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यश चोपड़ा ने 50 बार नकारा था वो ट्रैक, उदय चोपड़ा की पसंद से बना ब्लॉकबस्टरबॉलीवुड
1 अक्तू॰ 2026, 7:51 pm (3 घंटे पहले)· 0

यश चोपड़ा ने 50 बार नकारा था वो ट्रैक, उदय चोपड़ा की पसंद से बना ब्लॉकबस्टर

फिल्म 'दिल तो पागल है' का कल्ट गाना 'अरे रे अरे' 50 बार खारिज होने के बाद उदय चोपड़ा के दखल से फाइनल हुआ था, जिसके बोल आनंद बख्शी ने 10 मिनट में लिखे थे।

बॉलीवुड के इतिहास में ऐसे कई सदाबहार गीत दर्ज हैं, जिनकी शुरुआत बेहद निराशाजनक दौर से गुजरी थी। शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर की मुख्य भूमिकाओं वाली म्यूजिकल ब्लॉकबस्टर 'दिल तो पागल है' का सबसे लोकप्रिय गीत 'अरे रे अरे ये क्या हुआ' भी ऐसे ही लंबे संघर्ष के बाद दर्शकों तक पहुंचा था। आज तीन दशक बाद भी संगीत प्रेमियों की जुबान पर चढ़ा यह ट्रैक एक समय निर्देशक यश चोपड़ा और उनकी संगीत टीम को बिल्कुल रास नहीं आ रहा था और इसे दर्जनों बार खारिज किया जा चुका था।

संगीतकार उत्तम सिंह का छह महीने लंबा इम्तिहान

इस यादगार धुन को तैयार करने वाले संगीतकार उत्तम सिंह के लिए इस गाने को मंजूरी दिलाना आसान नहीं था। उन्होंने एक बातचीत में साझा किया था कि वे लगातार छह महीने तक निर्देशक यश चोपड़ा को इस गाने का म्यूजिक सुनाते रहे, लेकिन निर्देशक को इसमें कोई खास दम नजर नहीं आ रहा था। यश चोपड़ा को लगता था कि यह धुन फिल्म के मिजाज और चार्टबस्टर की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती। इसी कशमकश में यह कंपोजिशन करीब 50 बार रिजेक्ट की गई और हर बार इसे दरकिनार कर दिया जाता था।

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उदय चोपड़ा की दखल और धुन को मिली हरी झंडी

जब तमाम कोशिशों के बाद भी यश चोपड़ा इस धुन पर राजी नहीं हुए, तब उत्तम सिंह ने एक दिन यह कंपोजिशन उदय चोपड़ा को सुनाई। उदय चोपड़ा, जो आगे चलकर फिल्मी पर्दे पर एक सफल अभिनेता के तौर पर अपनी पहचान नहीं बना पाए, उन्हें पहली ही बार में यह संगीत बेहद पसंद आ गया। उदय चोपड़ा के जोरदार समर्थन और जिद के चलते आखिरकार टीम इस धुन को 'दिल तो पागल है' में शामिल करने के लिए सहमत हो गई। शुरुआत में मेकर्स ने इसे केवल औपचारिकता के तौर पर फिल्म में जगह दी थी, लेकिन यह फैसला फिल्म के पक्ष में ऐतिहासिक साबित हुआ।

गीत के बोल तय करने में आई अड़चनें

धुन फाइनल होने के बाद असली चुनौती शुरू हुई कि इस संगीत पर शब्द कौन से बिठाए जाएं। गाने के बोल तैयार करने की कशमकश इतनी बढ़ गई थी कि खुद निर्देशक यश चोपड़ा, उनकी पत्नी और बेटे आदित्य चोपड़ा ने भी अपने स्तर पर लाइनें लिखने की कोशिश की। हालांकि पारिवारिक टीम के तमाम प्रयासों के बावजूद कोई भी प्रारूप उस धुन की लय और गरिमा से मेल नहीं खा पा रहा था। संगीत के अनुकूल उपयुक्त ताने-बाने को गढ़ने में पूरी निर्माण टीम को करीब 3 साल का लंबा वक्त लग गया था।

आनंद बख्शी का दस मिनट का करिश्मा

आखिरकार जब यह धुन दिग्गज गीतकार आनंद बख्शी को सुनाई गई, तो उन्होंने कुछ अनोखा किया। धुन सुनने के तुरंत बाद वे बिना कुछ कहे कमरे से बाहर निकल गए, जिससे वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए कि कहीं उन्हें संगीत नापसंद तो नहीं आया। मगर सबको चौंकाते हुए आनंद बख्शी महज दस मिनट के भीतर कमरे में वापस लौटे और उन्होंने पूरा गाना लिखकर टेबल पर रख दिया। उन्होंने सिर्फ 10 मिनट में उन अमर शब्दों की रचना कर दी थी जिसे तलाशने में मेकर्स सालों से जूझ रहे थे।

उदित नारायण और लता मंगेशकर की आवाज ने बनाया कल्ट

आनंद बख्शी के लिखे इन बोलों को दिग्गज पार्श्व गायिका लता मंगेशकर और उदित नारायण ने अपनी जादुई आवाजों में रिकॉर्ड किया। साल 1997 में सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली यश चोपड़ा निर्देशित फिल्म 'दिल तो पागल है' उस साल की सबसे बड़ी कमाई करने वाली फिल्मों में शुमार हुई और इसने 3 राष्ट्रीय पुरस्कार भी अपने नाम किए। कॉलेज के युवाओं, आधुनिक नृत्य और प्रेम त्रिकोण पर आधारित इस फिल्म में 'अरे रे अरे ये क्या हुआ' कई मौकों पर बैकग्राउंड में गूंजता है और रिलीज के बाद यह पूरी फिल्म का सबसे बड़ा सिग्नेचर गाना बनकर उभरा जिसे लोग 29 साल बाद भी गुनगुनाते हैं।

सवाल-जवाब

फिल्म 'दिल तो पागल है' का कौन सा गाना 50 बार रिजेक्ट हुआ था?
उदित नारायण और लता मंगेशकर का गाया मशहूर गाना 'अरे रे अरे ये क्या हुआ' मेकर्स द्वारा करीब 50 बार खारिज किया गया था।
यश चोपड़ा के बार-बार मना करने के बाद इस गाने को किसने पसंद किया?
संगीतकार उत्तम सिंह से यह धुन सुनने के बाद उदय चोपड़ा ने इसे तुरंत पसंद किया और फिल्म में शामिल कराने में मदद की।
आनंद बख्शी ने इस गाने के बोल लिखने में कितना समय लिया था?
आनंद बख्शी ने धुन सुनने के बाद कमरे से बाहर जाकर महज 10 मिनट के अंदर पूरा गाना लिखकर तैयार कर दिया था।
फिल्म 'दिल तो पागल है' को कितने नेशनल अवॉर्ड मिले थे?
साल 1997 में रिलीज हुई यश चोपड़ा निर्देशित फिल्म 'दिल तो पागल है' ने 3 राष्ट्रीय पुरस्कार जीते थे।
इस गाने का संगीत तैयार करने में मेकर्स को कितना समय लगा था?
बोल के हिसाब से इस गाने का संगीत तैयार करने में मेकर्स को करीब 3 साल का समय लग गया था।
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