उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में आधुनिक और नवाचार आधारित कृषि को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग लगातार सक्रिय रूप से किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है। मौसम की अनिश्चितता और विपरीत परिस्थितियों से बेअसर होकर हर सीजन में बंपर पैदावार हासिल करने के वास्ते किसानों का रुझान अब पॉली हाउस तकनीक की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। मिर्जापुर में सरकार की ओर से संरक्षित खेती के इस आधुनिक तरीके को अपनाने के लिए वित्तीय सहायता और भारी अनुदान मुहैया कराया जा रहा है, जिसका फायदा उठाकर अन्नदाता अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ाने में कामयाब हो रहे हैं।
मिर्जापुर में पॉली हाउस खेती का वर्तमान दायरा
स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में किसान पॉली हाउस के सुरक्षित और नियंत्रित माहौल में फसलों की पैदावार ले रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक मिर्जापुर जिले में अब तक कुल 75 हजार वर्ग मीटर के बड़े क्षेत्रफल में पॉली हाउस तकनीक के जरिए खेती की जा रही है, जहां किसान विभिन्न प्रकार की नकदी और गैर-मौसमी फसलों का बंपर उत्पादन कर रहे हैं। अनिश्चित मौसम के मार से बचने और सालभर फसल चक्र चलाने के लिए किसान इस आधुनिक विधि को अपने कृषि कार्य का अहम हिस्सा बना रहे हैं।
फसलों की विविधता और बेहतर बाजार भाव
जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने जानकारी दी है कि पॉली हाउस के अंदर खेती करने वाले किसानों को सरकार की योजनाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है। इस सुरक्षित आवरण के भीतर किसान खीरा, शिमला मिर्च, मशरूम के साथ-साथ जरबेरा और गुलाब जैसे आकर्षक और महंगे फूलों की भी बड़े पैमाने पर खेती कर रहे हैं। इस आधुनिक तकनीक से किसानों को अत्यधिक गर्मी, सर्दी या बेमौसम बरसात जैसे प्रतिकूल मौसम से अपनी नाजुक फसलों को बचाने में बेहद आसानी होती है। इसके अलावा उत्पाद की गुणवत्ता उत्कृष्ट होने के कारण किसानों को बाजार में अपनी उपज का दाम भी काफी बेहतर मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
एकीकृत बागवानी मिशन के तहत 50 प्रतिशत अनुदान
जिला उद्यान अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों को एकीकृत बागवानी मिशन के तहत पॉली हाउस स्थापित करने पर कुल लागत का पूरे 50 प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। पॉली हाउस लगाने में आने वाले शुरुआती और भारी-भरकम खर्च पर जब आधी सब्सिडी मिल जाती है, तो किसानों को वित्तीय मोर्चे पर बहुत बड़ी राहत मिलती है। ढांचा खड़ा होने के बाद जब फसल तैयार होती है और बाजार में बिकती है, तो किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय इजाफा होता है, जिससे वे आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बन रहे हैं।
युवा किसानों की बढ़ती भागीदारी और विस्तार का लक्ष्य
मिर्जापुर जिले में पॉली हाउस तकनीक से खेती करने वाले 75 हजार वर्ग मीटर के मौजूदा दायरे में युवा किसानों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा देखी जा रही है। नई पीढ़ी के किसान इस आधुनिक तकनीक को अपनाने में खास दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस सकारात्मक रुझान को और गति देने के लिए उद्यान विभाग लगातार नए किसानों से संपर्क कर रहा है और उन्हें इसके फायदों के प्रति जागरूक कर रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग पॉली हाउस तकनीक से जुड़ सकें। विभाग की महत्वाकांक्षी योजना इस पॉली हाउस तकनीक के कुल क्षेत्रफल को बढ़ाकर एक लाख वर्ग मीटर तक पहुंचाने की है, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं।
योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
जो भी इच्छुक किसान इस लाभकारी योजना का हिस्सा बनना चाहते हैं, वे उद्यान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर सीधे जिला उद्यान कार्यालय पहुंचकर संपर्क स्थापित कर सकते हैं ताकि उन्हें समय पर सब्सिडी का लाभ मिल सके। आवेदन के साथ किसानों को अपने कुछ बुनियादी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, खेत की खतौनी और बैंक पासबुक जमा कराने होते हैं। विभाग द्वारा कागजातों के सफल सत्यापन के बाद किसानों को अनुदान की राशि का लाभ प्रदान किया जाता है, जिसके बाद वे अपनी जमीन पर पॉली हाउस का निर्माण करवाकर अपनी पसंद और मांग के अनुसार फसलों की खेती शुरू कर सकते हैं।



















