हरियाणा में बोर्ड परीक्षाओं की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और परीक्षार्थियों के पास अंतिम दौर के दोहराव के लिए बहुत सीमित समय शेष है। इस महत्वपूर्ण समय में अधिकांश विद्यार्थियों के मन में यह चिंता बनी रहती है कि वे अपने प्राप्तांक कैसे बेहतर करें, विशेषकर अंग्रेजी के प्रश्नपत्र में। राज्य के छात्रों के बीच अंग्रेजी को अक्सर एक चुनौतीपूर्ण विषय माना जाता है, जहाँ प्रश्नों को सटीक समझना और व्याकरण सम्मत उत्तर लिखना कई बार जटिल हो जाता है। अक्सर देखा जाता है कि छात्र पूरे पाठ्यक्रम को बिना किसी योजना के रटने में लग जाते हैं, जिससे परीक्षा कक्ष में उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है। फरीदाबाद स्थित एक राजकीय विद्यालय में अंग्रेजी विषय अध्यापिका विभा सिंह ने छात्रों को इस दबाव से बाहर निकालने और बेहतर अंक हासिल करने के व्यावहारिक उपाय बताए हैं।
स्मार्ट अध्ययन और उच्च अंक वाले अध्यायों पर ध्यान
विभा सिंह के मार्गदर्शन में उनके विद्यालय ने पिछले शैक्षणिक सत्र में अंग्रेजी विषय में शत प्रतिशत उत्तीर्ण परिणाम दर्ज किया था। उनके अनुसार विगत वर्ष का प्रश्नपत्र संतुलित था और जिन छात्रों ने बुनियादी अवधारणाओं को समझा था, उन्होंने आसानी से सफलता पाई। दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को इस समय पूरे पाठ्यक्रम का अनावश्यक बोझ उठाने के बजाय चयनित और महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। पाठ्यक्रम की पाठ्यपुस्तकों में उन पाठों और कविताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए जिनका अंक भार अधिक होता है। जिस कविता से प्रश्न पूछे जाने की प्रबल संभावना हो, उसे समग्रता से तैयार करना चाहिए ताकि संबंधित प्रश्नों के उत्तर देते समय किसी प्रकार का संशय न रहे।
प्रश्न हल करने का क्रम और उत्तर लेखन तकनीक
परीक्षा कक्ष में समय प्रबंधन और प्रश्नों के चयन को लेकर अध्यापिका ने स्पष्ट मार्गदर्शन दिया है। वे विद्यार्थियों को छोटी कहानियों और अभ्यास प्रश्नों के माध्यम से तैयारी कराती हैं। यदि किसी दीर्घ उत्तरीय प्रश्न का विस्तृत उत्तर याद करने में कठिनाई आ रही हो, तो उसके मुख्य बिंदुओं को दो से तीन पंक्तियों के संक्षिप्त प्रारूप में लिखकर भी अभ्यास किया जा सकता है। वर्ष भर नियमित अध्ययन न कर पाने वाले छात्र भी यदि परीक्षा के निकट इन प्रमुख अध्यायों पर गंभीरता से काम कर लें, तो वे सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त परीक्षा के दौरान लघु उत्तरीय और सरल प्रश्नों को पहले हल करने की सलाह दी जाती है, जिससे सरल प्रश्न छूटने का जोखिम समाप्त हो जाता है और बड़े प्रश्नों के लिए पर्याप्त समय बचता है।
लगातार बेहतर परिणाम और अंतिम समय की कार्ययोजना
अंग्रेजी की सैद्धांतिक परीक्षा कुल 80 अंकों की आयोजित की जाती है। विभा सिंह के अनुसार उनकी इस रणनीति की बदौलत उनके विद्यालय के सभी छात्र पिछले तीन वर्षों से लगातार इस विषय में उत्तीर्ण हो रहे हैं। परीक्षा के अंतिम दिनों में अभिभावकों को भी चाहिए कि वे बच्चों को पाठों के मुख्य बिंदुओं के पुनरीक्षण के लिए प्रेरित करें। छोटे प्रश्न, संक्षिप्त नोट्स, पत्र लेखन के प्रारूप, रिपोर्ट लेखन और कविताओं के केंद्रीय भाव का नियमित अभ्यास छात्रों को न्यूनतम 33 प्रतिशत के उत्तीर्णांक से आगे ले जाकर 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। यह कार्यप्रणाली दसवीं और बारहवीं दोनों कक्षाओं के परीक्षार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होती है।



















