नागौर में कम बारिश के बीच ग्वार की फसल बनी सहारा, मंडियों में 6500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे भावअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल से चांदी में गिरावट, दो महीने के निचले स्तर के करीब लुढ़की कीमतेंलाहौल-स्पीति जिला परिषद चुनाव में भाजपा समर्थित ठिनले देचेन बनीं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद पर सुरेश कुमार की जीतजेलर 2 के ट्रेलर में दिखे रहस्यमयी चेहरे से सनसनी, क्या रजनीकांत के साथ दिखेंगे ऋतिक रोशनधार्मिक मान्यताओं के कारण बसीर अली ने तोड़ा था रिश्ता, एक्स गर्लफ्रेंड से अलग होने की वजह बताईफिल्म साजन का घर के इस दर्दभरे गीत में झलका जूही चावला का दर्द, अलका याग्निक की आवाज आज भी छू लेती है दिलजेडकैश के एनयू7 टेस्टनेट अपग्रेड और घटते ईटीएफ आउटफ्लो से मिला सहारा, 1,350 डॉलर के करीब पहुंची कीमतरिजर्व बैंक मौद्रिक नीति बैठक: बढ़ती महंगाई और कमजोर रुपये के बीच रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के आसाररिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा से पहले फिक्स्ड डिपॉजिट दरों पर टिकीं नजरें, जानिए प्रमुख बैंकों के ताजा आंकड़ेमेरठ में पति का कत्ल कर दिल का दौरा बताया, मोबाइल चैट से राजफाश के बाद कब्र से निकाला जाएगा शव
अक्टूबर में बटन मशरूम की खेती से करें बढ़िया मुनाफा, साधारण कमरे में बिना एसी तैयार होगी बंपर फसलछत्तीसगढ़
6 अक्तू॰ 2026, 9:43 am (59 मिनट पहले)· 0

अक्टूबर में बटन मशरूम की खेती से करें बढ़िया मुनाफा, साधारण कमरे में बिना एसी तैयार होगी बंपर फसल

कृषि विशेषज्ञ डॉ वीर सिंह के अनुसार ठंड की शुरुआत बटन मशरूम के लिए बेहतरीन है, जहां किसान मचान या प्लास्टिक बैग में कम लागत से खेती कर सकते हैं।

शीत ऋतु की दस्तक के साथ ही कृषि क्षेत्र में लाभकारी फसलों की तैयारी तेज हो जाती है। ठंड के महीनों में बटन मशरूम का उत्पादन किसानों और छोटे उत्पादकों के लिए आमदनी का एक मजबूत जरिया साबित हो सकता है। कृषि विशेषज्ञ डॉ वीर सिंह का कहना है कि मशरूम उत्पादन की योजना बना रहे किसानों के लिए खाद यानी कंपोस्ट बनाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का यह बिल्कुल सही वक्त है। कंपोस्ट तैयार होने में लगभग एक महीने का समय लगता है, जिसके बाद अक्टूबर अथवा नवंबर के महीने में मशरूम के बीज यानी स्पॉन की बुवाई शुरू की जा सकती है।

अनुकूल मौसम और बिना एसी साधारण कमरे में शुरुआत

अंबिकापुर और उसके आसपास के मैदानी व पहाड़ी अंचलों में मौजूद प्राकृतिक ठंडक बटन मशरूम की पैदावार के लिए पूरी तरह मुफीद मानी जाती है। कई लोगों को लगता है कि बटन मशरूम के लिए महंगे वातानुकूलित प्लांट की दरकार होती है, जबकि वास्तविकता यह है कि सामान्य घरेलू ढांचे में भी किसान इसकी खेती आसानी से कर सकते हैं। शुरुआती चरण में किसी भी तरह के एसी या कृत्रिम ठंडक देने वाले उपकरणों की बिल्कुल आवश्यकता नहीं पड़ती। किसान साधारण हवादार कमरों में मचान बनाकर या फिर लगभग 18/24 आकार की प्लास्टिक थैलियों का इस्तेमाल करके कम जगह में भी व्यवस्थित ढंग से फसल ले सकते हैं।

ये भी पढ़ें

कंपोस्ट बनाने की सामग्री और आवश्यक विधि

सफल मशरूम उत्पादन की पूरी बुनियाद कंपोस्ट की गुणवत्ता पर टिकी होती है। इसे बनाने के लिए गेहूं का भूसा या धान का पैरा पूरी तरह साफ और सूखा होना चाहिए। सड़े-गले भूसे के इस्तेमाल से बचना जरूरी है ताकि फफूंद या संक्रमण न फैले। इसके अलावा मिश्रण में गेहूं का चोकर, यूरिया, जिप्सम और कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट जैसी जरूरी सामग्रियों को निश्चित अनुपात में मिलाया जाता है।

मिश्रण तैयार करते समय सामग्री का ढेर पर्याप्त मात्रा में बड़ा होना चाहिए। यदि ढेर छोटा होगा, तो उसके अंदर बैक्टीरिया की सक्रियता से पैदा होने वाला प्राकृतिक तापमान नहीं बन पाएगा और सड़ांध की प्रक्रिया धीमी पड़ जाएगी। सड़न और डीकंपोजिशन को एकसमान रखने के लिए इस ढेर को हर दो से तीन दिन के अंतराल पर पलटना अनिवार्य होता है। नियमित पलटने से भीतर तक हवा पहुंचती है और खाद समान रूप से पकती है।

तैयार खाद की पहचान और शुरुआती लागत

लगभग तीस दिनों की मेहनत के बाद जब कंपोस्ट पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए, तब उसकी गुणवत्ता की जांच आवश्यक है। उत्तम कंपोस्ट का रंग गहरा भूरा होना चाहिए। उसमें नमी की मात्रा लगभग 30 से 40 प्रतिशत के बीच रहनी चाहिए। सबसे अहम बात यह है कि तैयार खाद से अमोनिया गैस या किसी भी तरह की तीखी अथवा दुर्गंध नहीं आनी चाहिए।

डॉ वीर सिंह के अनुसार, बटन मशरूम के लिए कंपोस्ट तैयार करने का खर्च अन्य किस्मों के मुकाबले थोड़ा अधिक बैठ सकता है। तकरीबन तीन क्विंटल खाद तैयार करने में लगभग 3000 से 4000 रुपये तक की लागत आती है। हालांकि बाजार में बटन मशरूम की ऊंची मांग और मिलने वाले दाम को देखते हुए यह खर्च आसानी से मुनाफे में तब्दील हो जाता है।

बाजार में खपत और कमाई के अवसर

तैयार बटन मशरूम की मांग केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय बाजारों में भी इसकी भारी खपत देखी जा रही है। खुदरा बाजार में करीब 200 ग्राम का पैकेट लगभग 50 रुपये के आसपास आसानी से बिक जाता है। उत्पादक अपनी उपज को सीधे स्थानीय डेयरी, किराना दुकानों, सब्जी मंडियों के अलावा होटलों और भोजनालयों में पहुंचा सकते हैं। इसके साथ ही शादियों, जन्मदिन की पार्टियों और अन्य पारिवारिक आयोजनों में खानपान के दौरान बटन मशरूम के व्यंजनों का चलन लगातार बढ़ रहा है, जिससे उत्पादकों को नियमित ग्राहक और बेहतर मुनाफा मिल सकता है।

सवाल-जवाब

बटन मशरूम की स्पॉनिंग कब शुरू करनी चाहिए?
कंपोस्ट तैयार होने के बाद अक्टूबर या नवंबर के महीने में स्पॉनिंग शुरू की जा सकती है।
क्या बटन मशरूम उगाने के लिए एसी जरूरी है?
सर्दियों के मौसम में सामान्य घरेलू ढांचे में खेती की जा सकती है और शुरुआत में एसी की आवश्यकता नहीं होती।
तीन क्विंटल कंपोस्ट बनाने में कितना खर्च आता है?
विशेषज्ञ के अनुसार करीब तीन क्विंटल कंपोस्ट तैयार करने में लगभग 3000 से 4000 रुपये का खर्च आ सकता है।
कंपोस्ट में नमी कितनी होनी चाहिए और उसकी पहचान क्या है?
तैयार कंपोस्ट में 30 से 40 प्रतिशत नमी होनी चाहिए, उसका रंग भूरा होना चाहिए और उसमें से अमोनिया की दुर्गंध नहीं आनी चाहिए।
बाजार में 200 ग्राम बटन मशरूम का क्या भाव मिलता है?
बाजार में करीब 200 ग्राम की पैकिंग लगभग 50 रुपये के आसपास बिकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·19 मिनट पहले

बिना एसी के मशरूम उगाना तो बढ़िया है, पर क्या छोटे शहरों में इसके बीज आसानी से मिल जाते हैं?

Ravikash Gupta@ravikash·18 मिनट पहले

अर्जुन भाई, छोटे शहरों में स्पॉन मिलना अब इतना मुश्किल नहीं रहा, एग्री-स्टार्टअप्स और लोकल कृषि केंद्रों की वजह से आजकल आसानी से होम डिलीवरी या पास की दुकान पर मिल जाता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·40 मिनट पहले

बिना एसी के कम खर्च में मशरूम उगाना तो बढ़िया है, सर्दियों में कमाई का अच्छा जरिया बन जाएगा किसानों के लिए।

Rohan Verma@rohan-verma·39 मिनट पहले

करण भाई, सही कहा आपने, बिना एसी के इतनी कम लागत में बढ़िया कमाई का मौका है किसानों के लिए।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp