छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर को बलौदाबाजार से जोड़ने वाले व्यस्त मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही भीषण जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है. इस अहम राजमार्ग को चार लेन में अपग्रेड करने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है. नेशनल हाईवे, वन महकमे और बिजली विभाग के संयुक्त दल ने प्राथमिक सर्वेक्षण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. यह संयुक्त जमीनी पड़ताल राजधानी से लेकर खरोरा विकासखंड स्थित खोरसी गांव तक की जा चुकी है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय की गई है.
भूमि अधिग्रहण और प्रभावित गांवों का ब्योरा
अधिकारियों द्वारा किए गए इस विस्तृत सर्वे में 20 से 21 ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 17 हेक्टेयर जमीन को सड़क के दायरे में दर्ज किया गया है. इस पूरी परिधि में कुल 711 खसरा नंबर चिन्हित किए गए हैं, जो सड़क चौड़ीकरण की जद में आएंगे. विभागीय स्तर पर इन सभी खसरों की सूची को सार्वजनिक करने की तैयारी चल रही है, ताकि संबंधित जमीन मालिकों से विधिवत दावे और आपत्तियां मंगाई जा सकें. एनएच के एसडीओ आरएस गंजीर के अनुसार, सर्वेक्षण संपन्न होने के बाद जमीन से जुड़ी औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराने का काम तेजी से शुरू किया जा रहा है.
दो चरणों में बंटेगी 1500 करोड़ रुपये की परियोजना
रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ रूट के कायाकल्प पर कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन किया गया है. निर्माण कार्य को सुचारू रखने के लिए इसे दो अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है. प्रथम चरण के तहत धनेली से पुराने विधानसभा भवन तक 11.610 किलोमीटर का हिस्सा विकसित होगा, जिस पर करीब 500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इसके बाद दूसरे चरण में विधानसभा से पलारी तक करीब 72 किलोमीटर लंबा मार्ग चौड़ा किया जाएगा, जिस पर 1050 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी.
फ्लाईओवर, सर्विस लेन और बुनियादी ढांचे का विस्तार
मार्ग पर निर्बाध आवागमन बनाए रखने के लिए पूरे प्रोजेक्ट में चार बड़े फ्लाईओभर, कई ओवरब्रिज और जरूरत के अनुसार सर्विस लेन का निर्माण शामिल है. यह परियोजना पूरी होने के बाद दोनों शहरों के बीच की यात्रा अवधि पौने दो घंटे से सिमटकर केवल एक घंटे रह जाएगी. निर्माण कार्य के दौरान रायपुर जिले की परिधि में आने वाले करीब 7 हजार पेड़ों को कानूनी नियमों के तहत हटाया जाएगा. साथ ही मार्ग पर मौजूद खंभों और ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित जगह ले जाने के लिए विद्युत विभाग ने 44.78 करोड़ रुपये का विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा है, जिसकी स्वीकृति के बाद डिमांड नोट जारी होगा.























