हिंदी सिनेमा जगत की मशहूर अदाकारा जीनत अमान की जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं और उनकी निजी मुश्किलों पर उनके चचेरे भाई व वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने खुलकर अपने विचार साझा किए हैं। एक पॉडकास्ट के दौरान विक्की ललवानी से बातचीत करते हुए उन्होंने अभिनेत्री के बचपन, टूटे हुए परिवार के भावनात्मक असर और उनके वैवाहिक जीवन से जुड़े दर्दनाक अध्यायों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि परिस्थितियां चाहे जो भी रही हों, किसी भी इंसान को किसी महिला पर हाथ उठाने या हिंसा करने का हक नहीं दिया जा सकता।
पारिवारिक रिश्ता और बचपन की यादें
रजा मुराद ने अपने पारिवारिक संबंधों की जानकारी देते हुए बताया कि जीनत अमान के पिता और उनकी मां सगे भाई-बहन थे, जिसके चलते दोनों के बीच भाई-बहन का गहरा रिश्ता रहा है। उन्होंने साझा किया कि घर के भीतर जीनत को बड़े प्यार और दुलार से ‘बब्बूशाह’ कहकर पुकारा जाता था। रजा मुराद ने बताया कि उनके और उनके पिता के बीच बहुत बेहतरीन तालमेल था और दोनों एक-दूसरे से गहरा स्नेह रखते थे।
माता-पिता के अलगाव का गहरा मानसिक असर
अभिनेत्री के बचपन के दिनों को याद करते हुए रजा मुराद ने कहा कि जब जीनत काफी छोटी थीं, तभी उनके माता-पिता एक-दूसरे से अलग हो गए थे। इकलौती संतान होने के नाते उन्हें बारी-बारी से कभी अपने पिता के साथ तो कभी अपनी मां के साथ वक्त बिताना पड़ता था। रजा के अनुसार, छोटी सी उम्र में माता-पिता का अलग होना और घर को बिखरते देखना किसी भी बच्चे के मानसिक विकास के लिए बेहद दर्दनाक अनुभव होता है। उन्होंने रेखांकित किया कि परिवार टूटने के बाद माता-पिता दोनों ने अपनी जिंदगी में आगे बढ़कर दूसरी शादियां कर लीं, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने जीनत को वह पारिवारिक सुकून और स्नेह नहीं मिलने दिया जो एक सामान्य घर में बच्चे को प्राप्त होता है। इसी वजह से अकेलापन उनके जीवन का एक स्थाई हिस्सा बन गया।
संजय खान के साथ रिश्ता और विवादित घटना
पारिवारिक संघर्षों के अलावा रजा मुराद ने जीनत अमान और अभिनेता-फिल्मकार संजय खान के रिश्ते से जुड़े घटनाक्रमों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि जीनत अमान और संजय खान का निकाह साल 1978 में हुआ था, जबकि उस वक्त संजय खान पहले से शादीशुदा थे और उनकी शादी जरीन खान से हो चुकी थी और उनके बच्चे भी थे। रजा मुराद ने कहा कि जब कोई व्यक्ति पहले से शादीशुदा और बाल-बच्चों वाले इंसान के साथ रिश्ता जोड़ता है, तो भविष्य में आने वाली जटिलताओं और चुनौतियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
हिंसा का विरोध और आंख पर लगी चोट का जिक्र
रजा मुराद ने उस चर्चित विवाद की चर्चा की जब जीनत अमान लोनावला से मुंबई आई थीं और उसी दौरान संजय खान के साथ उनका बड़ा टकराव हुआ। उन्होंने कहा कि उस घटना में शारीरिक हिंसा हुई थी और उसी के चलते जीनत की आंख पर गंभीर असर पड़ा था। हालांकि संजय खान हमेशा से इन आरोपों का खंडन करते रहे हैं, लेकिन रजा मुराद ने अपना कड़ा रुख रखते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में शारीरिक प्रताड़ना को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी परिस्थिति में महिला पर हाथ उठाना पूरी तरह अनुचित है और किसी को भी ऐसा कृत्य करने का कोई अधिकार नहीं है।



















