महासमुंद में अवैध तस्करी का भंडाफोड़
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध लकड़ी तस्करी का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है, जिसमें तस्करों ने फिल्म 'Pushpa' जैसी तरकीब अपनाई थी। एक ट्रक में 23 टन खैर की लकड़ी भरकर उसके ऊपर तिरपाल डाल दिया गया था, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सतर्कता दिखाते हुए इस ट्रक को बीच रास्ते में धर दबोचा। बरामद की गई पूरी खेप को अब वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है।
क्या है खैर लकड़ी का खेल?
TrendKia के अनुसार, यह खैर की लकड़ी पान मसाला और अन्य खाद्य उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले कत्था बनाने के काम आती है। बाजार में इसकी भारी मांग के कारण यह तस्करी का एक बड़ा जरिया बन गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस लकड़ी की खरीद जहां 18 से 20 रुपए प्रति किलो के आसपास होती है, वहीं इसका बाजार भाव 220 से 250 रुपए प्रति किलो तक पहुंच जाता है।
गहरा रही है जांच
पिथौरा वन विभाग की SDO DP Bais ने बताया कि पुलिस द्वारा पकड़ी गई इस गाड़ी और लकड़ी के मामले की जांच जारी है। हालांकि ट्रक चालक ने पूछताछ में लकड़ी रायपुर ले जाने की बात कही थी, लेकिन सूत्रों का यह दावा है कि इस खेप को हरियाणा भेजा जा रहा था। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी भारी मात्रा में लकड़ी कहां से काटी गई थी और इसके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है। पुलिस इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है ताकि पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जा सके।













