किसानों के लिए फूलगोभी की खेती मुनाफे का एक शानदार सौदा साबित हो रही है। बाजार में इसकी मजबूत मांग और अच्छे दामों के चलते किसान कम समय में ही बंपर कमाई कर रहे हैं। इस समय खुले बाजार में फूलगोभी का भाव चालीस से पचास रुपये प्रति किलो चल रहा है, जिससे खेती करने वालों को जबरदस्त आर्थिक फायदा मिल रहा है।
कम लागत और शानदार मुनाफा
खेती-किसानी के जानकार सुखदास मौर्य बताते हैं कि फूलगोभी की फसल में निवेश बहुत कम करना पड़ता है जबकि रिटर्न काफी ज्यादा मिलता है। यदि कोई किसान एक एकड़ जमीन पर इसकी खेती करता है, तो वह आसानी से डेढ़ लाख रुपये तक की कमाई कर सकता है। हालांकि, खुले बाजार में सब्जियों के दाम घटने-बढ़ने से कुल मुनाफे पर थोड़ा असर जरूर पड़ सकता है। यदि आधे एकड़ जमीन की बात की जाए, तो इसमें फूलगोभी उगाने का कुल खर्च लगभग तीस हजार रुपये आता है, जबकि इसके बदले में एक से डेढ़ लाख रुपये तक की आमदनी हो जाती है।
खेती की पूरी प्रक्रिया और तैयारी
खेती की शुरुआत करते समय सबसे पहले खेत की ठीक तरह से दो से तीन बार जुताई की जाती है, जिसके बाद रोटावेटर चलाया जाता है। इसके बाद खेत में क्यारियां यानी बेड बनाए जाते हैं और पहले से तैयार की गई नर्सरी के स्वस्थ पौधों को रोपा जाता है। पौधों के बीच की उचित दूरी डेढ़ फीट तय की जाती है ताकि उनका विकास बेहतर तरीके से हो सके।
खाद प्रबंधन और कीट नियंत्रण
फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए गोबर की खाद के साथ-साथ डीएपी, यूरिया, पोटाश और सुपर फास्फोरस का इस्तेमाल किया जाता है। फूलगोभी की फसल में वैसे तो गंभीर बीमारियों का खतरा कम रहता है, लेकिन इसके पत्तों में कीट लगने का जोखिम बना रहता है। इससे फसल को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर कीटनाशक का छिड़काव बेहद जरूरी होता है, जिससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और पैदावार भी शानदार होती है।
फसल तैयार होने का समय
देखभाल और सही उर्वरक प्रबंधन के बाद फूलगोभी की यह फसल महज पैंतालीस से पचास दिन के भीतर पूरी तरह तैयार होकर बाजार में बिकने के लिए बिल्कुल तैयार हो जाती है। कम अवधि में तैयार होने वाली इस फसल से किसानों को सीजन के दौरान लगातार अच्छी आय मिलती रहती है।



















