छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें शादी का झांसा देकर एक रिटायर्ड टेक्निशियन से 9.50 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। ठगों ने इस पूरी वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया, उसने पुलिस महकमे को भी हैरान कर दिया है। आरोपी एक महिला बनकर बात करते थे और खुद को रिटायर्ड रेलवे इंजीनियर बताकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। पुलिस ने इस मामले में उड़ीसा के अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
रायपुर की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और आजाद चौक पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उड़ीसा के बलांगीर जिले से तीन आरोपियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों में जसवंत डूण्डी, मनोज राणा और यश नायक शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक तीनों ने मिलकर शादी का झांसा देकर रिटायर्ड टेक्निशियन से 9.50 लाख रुपये की ठगी की थी। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी महिला की आवाज निकालकर पीड़ित से बात किया करते थे, ताकि किसी को शक न हो।
मैरिज ब्यूरो से हुई थी पहचान, ऐसे जीता भरोसा
पीड़ित मनहरण टिकरिहा की मुलाकात दिल्ली के एक मैरिज ब्यूरो के जरिए 'रजनी शर्मा' नाम की महिला से करवाई गई थी। इस महिला ने खुद को कोरबा की रहने वाली और रेलवे इंजीनियर के पद से रिटायर्ड बताया था। धीरे धीरे बातचीत बढ़ने के साथ महिला ने पीड़ित का भरोसा जीत लिया। इसी भरोसे की आड़ में आगे की पूरी ठगी को अंजाम दिया गया।
9.50 लाख की रकम कैसे ऐंठी गई
भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने शादी, पारिवारिक कार्यक्रम, एक्सीडेंट और इलाज जैसे अलग अलग बहानों से पीड़ित से पैसे मांगने शुरू कर दिए। 15 जून 2025 से 9 जनवरी 2026 के बीच पीड़ित ने अलग अलग किश्तों में कुल 9,50,000 रुपये बैंक खातों में जमा करवाए। लेकिन पैसे मिलने के बाद महिला कभी पीड़ित से मिलने नहीं आई।
पुलिस तक कैसे पहुंचा मामला
जब लंबे समय तक महिला की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला, तो परेशान होकर पीड़ित पुलिस थाने पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद रायपुर पुलिस ने एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की मदद से जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस टीम ने सबसे पहले जसवंत डूण्डी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने मनोज राणा और यश नायक के साथ मिलकर ठगी करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल वे पीड़ितों से बात करने के लिए करते थे।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस अब पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े बाकी सदस्यों की जानकारी जुटाने में लगी है। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि यह गिरोह अलग अलग तरीके अपनाकर शादी के नाम पर लोगों को ठगता रहा है। पुलिस का कहना है कि जब्त मोबाइल फोन की जांच से गिरोह के और भी शिकार सामने आ सकते हैं।













