पूर्व भारतीय कप्तान और पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जाने वाली टी20 सीरीज को भारत के युवा खिलाड़ियों का दायरा बढ़ाने का सुनहरा मौका बताया है. उनका कहना है कि हाल की हार से घबराकर चयनकर्ताओं ने यह मौका गंवाते हुए भरोसेमंद चेहरों पर ही दांव लगाया.
आयरलैंड-इंग्लैंड में हार का असर चयन पर दिखा
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ हाल में खेले गए सभी छह टी20 मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी थी. इसके बाद जुलाई में टीम ने जिम्बाब्वे को 3-0 से सीरीज में हराकर वापसी की. हालांकि यह जीत टीम के हौसले तो बढ़ा गई, लेकिन श्रीकांत के मुताबिक इसके बावजूद प्रबंधन अफगानिस्तान के खिलाफ भी पुराने और भरोसेमंद खिलाड़ियों के साथ ही मैदान में उतरना चाहता था. उनका मानना है कि इन्हीं नतीजों का सीधा असर अफगानिस्तान सीरीज की टीम चुनने के तरीके पर पड़ा और नए चेहरों की जगह अनुभवी खिलाड़ियों को तरजीह दी गई.
भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली तीन मैचों की यह सीरीज दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में 13, 15 और 17 सितंबर को खेली जाएगी. इसे टीम प्रबंधन के लिए आगे के बड़े टूर्नामेंटों से पहले बेंच स्ट्रेंथ परखने के एक अहम मौके के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन चयन को देखकर श्रीकांत को लगता है कि यह मौका फिलहाल टाल दिया गया है.
'डेस्परेशन मूव' जैसा फैसला: श्रीकांत
अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत में श्रीकांत ने कहा कि लगातार दो सीरीज हारने के बाद चयनकर्ता जोखिम लेने से बच गए. उन्होंने कहा, 'आयरलैंड और इंग्लैंड में हार के बाद यह एक डेस्परेशन मूव जैसा लगता है.' उनका मानना है कि चुनी गई टीम लगभग वही है जो इंग्लैंड दौरे के लिए चुनी गई थी, जबकि अफगानिस्तान जैसी टीम के खिलाफ युवाओं को आजमाने का यह सही मौका था. हार के डर ने ही चयनकर्ताओं को एक बार फिर मजबूत और अनुभवी टीम चुनने पर मजबूर किया.
चोटिल खिलाड़ियों के चयन पर भी उठे सवाल
श्रीकांत ने यह भी बताया कि अफगानिस्तान सीरीज की टीम में चार ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जो पूरी तरह फिट नहीं हैं, वाशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा और जसप्रीत बुमराह. उनका कहना था कि सिर्फ बेंगलुरु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस टेस्ट पास कर लेना मैच फिटनेस साबित करने जैसा नहीं है और अकेले वहां की ट्रेनिंग किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के लिए तैयार नहीं कर सकती.
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर इन चारों खिलाड़ियों को फिट मान लिया गया, और हर्षित राणा के इंग्लैंड दौरे का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां उनकी चोट के साथ जो हुआ, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए मैदान पर उतरने से पहले मैच फिटनेस साबित करना जरूरी है.
श्रीकांत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब टीम इंडिया के टी20 प्रदर्शन और चयन नीति को लेकर पहले से ही बहस छिड़ी हुई है, और अफगानिस्तान सीरीज को अब फॉर्म, फिटनेस और युवाओं को मौका देने के संतुलन की कसौटी के तौर पर देखा जा रहा है.



















