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आंध्र प्रदेश में सोने का महाभंडार: जोंनागिरी में मिलेगा 50 टन सोना, बनेगा भारत का नया गोल्ड हबव्यापार
19 जून 2026, 11:01 pm (45 दिन पहले)· 7

आंध्र प्रदेश में सोने का महाभंडार: जोंनागिरी में मिलेगा 50 टन सोना, बनेगा भारत का नया गोल्ड हब

आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले में सोने का विशाल भंडार मिलने की संभावना जताई गई है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि जोंनागिरी प्रोजेक्ट से अकेले 50 टन तक सोना निकाला जा सकता है।

सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच आंध्र प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के कर्नूल जिले के जोंनागिरी गांव में सोने का भारी भंडार होने का अनुमान लगाया गया है। इस खोज के बाद राज्य को भारत का सबसे बड़ा स्वर्ण उत्पादक बनने की उम्मीद है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस क्षेत्र में करीब 50 टन सोने की मौजूदगी हो सकती है।

चार प्रमुख क्षेत्रों की पहचान

राज्य के माइंस प्रिंसिपल सेक्रेटरी मुकेश कुमार मीना ने बताया कि प्रदेश में सोना खनन के लिए चार खास स्थानों को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों में जोंनागिरी, रामगिरी, जव्वकुला और चिगुरुकुंटा बिस्नातम शामिल हैं। हालांकि, सरकारी अधिकारियों को सबसे ज्यादा सफलता और उम्मीद जोंनागिरी क्षेत्र से ही है।

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जोंनागिरी से 50 टन सोने की उम्मीद

लगभग 10 साल पहले जोंनागिरी में खनन के लिए 1,500 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। इस साइट पर व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन शुरू हो चुका है। अब तक मात्र 500 एकड़ जमीन की खोज से 13 टन सोना मिलने का आकलन किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब बाकी बची 1,000 एकड़ जमीन की खुदाई पूरी हो जाएगी, तो यहां से कुल 50 टन सोना प्राप्त हो सकता है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू इस महीने के अंत में औपचारिक रूप से जोंनागिरी गोल्ड माइनिंग प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे।

खनन की तकनीकी चुनौतियां

सोना निकालना एक जटिल और महंगी प्रक्रिया है, जिसके लिए विशेष विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। इसी वजह से सरकार ने टेंडर के जरिए इस काम को निजी कंपनियों को सौंपा है। वर्तमान में खनन की सबसे बड़ी चुनौती इसकी गिरती हुई पैदावार है। वर्तमान में 1 टन (1,000 किलो) कच्चे माल को प्रोसेस करने पर केवल 1 ग्राम सोना निकलता है, जबकि पहले इतनी ही मात्रा से करीब 3 ग्राम सोना मिल जाता था। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि 1 टन मलबे से 0.8 ग्राम से कम सोना निकलता है, तो खनन की लागत निकालना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

सवाल-जवाब

आंध्र प्रदेश में सोने का भंडार कहां मिला है?
सोने का भंडार आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले के जोंनागिरी गांव में मिला है।
कुल कितना सोना मिलने का अनुमान है?
अधिकारियों का दावा है कि जोंनागिरी प्रोजेक्ट से कुल 50 टन सोना मिल सकता है।
जोंनागिरी प्रोजेक्ट की शुरुआत कौन करेगा?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू इस महीने के अंत में आधिकारिक तौर पर इस प्रोजेक्ट की शुरुआत करेंगे।
खनन के लिए किन अन्य जगहों की पहचान की गई है?
जोंनागिरी के अलावा रामगिरी, जव्वकुला और चिगुरुकुंटा बिस्नातम की पहचान की गई है।
1 टन मलबे से कितना सोना निकलता है?
वर्तमान में 1 टन कच्चे माल से केवल 1 ग्राम सोना निकलता है।
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