पश्चिम बंगाल में दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले हीरापुर थाना क्षेत्र के बर्नपुर इलाके से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पड़ोस में गई मात्र तीन साल की एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शंकर मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से ही स्थानीय स्तर पर काफी तनाव और आक्रोश देखा जा रहा है।
पेट दर्द के बाद सामने आई घटना की सच्चाई
पीड़िता के पिता के अनुसार, बच्ची रोज की तरह पड़ोस के एक घर में खेलने गई थी। वहां से लौटने के कुछ ही देर बाद उसने पेट में असहनीय दर्द की शिकायत की। जब उसकी मां ने उससे दर्द की वजह पूछी और विश्वास में लेकर बात की, तब बच्ची ने रोते हुए आपबीती सुनाई और बताया कि शंकर मंडल ने उसके साथ गलत हरकत की है। मासूम की हालत बिगड़ते देख परिजन तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल लेकर भागे, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका जरूरी चिकित्सीय उपचार शुरू कराया गया।
अस्पताल से पुलिस को सूचना और आरोपी की गिरफ्तारी
अस्पताल पहुंचने के बाद बच्ची के पिता ने सीधे पुलिस को इस घटना की पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन आरोपी शंकर मंडल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहराई से वैधानिक जांच की जा रही है और कानून के मुताबिक पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है।
केस वापस लेने के लिए परिजनों पर दबाव बनाने का आरोप
इस पूरे मामले में एक और गंभीर पहलू तब सामने आया जब बच्ची के परिजनों ने खुले तौर पर धमकी और दबाव का आरोप लगाया। पीड़िता के पिता का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी होने के बाद संजय विश्वकर्मा और गुड्डू रजक नाम के दो व्यक्तियों ने उन पर पुलिस में दी गई लिखित शिकायत वापस लेने के लिए भारी दबाव बनाया। वहीं, बच्ची की मां ने भी अपनी बेटी के बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि खेलने के दौरान ही शंकर मंडल ने उसके साथ घिनौना आचरण किया। इसके साथ ही मां ने आरोपी पर इलाके में दबंगई चलाने और कई मकानों पर अवैध रूप से कब्जा करने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
आरोपी पक्ष ने किया दावों का खंडन
दूसरी तरफ, शंकर मंडल के परिजनों ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनके परिवार के सदस्यों का दावा है कि शंकर मंडल को जानबूझकर एक साजिश के तहत इस केस में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी कानूनी बिंदुओं, बयानों और चिकित्सकीय रिपोर्टों के आधार पर विस्तृत छानबीन में जुटी हुई है।



















