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बस्तर में बांस के पारंपरिक दांदर से पांच साल तक बिना खर्च मछली पकड़ रहे किसानछत्तीसगढ़
6 अक्तू॰ 2026, 10:34 am (54 मिनट पहले)· 0

बस्तर में बांस के पारंपरिक दांदर से पांच साल तक बिना खर्च मछली पकड़ रहे किसान

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में ग्रामीण सूखे बांस से हस्तनिर्मित दांदर तैयार करते हैं, जो खेतों के बहते पानी से बिना किसी बाजारू खर्च के मछलियां पकड़ने में पांच साल तक काम आता है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में बारिश का मौसम शुरू होते ही ग्रामीण मछली पकड़ने के अपने पुश्तैनी औजार दांदर को तैयार करने में व्यस्त हो जाते हैं। स्थानीय आबादी सदियों से इस देसी तकनीक के सहारे आजीविका और भोजन का प्रबंध करती आई है। मछली पकड़ने के आधुनिक उपकरणों की जगह ग्रामीण खुद अपने हाथों से इस पारंपरिक ढांचे का निर्माण करते हैं, जिससे उन्हें बाजार से महंगे जाल या उपकरण खरीदने की कोई जरूरत नहीं पड़ती।

सूखे बांस से तैयार होता है विशेष ढांचा

दांदर की बनावट गोल और थोड़ी लंबाई लिए हुए होती है। इसे तैयार करने के लिए सूखे बांस का इस्तेमाल किया जाता है। स्थानीय ग्रामीण सोनसाय के अनुसार, बांस को छोटे-छोटे महीन टुकड़ों में काटा जाता है, जिसके कारण इसके निर्माण में कोई बड़ा आर्थिक खर्च नहीं आता। यदि कोई व्यक्ति रोजाना थोड़ा-थोड़ा समय निकालकर इस पर काम करे, तो एक दांदर को पूरा करने में चार से पांच दिन का वक्त लग जाता है।

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पांच साल तक टिकाऊ रहता है यह देसी साधन

इस पारंपरिक उपकरण की खासियत इसकी मजबूती और लंबी उम्र है। सूखे बांस से बनी एक दांदर लगभग पांच साल तक सुरक्षित रहती है और लगातार काम देती है। ग्रामीण इस कला को किसी संस्थान से नहीं बल्कि अपने परिवार के बुजुर्गों और पूर्वजों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी सीखते हैं। सोनसाय ने भी दांदर बनाने और खेतों में इसका सही इस्तेमाल करने का कौशल अपने पारिवारिक सदस्यों से ही हासिल किया है।

खेतों के ऊपरी छोर पर होती है तैनाती

दांदर का प्रयोग मुख्य रूप से केवल बारिश के दिनों में ही किया जाता है। ग्रामीण इसे धान के खेतों के ऊपरी मुहाने पर स्थापित करते हैं, जहां से पानी एक खेत से बहकर निचले खेत की ओर जाता है। दांदर की बनावट ऐसी रखी जाती है कि पानी तो बिना रुके बाहर निकल जाता है, लेकिन जलधारा के साथ बहकर आने वाली मछलियां इसके भीतर फंसकर रह जाती हैं।

सवाल-जवाब

दांदर क्या है और इसका उपयोग किसलिए किया जाता है?
दांदर सूखे बांस से बना एक पारंपरिक औजार है, जिसका उपयोग बस्तर के ग्रामीण बरसात के मौसम में खेतों से मछली पकड़ने के लिए करते हैं।
एक दांदर को बनाने में कितना समय लगता है?
यदि थोड़ा-थोड़ा समय देकर काम किया जाए, तो सूखे बांस से एक दांदर तैयार करने में चार से पांच दिन का समय लगता है।
बांस से बनी दांदर कितने समय तक चलती है?
सूखे बांस से तैयार की गई एक दांदर लगभग पांच साल तक सुरक्षित और उपयोगी बनी रहती है।
खेत में दांदर को किस जगह और कैसे लगाया जाता है?
इसे खेत के ऊपरी हिस्से में लगाया जाता है ताकि बहता पानी इससे छनकर निचले खेत में जाए और मछलियां अंदर फंस जाएं।
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