तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद में मेट्रो और राज्य परिवहन निगम की बसों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए संयुक्त मासिक पास के दाम 8,500 रुपये से घटाकर 4,000 रुपये कर दिए हैं। इसके अलावा दैनिक कॉमन पास का शुल्क भी 400 रुपये से घटाकर 275 रुपये कर दिया गया है। परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने शुक्रवार 6 नवंबर 2026 को इन संशोधित दरों का ऐलान करते हुए इसे जनता के लिए सरकार का दिवाली उपहार बताया है। ये नई दरें आठ नवंबर से प्रभावी हो जाएंगी।
कम होगा यात्रियों पर वित्तीय बोझ
परिवहन मंत्री ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देशों के आधार पर यह अहम कदम उठाया गया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य आम जनता के सफर के खर्च को कम करना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ तथा किफायती बनाना है। इन नई दरों के लागू होने से मासिक पास का उपयोग करने वाले यात्रियों को सीधे तौर पर हर महीने 4,500 रुपये की बचत होगी। वहीं दूसरी ओर, दैनिक पास लेने वाले यात्रियों को रोजाना 125 रुपये कम चुकाने होंगे।
दैनिक और मासिक पास का नया विभाजन
संशोधित दैनिक कॉमन पास के तहत 200 रुपये मेट्रो सेवा के लिए और 75 रुपये तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम की बस यात्रा के लिए तय किए गए हैं। इस दैनिक पास के माध्यम से यात्री एक दिन में कुल मिलाकर अधिकतम चार एकतरफा यात्राएं पूरी कर सकेंगे। इसी तरह मासिक संयुक्त पास में 3,000 रुपये का हिस्सा मेट्रो के लिए और 1,000 रुपये का हिस्सा आरटीसी बसों के सफर के लिए तय किया गया है। इस मासिक पास के जरिए यात्रियों को एक महीने के भीतर अधिकतम 50 बार आने-जाने की सुविधा प्रदान की जाएगी।
क्यों घटानी पड़ी कीमतें
मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि किराये में की गई इस कटौती से आम नागरिकों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। पिछले महीने ही तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम और हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड ने यात्रियों की सुविधा के लिए इस संयुक्त पास व्यवस्था की शुरुआत की थी। उस शुरुआती चरण में मासिक पास का मूल्य 8,500 रुपये और दैनिक पास का मूल्य 400 रुपये रखा गया था। उस समय मासिक पास के भीतर मेट्रो का हिस्सा 7,000 रुपये और बसों का हिस्सा 1,500 रुपये तय किया गया था।
यात्रियों के विरोध के बाद हुआ बदलाव
हालांकि, इन शुरुआती दरों को काफी ज्यादा बताते हुए यात्रियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। यात्रियों का तर्क था कि लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए भी रोजाना अलग से टिकट खरीदना इस महंगे संयुक्त पास को खरीदने की तुलना में ज्यादा सस्ता पड़ रहा था। आम जनता की इन शिकायतों और लगातार बढ़ती कीमतों में कटौती की मांग के बाद सरकार ने विभागीय अधिकारियों के साथ कई बैठकों का दौर चलाया। इसके बाद ही परिवहन मंत्री ने कीमतों में इस भारी कटौती की घोषणा करने का निर्णय लिया।
















