वैश्विक वित्तीय बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े उत्साह पर अब वास्तविक कमाई और भारी खर्च का दबाव भारी पड़ने लगा है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं, अमेरिका और चीन के शेयर बाजारों में तकनीकी कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखी गई है। अमेरिकी शेयर बाजार का प्रमुख टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक अक्टूबर के अपने शिखर स्तर से अब तक 7.8 प्रतिशत नीचे फिसल चुका है। शेयरों के इस तरह लुढ़कने के कारण इंडेक्स के बाजार पूंजीकरण में लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर की जबर्दस्त कमी दर्ज की गई है। इस बड़ी गिरावट के केंद्र में मेटा, अल्फाबेट और इंटेल जैसी दिग्गज तकनीकी कंपनियों के शेयरों में आई भारी मंदी रही है। ठीक इसी प्रकार का दबाव चीनी बाजारों में भी देखने को मिल रहा है, जहां प्रमुख बेंचमार्क सीएसआई 300 लगातार 12वें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ है।
चीनी बाजारों में तकनीकी शेयरों का संकट
चीनी शेयर बाजार पर नजर डालें तो मई 2026 के अपने उच्च स्तर की तुलना में अब तक कुल बाजार पूंजीकरण में करीब 3.5 लाख करोड़ डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में लगभग ₹329 लाख करोड़ की भारी गिरावट आ चुकी है। चीन में टेक्नोलॉजी कंपनियों पर केंद्रित इंडेक्स STAR50 भी जुलाई के अपने उच्चतम स्तर से लगभग 40 प्रतिशत नीचे आ चुका है। विशेष रूप से उभरती हुई तकनीकी कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। रोबोटिक्स क्षेत्र की कंपनी यूनीट्री, सेमीकंडक्टर चिप निर्माता सीएक्सएमटी एआई और ग्राफिक्स चिप बनाने वाली कंपनियों जैसे मेटेक्स और मूर थ्रेड्स के शेयरों में जुलाई के बाद से ही 50 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
अमेरिकी बाजारों में एक दिन की सबसे तेज गिरावट
वॉल स्ट्रीट पर शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली का माहौल बना रहा, जिसका सबसे बड़ा असर तकनीकी शेयरों पर ही देखा गया। तेज बिकवाली के दबाव में नैस्डैक कंपोजिट 2.86 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ, जो कि जून के बाद से इस इंडेक्स में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट का रिकॉर्ड है। इस दौरान व्यापक बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाले एसएंडपी 500 इंडेक्स में 1.82 प्रतिशत और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 1.09 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। हालिया बिकवाली के इस नए दौर के चलते नैस्डैक अपने ताजा उच्चतम स्तर से कुल मिलाकर लगभग 8 प्रतिशत नीचे आ गया है।
सेमीकंडक्टर और हार्डवेयर दिग्गजों के शेयर धड़ाम
अमेरिकी टेक कंपनियों में सबसे बड़ा झटका दिग्गज चिप निर्माता कंपनी इंटेल को लगा, जिसके शेयर कमजोर तिमाही दृष्टिकोण जारी होने के बाद करीब 29 प्रतिशत तक गिर गए। कंपनी द्वारा पर्सनल कंप्यूटर कारोबार में सुस्ती के जो संकेत दिए गए, उसने निवेशकों की चिंता बहुत बढ़ा दी। इस घबराहट का असर पूरे सेमीकंडक्टर सेक्टर में फैला, जिसके चलते प्रतिद्वंद्वी चिप निर्माता एएमडी के शेयर लगभग 11 प्रतिशत टूट गए। प्रमुख एआई चिप निर्माता एनवीडिया के शेयरों में 4 प्रतिशत और ब्रॉडकॉम के शेयरों में 5 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि डेटा स्टोरेज समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी सैनडिस्क के शेयर भी करीब 13 प्रतिशत तक टूट गए।
भारी खर्च और बढ़ते कर्ज को लेकर बढ़ी चिंताएं
बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि इस बिकवाली की सबसे बड़ी वजह कंपनियों द्वारा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा विशाल पूंजीगत खर्च है। बड़े डेटा सेंटर और क्लाउड कंप्यूटिंग के विस्तार में लगी कंपनियों का कर्ज का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। निवेशक अब केवल भविष्य के एआई वादों या तकनीकी संभावनाओं के दम पर कंपनियों को ऊंचा मूल्यांकन देने को तैयार नहीं हैं, बल्कि यह बारीकी से देख रहे हैं कि यह भारी पूंजीगत निवेश वास्तविक राजस्व और मुनाफे में कब तब्दील होगा। इस चिंता का सीधा असर एआई और मेमोरी चिप क्षेत्र में निवेश करने वाले फंड्स पर पड़ा है, जहां राउंडहिल मेमोरी ईटीएफ अकेले अक्टूबर महीने में करीब 20 प्रतिशत तक गिर गया है।
डिफेंसिव सेक्टरों की ओर रुख कर रहे निवेशक
तकनीकी शेयरों में जारी उथल-पुथल के बीच निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए गैर-तकनीकी और पारंपरिक सेक्टरों में निवेश बढ़ा रहे हैं। पूंजी के इस स्थानांतरण के चलते शुक्रवार के सत्र में वॉलमार्ट और कोका-कोला जैसी रोजमर्रा के उपभोग की दिग्गज कंपनियों के शेयर 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। इसके साथ ही हेल्थकेयर क्षेत्र की कंपनियों में भी निवेशकों द्वारा चुनिंदा खरीदारी दर्ज की गई, जो बाजार में डिफेंसिव रणनीति अपनाने का स्पष्ट संकेत है।
चीन में मांग की कमी और प्रॉपर्टी संकट का असर
चीन में इक्विटी बाजारों की कमजोरी के पीछे टेक शेयरों के अलावा व्यापक आर्थिक कारण भी शामिल हैं। घरेलू स्तर पर उपभोक्ता मांग में सुस्ती, कॉरपोरेट मुनाफे में लगातार कमी और प्रॉपर्टी बाजार में छाई लंबी मंदी ने बिकवाली के दबाव को और तीव्र कर दिया है। चीन में भी टेक कंपनियों के पूंजीगत खर्च को लेकर वैसी ही आशंकाएं हैं जैसी अमेरिका में देखी जा रही हैं। शंघाई का सीएसआई 300 इंडेक्स जून के अपने उच्च स्तर से 20 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है और लगातार 12वें हफ्ते लाल निशान में रहा है। जब तक एआई निवेश से ठोस कमाई का रास्ता साफ नहीं होता, तब तक निवेशक जोखिम घटाने के लिए बिकवाली जारी रखे हुए हैं।


















