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अभिमान का वो मशहूर गाना जिसे गाने से किशोर कुमार ने कर दिया था मनाबॉलीवुड
11 जुल॰ 2026, 1:18 am (19 दिन पहले)· 2

अभिमान का वो मशहूर गाना जिसे गाने से किशोर कुमार ने कर दिया था मना

फिल्म 'अभिमान' का कालजयी गाना 'तेरी बिंदिया रे' लता मंगेशकर के साथ गाने को लेकर किशोर कुमार सहज नहीं थे। बाद में मोहम्मद रफी ने इस गाने को अपनी आवाज दी और यह सुपरहिट साबित हुआ।

अगर आप हिंदी सिनेमा के स्वर्ण युग के संगीत के प्रशंसक हैं, तो फिल्म अभिमान का वह यादगार गीत निश्चित रूप से आपके पसंदीदा गानों में से एक होगा। करीब 53 साल पहले रिलीज हुई इस फिल्म का संगीत आज भी उतना ही ताजा महसूस होता है। अमिताभ बच्चन और जया बच्चन पर फिल्माया गया यह गाना संगीत प्रेमियों के दिलों पर आज भी राज करता है। इस फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी जाने-माने डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी ने संभाली थी। फिल्म के निर्माण के समय उन्होंने यह सोचा था कि मुख्य गानों को किशोर कुमार की आवाज में रिकॉर्ड किया जाए, लेकिन एक विशेष गीत के मामले में बात कुछ और ही निकली।

किशोर कुमार और निजी जीवन के संघर्ष

फिल्म अभिमान की कहानी का ताना-बाना दो गायकों की पेशेवर और निजी जिंदगी के इर्द-गिर्द बुना गया था। पर्दे के पीछे की कहानी यह है कि फिल्म की पटकथा का कुछ हिस्सा किशोर कुमार और उनकी पहली पत्नी रूमा गुहा ठाकुरता के वास्तविक जीवन के अनुभवों से काफी मिलता-जुलता था। हालांकि, शुरुआत में किशोर कुमार को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था। इसीलिए उन्होंने फिल्म के दो महत्वपूर्ण गाने 'मीत न मिला रे मन का' और 'तेरे मेरे मिलन की यह रैना' को बिना किसी झिझक के अपनी आवाज दे दी थी।

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जब किशोर कुमार ने गाने से किया किनारा

जब फिल्म के तीसरे गाने को रिकॉर्ड करने की बारी आई, तब किशोर कुमार को फिल्म की गहराई और जया बच्चन के किरदार का रूमा गुहा ठाकुरता से समानता का एहसास हुआ। वे इस बात को लेकर काफी असहज महसूस करने लगे थे कि कहानी का आधार उनकी अपनी निजी जिंदगी की कड़वाहट से प्रेरित है। इसके अलावा, उस गाने की स्थिति भी उन्हें पसंद नहीं आई। उस दृश्य में यह दिखाना था कि एक युगल गायन के दौरान पुरुष गायक अपनी सह-गायिका से बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है और अंततः वह उससे हार जाता है। किशोर कुमार को यह बात बिल्कुल रास नहीं आई कि उन्हें एक गायिका से कमतर दिखाया जाए।

मोहम्मद रफी का फैसला और सफलता

इस पूरे घटनाक्रम में फिल्म की कहानी एक ऐसे प्रसिद्ध गायक के बारे में थी जो एक उभरती हुई गायिका से शादी करता है, लेकिन बाद में अपनी पत्नी की बढ़ती शोहरत देखकर ईर्ष्या और असुरक्षा का शिकार हो जाता है। फिल्म के एक खास दृश्य में, जब अमिताभ बच्चन और जया बच्चन एक मंच पर गाते हैं, तो डेविड का एक डायलॉग आता है, जिसमें कहा जाता है कि उमा (जया बच्चन का किरदार) सुबीर कुमार (अमिताभ बच्चन का किरदार) से बेहतर गा रही है। किशोर कुमार ने ऋषिकेश मुखर्जी से इस दृश्य को हटाने का अनुरोध किया, लेकिन डायरेक्टर अपनी कहानी पर अडिग रहे।

इसके बाद किशोर कुमार ने वह गाना गाने से स्पष्ट इनकार कर दिया। मजबूरन ऋषिकेश मुखर्जी को मोहम्मद रफी का रुख करना पड़ा। रफी साहब ने न केवल गाने के लिए अपनी स्वीकृति दी, बल्कि उन्हें उस डायलॉग को लेकर भी कोई आपत्ति नहीं थी। कई शुभचिंतकों ने मोहम्मद रफी को 'तेरी बिंदिया रे' न गाने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने किसी की परवाह नहीं की। जब मोहम्मद रफी ने अपनी जादुई आवाज में यह गाना रिकॉर्ड किया, तो सुनने वाले दंग रह गए। मजरूह सुल्तानपुरी के लिखे और एसडी बर्मन के संगीत से सजा यह गाना फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया और सुपरहिट साबित हुआ।

फिल्म की अन्य जानकारियां

1973 में रिलीज हुई फिल्म अभिमान में अमिताभ और जया के अलावा दुर्गा खोटे, असरानी और बिंदु देसाई जैसे अनुभवी कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया था। आज भी 'तेरी बिंदिया रे' का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोलता है, जो यह साबित करता है कि संगीत की दुनिया में प्रतिभा और सही निर्णय का तालमेल क्या कमाल कर सकता है।

सवाल-जवाब

क्या फिल्म 'अभिमान' का गाना 'तेरी बिंदिया रे' देखने लायक है?
जी हां, यह गाना न केवल सुनने में बेहद मधुर है, बल्कि इसे फिल्म की कहानी के साथ बेहतरीन तरीके से फिल्माया गया है, जो इसे देखने लायक बनाता है।
'तेरी बिंदिया रे' गाने से किन फिल्मों की तुलना की जाती है?
अभिमान के संगीत की तुलना अक्सर इसी दौर की अन्य संगीत-प्रधान फिल्मों जैसे 'मिली' या 'गुड्डी' से की जाती है।
किशोर कुमार ने 'अभिमान' का कौन सा गाना गाने से मना कर दिया था?
किशोर कुमार ने फिल्म के मशहूर गाने 'तेरी बिंदिया रे' को गाने से मना कर दिया था।
किसके संगीत निर्देशन में 'अभिमान' के गाने तैयार हुए थे?
फिल्म 'अभिमान' के सभी गानों का संगीत एसडी बर्मन ने तैयार किया था।
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