साल 2011 में सिनेमाघरों में आई निर्देशक इम्तियाज अली की फिल्म रॉकस्टार ने दर्शकों के दिलों पर एक गहरी छाप छोड़ी थी। इस फिल्म का हर एक गाना अपने आप में एक अलग कहानी कहता है और इसका संगीत आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। फिल्म के सबसे लोकप्रिय गानों में से एक कतिया करूं अपनी खास ऊर्जा और रंगीन मिजाज के लिए जाना जाता है। पर्दे पर इस गाने को मुख्य कलाकारों रणबीर कपूर और नरगिस फाखरी पर फिल्माया गया था, जिनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने इस गाने में जान फूंक दी थी।
संगीत और स्वर की जादुई जुगलबंदी
इस खूबसूरत और ऊर्जावान ट्रैक को सजाने का जिम्मा ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने उठाया था। उनकी बेहतरीन और अनूठी धुनों ने इस गाने को एक अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया। वहीं, इस गाने में अपनी बुलंद और बेहद सुरीली आवाज से जान डालने वाली गायिका हर्षदीप कौर थीं। हर्षदीप कौर की गायकी ने इस पारंपरिक धुन को एक आधुनिक और जीवंत रूप दिया, जिसे दर्शकों ने बेहद पसंद किया।
लोक परंपरा से जुड़े बोल और उनका अर्थ
गाने के बोल जाने-माने गीतकार इरशाद कामिल ने लिखे थे, जिन्होंने पंजाबी लोक-शैली और परंपरा को बेहद खूबसूरती से इन पंक्तियों में पिरोया है। इस गाने में इस्तेमाल किए गए शब्द कतिया करूं का अर्थ पंजाबी लोक परंपरा में सूत कातने से जुड़ा हुआ है। इस पारंपरिक संदर्भ को यहां प्यार, लगन और एकतरफा कशिश की भावनाओं को बहुत ही कलात्मक ढंग से दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया गया है।
परदे पर नरगिस फाखरी और रणबीर कपूर का अंदाज
स्क्रीन पर यह गाना फिल्म के किरदारों जॉर्डन यानी रणबीर कपूर और हीर यानी नरगिस फाखरी के बीच के रिश्तों की गहराई को दिखाता है। इसमें नरगिस फाखरी का बेफिक्र और आजाद ख्याल अंदाज नजर आता है, तो वहीं रणबीर कपूर के साथ उनकी उभरती हुई केमिस्ट्री, मस्ती और मासूमियत दर्शकों का दिल जीत लेती है। यह गाना सिर्फ एक रोमांटिक ट्रैक नहीं बल्कि फिल्म की कहानी का एक अहम हिस्सा है जो दोनों कलाकारों के किरदारों के बदलते सफर को बयां करता है।



















