पर्वतीय पर्यटन नगरी नैनीताल में आगामी त्योहारी सीजन के दौरान संगीत और डांडिया की खास रौनक देखने को मिलेगी। नगर में पहली बार एक अनूठी चैरिटेबल गरबा नाइट्स का खाका तैयार किया गया है, जिसका मुख्य मकसद उत्सव के उल्लास को समाज सेवा के साथ जोड़ना है। इस सांस्कृतिक संध्या में शामिल होने वाले लोगों का उत्साह न केवल गरबा और डांडिया की ताल पर झलकेगा, बल्कि उनके सहयोग से वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों की मदद भी संभव हो सकेगी। सामाजिक संस्था यो पहाड़ फाउंडेशन की ओर से यह पूरा कार्यक्रम 17 अक्टूबर को मल्लीताल में सीआरएसटी इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित किया जा रहा है।
प्रवेश शुल्क से खरीदी जाएंगी किताबें और गर्म कपड़े
अक्सर गरबा आयोजनों को केवल मौज-मस्ती, नृत्य और संगीत के केंद्र के तौर पर देखा जाता है, परंतु इस बार नैनीताल में इस उत्सव को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की अभिनव पहल की गई है। संस्था का मानना है कि त्योहारों का वास्तविक आनंद तभी सार्थक होता है जब उसकी खुशियां समाज के उन बच्चों तक भी पहुंचे जो बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक अभावों से जूझते हैं। कार्यक्रम में आने वाले प्रतिभागियों से जो प्रवेश शुल्क लिया जाएगा, उसे आर्थिक रूप से कमजोर तबके के स्कूली विद्यार्थियों की सहायता में लगाया जाएगा। इन पैसों से आने वाली कड़ाके की सर्दियों में जरूरतमंद बच्चों को गर्म कपड़े तथा पढ़ाई के लिए आवश्यक पुस्तकें वितरित की जाएंगी।
सीमित प्रवेश और 300 से अधिक प्रतिभागियों की उम्मीद
आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए यो पहाड़ फाउंडेशन के अध्यक्ष संतोष बिष्ट ने स्पष्ट किया कि चैरिटेबल गरबा नाइट्स को आयोजित करने के पीछे मनोरंजन के साथ-साथ जनकल्याण को बढ़ावा देने की स्पष्ट सोच है। मैदान में व्यवस्थित माहौल बनाए रखने के लिए एंट्री को सीमित रखा गया है और कार्यक्रम में 300 से अधिक लोगों के सम्मिलित होने की संभावना है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस प्रकार के सामुदायिक उत्सव लोगों को एक मंच पर लाते हैं, जहां वे त्योहार की मिठास बांटने के साथ-साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी कर पाते हैं।
टिकट की दरें, समूह छूट और कई आकर्षक पुरस्कार
कार्यक्रम के शुल्कों और प्रतियोगिताओं की जानकारी देते हुए संस्था के पदाधिकारी नीरज बिष्ट ने बताया कि बच्चों के लिए 99 रुपये की प्रवेश फीस तय की गई है। इसके अलावा महिलाओं के लिए यह शुल्क 199 रुपये तथा जोड़ों यानी कपल के लिए 349 रुपये रखा गया है। आयोजकों ने समूहों के लिए विशेष रियायत का प्रावधान भी किया है; यदि किसी ग्रुप में 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की होती है, तो उस पूरे दल को खास छूट दी जाएगी। केवल नृत्य ही नहीं, बल्कि सबसे बेहतर परिधान, मनमोहक मुस्कान और रील प्रतियोगिता जैसी कई अन्य श्रेणियों में भी प्रतिभागियों को आकर्षक उपहार और सरप्राइज इनाम देकर सम्मानित किया जाएगा।
सोशल मीडिया के जरिए पंजीकरण की सुविधा
मौसम के करवट लेने के साथ ही पहाड़ों में इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन नई ऊर्जा का संचार करते हैं। संस्था की महिला उपाध्यक्ष दीपा बिष्ट के अनुसार, गरबा और डांडिया पारंपरिक संस्कृति से जुड़ने का सशक्त जरिया हैं और जब यह सामाजिक उत्थान से जुड़ जाए तो इसका महत्व दोगुना हो जाता है। जो भी नागरिक इस चैरिटेबल गरबा संध्या में भाग लेना चाहते हैं, वे यो पहाड़ फाउंडेशन के फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज पर जाकर पंजीकरण का ब्योरा देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त संस्था के सोशल मीडिया हैंडल पर जारी संपर्क नंबरों से भी सीधे बात करके अपनी सीट आरक्षित कराई जा सकती है।
























