अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच के दफ्तर में जब एक शख्स अपनी 85 वर्षीय सास के कत्ल की मुखबिरी करने पहुंचा, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वह खुद एक खौफनाक सिलसिलेवार हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार निकलेगा। अपनी अलग रह रही पत्नी और उसके रिश्तेदार को सलाखों के पीछे पहुंचाने की नीयत से रची गई साजिश उल्टी पड़ गई। पुलिस की गहन और वैज्ञानिक पूछताछ के सामने उसका बुना हुआ झूठ ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और वर्ष 2022 में अंजाम दिए गए तीन जघन्य कत्ल के खूनी राज से पर्दा उठ गया।
पत्नी से बदला लेने के चक्कर में खुला तिहरे हत्याकांड का राज
अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच के सामने सूरत जिले के मंगरोल तालुका अंतर्गत कोसंबा के कब्रिस्तान फलिया की निवासी शांताबेन गंभीरभाई वसावा की हत्या की सूचना लेकर माधवदास भक्तिराम साधु नाम का व्यक्ति पहुंचा था। माधवदास ने अधिकारियों से दावा किया कि चार से पांच साल पहले उसकी पत्नी उर्मिला उर्फ जया और उसके चचेरे भाई अफजल उर्फ पोटो दीवान ने मिलकर 85 वर्षीय शांताबेन की हत्या कर दी थी और शव को घर के भीतर ही सीमेंट के फर्श के नीचे गाड़ दिया था। इस सनसनीखेज जानकारी के मिलते ही क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अफजल को तलब कर लिया।
सख्ती से पूछताछ में धराशायी हुआ झूठा ताना-बाना
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने जब अफजल से गहन पूछताछ शुरू की, तो उसने इस पूरी वारदात के बारे में किसी भी तरह की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। तफ्तीश के दौरान पुलिस को शांताबेन की कथित हत्या में अफजल की संलिप्तता का कोई भी ठोस सुराग या सबूत नहीं मिला। इसके बाद जांचकर्ताओं ने संदेह गहराने पर माधवदास और अफजल को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की।
एसीपी (क्राइम ब्रांच) भरत पटेल ने इस मामले की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि जब अफजल के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला, तो जांच की सुई सीधे शिकायतकर्ता माधवदास की ओर मुड़ गई। भरत पटेल के मुताबिक, शुरुआत में माधवदास खुद एक मुखबिर बनकर पेश हुआ था और अपनी पत्नी तथा अफजल पर सास की जान लेने का इल्जाम लगा रहा था। लेकिन जब अधिकारियों ने तथ्यों की कड़ियों को आपस में मिलाया, तो माधवदास टूट गया और उसने स्वीकार किया कि उसने अफजल का नाम पूरी तरह मनगढ़ंत तरीके से इस केस में घसीटा था।
पारिवारिक रंजिश और बदले की सनक बनी गिरफ्तारी की वजह
जांचकर्ताओं के सामने माधवदास ने अपनी दुर्भावना की पूरी वजह उजागर कर दी। उसने बताया कि उसकी पत्नी उर्मिला अपने बेटे को साथ लेकर, घर से सोने-चांदी के सारे जेवरात और नकदी समेटकर करीब नौ महीने पहले जा चुकी थी और उससे अलग रह रही थी। पत्नी के इस तरह छोड़कर चले जाने से माधवदास के दिल में गहरा गुस्सा और शक भर गया था। वह किसी भी कीमत पर अपनी पत्नी और उसके चचेरे भाई अफजल से बदला लेना चाहता था। इसी बदले की आग में उसने सोचा कि यदि वह क्राइम ब्रांच को हत्या की झूठी कहानी बताएगा, तो पुलिस दोनों को जेल भेज देगी।
ड्रम काटकर बरामदे में दफनाई गई थी सास की लाश
सच्चाई सामने आने के बाद जब पुलिस ने माधवदास से कड़ी पूछताछ की, तो उसने एक ऐसा सच उगला जिससे पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। माधवदास ने कबूल किया कि उसने और उसकी पत्नी उर्मिला ने मिलकर वर्ष 2022 में तीन महिलाओं की हत्या की थी, जिनमें उसकी अपनी मां, सास और साली शामिल थीं।
पुलिस के अनुसार, पहले मामले में माधवदास और उर्मिला ने 7 अक्टूबर, 2022 की रात को अपनी 85 वर्षीय सास शांताबेन की तकिए से गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। कत्ल के बाद शव को छुपाने के लिए उन्होंने बेहद खौफनाक तरीका अपनाया। दोनों ने शांताबेन के शव को एक बड़े ड्रम में ठूंस दिया, फिर उसमें तीन बोरियां सीमेंट और पानी भरकर उसे ठोस बना दिया ताकि बदबू बाहर न फैले। यह ड्रम लगभग साढ़े तीन महीने तक घर के अंदर ही रखा रहा। इसके बाद, दोनों ने ड्रम को बाहर से काटकर हटाया और सीमेंट के ठोस ब्लॉक में तब्दील हो चुके शव को घर के बरामदे में एक गहरा गड्ढा खोदकर हमेशा के लिए दफना दिया था।



















