जयपुर प्रवास के दौरान सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के प्रदर्शन को राज्य सरकार के प्रति जनता का स्पष्ट समर्थन करार दिया। राजधानी में आयोजित संसद की लोकलेखा समिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे अनुराग ठाकुर ने राजनीतिक घटनाक्रमों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले करीब ढाई वर्षों के दौरान राज्य में भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री के प्रशासनिक कार्यों पर आम मतदाताओं ने अपना सकारात्मक भरोसा जताया है। निकाय चुनावों में भाजपा को मिले बहुमत को उन्होंने विपक्षी दल के लिए करारा जवाब बताया।
स्थानीय निकाय परिणामों और कांग्रेस के दावों पर पलटवार
राजस्थान के कई प्रमुख शहरी निकायों में पार्टी के सबसे बड़े दल के रूप में उभरने का उल्लेख करते हुए अनुराग ठाकुर ने विपक्षी दल की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि चुनावी पराजय के बाद संवैधानिक संस्थाओं को घेरना विपक्षी दल की पुरानी प्रवृत्ति बन चुकी है। जब भी नतीजे विपरीत आते हैं, निर्वाचन आयोग और ईवीएम की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़े किए जाने लगते हैं। जब यह तर्क काम नहीं करता, तो प्रशासन और धनबल के अनुचित उपयोग के दावे सामने लाए जाते हैं। राजस्थान कांग्रेस की तरफ से पुलिस तंत्र और पैसे के गलत इस्तेमाल के लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने गोविंद सिंह डोटासरा पर तंज कसा और कहा कि खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे।
इंदौर कार्यक्रम, संस्कार और महिला आरक्षण पर घेरा
मध्य प्रदेश के इंदौर में राहुल गांधी के सार्वजनिक मंच से हुए वाकये का हवाला देते हुए अनुराग ठाकुर ने दल के संस्कारों पर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने कहा कि पहले केवल प्रदर्शन के स्तर पर खामियां दिखती थीं, किंतु अब राजनीतिक मर्यादाएं और संस्कार भी तार-तार होते दिखाई दे रहे हैं। मंच से एक बुजुर्ग महिला को लेकर की गई टिप्पणी की निंदा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह का आचरण महिलाओं के प्रति विपक्षी दल की वास्तविक मानसिकता को उजागर करता है। इसके साथ ही महिला आरक्षण के विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में त्वरित कदम उठाए जाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन और उसके सहयोगी दल महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के मार्ग में निरंतर अवरोध पैदा कर रहे हैं।
युवा वर्ग का रुख और विपक्षी एकता की वास्तविकता
छात्र राजनीति और युवा मतदाताओं के रुझान पर प्रकाश डालते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने युवाओं की चिंताओं और प्राथमिकताओं को पूरी गंभीरता से समझा है और उस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय के हालिया छात्र संघ चुनावों का संदर्भ देते हुए दावा किया कि युवा वर्ग वैचारिक रूप से भाजपा के दृष्टिकोण का मजबूती से समर्थन कर रहा है। वहीं दूसरी ओर तथाकथित विपक्षी एकजुटता पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मतदान से पहले बड़े-बड़े गठबंधन के दावे किए जाते हैं, किंतु परिणाम आते ही सभी दल बिखर जाते हैं। 2019 और 2024 के आम चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने बार-बार इस बिखराव को पूरी तरह नकारा है, क्योंकि विपक्ष के पास न तो कोई सर्वमान्य नेता है, न कोई स्पष्ट नीति है और उनकी नीयत में भी गंभीर खोट है।




















