससे घबराए पाकिस्तान ने बड़े देशों से दख़ल की अपील की है।

परमाणु हथियारों की दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत ने पड़ोसी पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट सामने आने के बाद इस्लामाबाद इतना बेचैन है कि शहबाज शरीफ सरकार अब पूरी दुनिया के सामने भारत को रोकने की गुहार लगा रही है। दरअसल भारत ने न सिर्फ अपने न्यूक्लियर वॉरहेड्स की तादाद बढ़ाई है, बल्कि उन्हें रणनीतिक रूप से अहम ठिकानों पर तैनात भी कर दिया है।

SIPRI की रिपोर्ट में क्या सामने आया

यह जानकारी स्वीडन की संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की उस सालाना रिपोर्ट से निकलकर आई है, जो हर साल दुनिया भर के परमाणु हथियारों का लेखा-जोखा पेश करती है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने अपने न्यूक्लियर वॉरहेड्स की संख्या बढ़ाकर 190 कर ली है और इनमें से 12 एटम बमों को डिप्लॉय यानी तैनात भी कर दिया गया है। SIPRI का दावा है कि बीते एक साल के भीतर भारत ने 10 नए एटम बम तैयार किए हैं।

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पाकिस्तान की बेचैनी की असली वजह

आंकड़ों की तुलना करें तो तस्वीर साफ हो जाती है। पिछले साल भारत के पास 180 एटम बम थे, जो इस साल बढ़कर 190 हो गए हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान की न्यूक्लियर वेपन कैपेसिटी में कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई है। यही फासला इस्लामाबाद को खल रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत ने पहली बार अपने परमाणु हथियारों को तैनात किया है — और यही बात पाकिस्तान को सबसे ज्यादा चुभ रही है। रिपोर्ट आने के तुरंत बाद पाकिस्तान ने दुनिया के बड़े देशों से इस मसले में दख़ल देने की अपील कर दी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत जिस रफ्तार से और जिस आक्रामकता के साथ एटम बम बना रहा है, उससे खतरा सिर्फ पाकिस्तान को नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे मुल्कों को भी हो सकता है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय का बयान

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंदराबी ने इससे एक कदम आगे जाकर आरोप लगाया कि भारत अपनी रक्षा जरूरतों से कहीं ज्यादा दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें बना रहा है। उनका दावा था कि SIPRI की रिपोर्ट में भले ही 12 वॉरहेड्स तैनात करने की बात कही गई हो, लेकिन हकीकत में भारत ने इससे भी ज्यादा एटम बम तैनात कर रखे हैं। अंदराबी ने यह भी जोड़ा कि भारत ने न्यूक्लियर पावर से लैस पनडुब्बियां तक तैनात कर दी हैं, जो पूरी दुनिया की शांति और स्थिरता के लिए खतरा हैं।

हथियारों के साथ-साथ रक्षा कवच भी मजबूत

पाकिस्तान की घबराहट की एक और बड़ी वजह यह है कि भारत एक तरफ अत्याधुनिक हथियार खुद विकसित कर रहा है, तो दूसरी तरफ अपने रक्षा तंत्र को भी लगातार अभेद्य बना रहा है। इसी कड़ी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हैदराबाद में DRDO के 'प्रोजेक्ट कुश' की शुरुआत की।

प्रोजेक्ट कुश: 21,700 करोड़ का स्वदेशी सुरक्षा कवच

यह 21 हजार 700 करोड़ रुपए का पूरी तरह स्वदेशी प्रोजेक्ट है, जिसके तहत लॉन्ग रेंज का सरफेस टू एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसका साइंटिफिक नाम एक्सटेंडेड रेंज एयर डिफेंस सिस्टम रखा गया है। खासियत यह है कि यह सिस्टम दुश्मन के फाइटर जेट्स, ड्रोन्स, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों को 400 किलोमीटर की दूरी पर ही मार गिराने में सक्षम होगा। कुश प्रोजेक्ट दरअसल भारत के मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम 'सुदर्शन चक्र' का ही एक हिस्सा है, जिसका ऐलान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से किया था।

इस मौके पर राजनाथ सिंह ने इसे पौराणिक संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से दुष्टों का नाश किया था, उसी तरह भारत का यह आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम भी दुश्मन के हर इरादे को नाकाम कर देगा और देश के लिए एक अभेद्य सुरक्षा चक्र खड़ा करेगा।

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