आम के शौकीनों के लिए यह खबर सीधे उनकी थाली और जेब से जुड़ी है। अगर आप इस मौसमी फल का स्वाद भरपूर लेना चाहते हैं तो देर मत कीजिए, क्योंकि बाजार के जानकार मान रहे हैं कि आने वाले कुछ ही हफ्तों में आम की कीमतें तेजी से ऊपर जाने वाली हैं।
अभी क्यों मिल रहा है सस्ता आम
फिलहाल जो आम 40 से 50 रुपये प्रति किलो में आसानी से मिल रहा है, वही आगे चलकर 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है। दाम गिरने की मुख्य वजह तेज गर्मी है, जिसके चलते मंडियों में आम की भरपूर आवक बनी हुई है और रेट काफी नीचे आ गए हैं। पटना की मंडी में हालत यह है कि कई किस्मों के आम महज 30 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं। हर दिन करीब 50 से 70 टन ऐसा आम मंडी में आ रहा है, जिसका भाव 70 से 80 रुपये प्रति किलो के बीच है। इतने कम रेट पर बिक्री होने से किसानों को फिलहाल कोई खास मुनाफा नहीं मिल पा रहा है।
क्या कहते हैं मंडी के कारोबारी
पटना फ्रूट एंड वेजिटेबल एसोसिएशन के अध्यक्ष शशिकांत प्रसाद के मुताबिक असली बदलाव बरसात के मौसम के साथ आएगा। उनका कहना है कि जैसे ही मानसून दस्तक देगा, आम के रेट चढ़ने लगेंगे। इसका सीधा फायदा किसानों को होगा, जिन्हें उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा, लेकिन आम खरीदार को इसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। उनका साफ मानना है कि जून के मध्य के बाद कीमतों में तेजी आने की पूरी संभावना है।
एक ही मंडी में 30 से 200 रुपये तक का आम
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जय प्रकाश वर्मा बताते हैं कि मुसल्लहपुर हाट स्थित बाजार समिति में इस समय कई तरह के आम बिक रहे हैं — इनमें ऑर्गेनिक तरीके से उगाया गया आम, दीघा वाला दूधिया और मालदह जैसी किस्में शामिल हैं। यहां आम की कीमत 30 रुपये प्रति किलो से शुरू होकर क्वालिटी के हिसाब से 200 रुपये तक जाती है। दरअसल आम का रेट पूरी तरह उसकी किस्म और गुणवत्ता पर टिका होता है।
यूपी का आम आते ही बदलेगा गणित
वर्मा के अनुसार राजधानी की बाजार समिति में रोजाना 150 से 200 गाड़ी आम पहुंच रहा है। उनका अनुमान है कि आने वाले दिनों में दाम प्रति किलो 10 से 20 रुपये तक बढ़ जाएंगे। 20 जून के बाद यूपी से भी आम की आवक तेज होगी, जिसका असर यहां के स्थानीय आमों की कीमत पर भी दिखेगा।
बारिश से क्यों महंगा होता है आम
दाम बढ़ने के पीछे की वजह भी मौसम से ही जुड़ी है। बरसात शुरू होते ही आम की तुड़ाई पर सीधा असर पड़ता है। तेज बारिश और आंधी फलों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे अच्छी क्वालिटी वाले आमों की संख्या घट जाती है। बाजार में जब अच्छी गुणवत्ता वाले आम की आपूर्ति कम होती है, तो स्वाभाविक रूप से उसके दाम चढ़ जाते हैं। यही वजह है कि सीजन खत्म होने से पहले आम का स्वाद ले लेना समझदारी होगी।













