अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सीमा शुल्क विभाग ने अब तक की बेहद सख्त कार्रवाई करते हुए कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव और उनके तीन साथियों पर 244 करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी जुर्माना लगाया है। नियमों के गंभीर उल्लंघन के इस मामले में अकेले रान्या राव पर 89 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। कस्टम्स विभाग के जॉइंट डायरेक्टर संदीप द्वारा जारी 399 पन्नों के विस्तृत आदेश के बाद यह दंडात्मक कदम उठाया गया है। लगभग एक साल की कानूनी हिरासत काटने और 22 अप्रैल को बेंगलुरु सेंट्रल जेल से रिहा होने के बाद अभिनेत्री पर यह वित्तीय शिकंजा कसा गया है।
सह-आरोपियों पर भी करोड़ों की पेनाल्टी तय
इस बड़े सिंडिकेट में शामिल अन्य तीन मुख्य आरोपियों की जवाबदेही भी विभाग ने तय कर दी है। विस्तृत आदेश के अनुसार, केस से जुड़े तरुण कोंडुरु राजू पर 49.51 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं तस्करी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाने वाले साहिल जैन पर 53.06 करोड़ रुपये और भरत कुमार जैन पर भी 53.06 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। चारों आरोपियों पर लगी कुल राशि को मिलाकर यह आंकड़ा 244 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाता है, जो हाल के वर्षों में सामने आए सबसे बड़े वित्तीय दंडों में से एक माना जा रहा है।
केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर जब पकड़ी गई थी पहली खेप
यह पूरा मामला 3 मार्च 2025 को उस समय उजागर हुआ था जब दुबई से उड़ान भरकर बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरीं रान्या राव को सुरक्षा व जांच अधिकारियों ने रोका था। सघन तलाशी के दौरान उनके पास से छिपाकर लाया गया 14.213 किलोग्राम विदेशी सोना पकड़ा गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई थी। अधिकारियों ने उसी दिन अभिनेत्री को हिरासत में ले लिया था। बाद में कस्टम्स से जुड़े मूल केस में उन्हें कानूनी रूप से जमानत तो मिल गई, लेकिन केंद्र सरकार ने तत्काल दखल देते हुए उनके खिलाफ प्रिवेंटिव डिटेंशन का आदेश जारी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2026 में इस प्रिवेंटिव डिटेंशन को कानूनी रूप से सही ठहराया था।
आवास पर छापेमारी में नकदी और आभूषण बरामद
एयरपोर्ट पर जब्ती के बाद जांच का दायरा तेजी से बढ़ाया गया और रान्या राव के आवासीय परिसर पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। घर की तलाशी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की पड़ताल में 2.67 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई। इसके अतिरिक्त, ठिकाने से 2.06 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण भी बरामद कर जब्त किए गए, जिन्हें अवैध लेन-देन और तस्करी से अर्जित संपत्तियों से जोड़कर देखा गया।
जांच में खुला 113 किलो सोने की तस्करी का नेटवर्क
कस्टम विभाग की आगे की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि यह सिंडिकेट केवल एक खेप तक सीमित नहीं था। जांच में पाया गया कि रान्या राव और उनके गिरोह के सदस्यों ने योजनाबद्ध तरीके से दुबई से भारत में लगभग 113 किलोग्राम सोने की अवैध तस्करी को अंजाम दिया था। इस व्यापक गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद सितंबर 2025 में राव और उनके साथियों को आधिकारिक कारण बताओ व जुर्माना नोटिस तामील कराया गया था। उस दौरान डायरेक्टरेट ऑफ रिवेन्यू इंटेलीजेंस ने रान्या राव पर 102 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की मांग रखी थी, जिस पर अब कस्टम्स के सक्षम प्राधिकारी ने 89 करोड़ रुपये का अंतिम जुर्माना निर्धारित किया है।



















