भारतीय क्रिकेट टीम को आयरलैंड के खिलाफ मिली दो मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से निराशाजनक शिकस्त झेलनी पड़ी है। इस करारी हार के बाद टीम के चयन और रणनीतियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा विवाद 15 साल के युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में मौका न देने को लेकर खड़ा हो गया है। कई पूर्व क्रिकेट दिग्गजों का मानना है कि इस युवा खिलाड़ी को बेंच पर बिठाकर टीम प्रबंधन ने एक बड़ा अवसर गंवा दिया है, जबकि भारतीय टीम के पास सीरीज के दौरान उन्हें आजमाने का बेहतरीन मौका था। अब खेल प्रेमियों और विश्लेषकों की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज पर टिकी हैं, जिसका पहला मुकाबला चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेला जाना है।
सैयद किरमानी का तीखा रुख
1983 के विश्व कप विजेता और भारत के पूर्व विकेटकीपर सैयद किरमानी ने इस फैसले पर गहरी नाराजगी जताई है। बेलफास्ट में खेले गए मैचों के दौरान इस 15 वर्षीय प्रतिभावान बल्लेबाज को टीम से बाहर रखने के निर्णय को उन्होंने पूरी तरह गलत करार दिया है। किरमानी का स्पष्ट तौर पर कहना है कि आयरलैंड के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका न देना एक बड़ी भूल थी। पहले मैच में टीम की पराजय के बाद उन्हें पूरा भरोसा था कि दूसरे मैच में इस युवा खिलाड़ी को मैदान पर उतारा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होने से वे बेहद हैरान रह गए।
किरमानी के अनुसार, एक बेहतरीन और आक्रामक खिलाड़ी को सिर्फ ड्रेसिंग रूम में बिठाकर रखने के बजाय भारतीय प्लेइंग-11 में शामिल करने के लिए टीम प्रबंधन को अधिक इच्छाशक्ति और साहस दिखाना चाहिए था। उन्होंने वैभव को दर्शकों का मनोरंजन करने वाला और एक असाधारण प्रतिभा से धनी खिलाड़ी बताया, जो अपनी बल्लेबाजी से खेल का रुख बदलने की क्षमता रखता है।
मनिंदर सिंह ने की खेलने की वकालत
पूर्व भारतीय स्पिन गेंदबाज मनिंदर सिंह ने भी सैयद किरमानी के सुर में सुर मिलाते हुए वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल किए जाने का पुरजोर समर्थन किया है। मनिंदर सिंह का मानना है कि वैभव एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो हर हाल में अंतिम एकादश में जगह पाने के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि इस युवा बल्लेबाज को टीम में शामिल किया जाना बेहद जरूरी है, चाहे उनके लिए बल्लेबाजी क्रम में कोई भी स्थान तय किया जाए।
मनिंदर सिंह के मुताबिक, आप वैभव को पारी की शुरुआत करने के लिए भेजें या फिर तीसरे या चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कराएं, वे अपने स्वाभाविक और आक्रामक अंदाज में ही खेलेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर टीम के पास वैभव जैसा विस्फोटक बल्लेबाज मौजूद है, तो प्रबंधन को उनके लिए प्लेइंग-11 में जगह बनानी ही होगी ताकि टीम को उनकी आक्रामक शैली का पूरा फायदा मिल सके।
सबा करीम की अलग राय
दूसरी तरफ, पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता और विकेटकीपर-बल्लेबाज सबा करीम का इस पूरे मामले पर थोड़ा अलग और सकारात्मक दृष्टिकोण है। उनका मानना है कि इस प्रतिभावान खिलाड़ी के डेब्यू को लेकर जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। सबा करीम ने कहा कि भारतीय टीम के थिंक-टैंक के पास वैभव सूर्यवंशी के पदार्पण को लेकर अवश्य ही कोई न कोई ठोस योजना होगी। उन्होंने इस बात से असहमति जताई कि वैभव को न खिलाना कोई गलती थी। करीम को पूरा भरोसा है कि भारतीय टीम प्रबंधन सही समय पर उन्हें मौका देगा और क्रिकेट फैंस जल्द ही इस युवा खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देखेंगे।













