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कोटा में मारपीट केस से नाम हटाने के नाम पर घूस लेते एएसआई रविंद्र सिंह यादव गिरफ्तारअपराध
1 अक्तू॰ 2026, 10:40 am (37 मिनट पहले)· 0

कोटा में मारपीट केस से नाम हटाने के नाम पर घूस लेते एएसआई रविंद्र सिंह यादव गिरफ्तार

कोटा के नयापुरा थाने में तैनात एएसआई रविंद्र सिंह यादव को एसीबी ने कोर्ट परिसर के बाहर 15 हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी मुकदमे से परिवादी के परिवार का नाम निकालने के लिए अतिरिक्त रुपयों की मांग कर रहा था।

राजस्थान के कोटा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पुलिस महकमे में रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए नयापुरा थाने के एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) को रंगे हाथों पकड़ा है। पकड़ा गया पुलिसकर्मी रविंद्र सिंह यादव मारपीट और आपसी विवाद से जुड़े एक आपराधिक मामले से परिवादी और उसके परिजनों के नाम बाहर निकालने तथा फाइल बंद करने का सौदा कर रहा था। सौदेबाजी के तहत परिवादी पहले ही आरोपी पुलिसकर्मी को 35 हजार रुपये दे चुका था, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने 30 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग रख दी थी। इसी सिलसिले में जब परिवादी शेष तय रकम की किस्त देने पहुंचा, तब सतर्क टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।

मुकदमे से निर्दोष परिजनों का नाम निकालने की एवज में वसूली

इस पूरे मामले की शुरुआत मारपीट और झगड़े की एक प्राथमिकी से हुई थी, जिसकी जांच एएसआई रविंद्र सिंह यादव के पास थी। इस प्रकरण में परिवादी के साथ-साथ उसके माता-पिता और भाई को भी नामजद कर दिया गया था। परिवादी का स्पष्ट पक्ष था कि जिस वक्त वारदात हुई, वह घटनास्थल पर उपस्थित ही नहीं था। इसके बाद भी जांच अधिकारी लगातार दबाव बना रहा था और पूरे परिवार को कानूनी कार्रवाई में फंसाने का डर दिखा रहा था।

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एफआईआर से परिवार के सभी सदस्यों के नाम हटाने और मुकदमे को रफा-दफा करने के लिए आरोपी एएसआई ने अवैध वसूली की मांग शुरू कर दी। परिवादी ने दबाव में आकर पूर्व में 35 हजार रुपये आरोपी को सौंप दिए थे। हालांकि, इतने पर भी पुलिसकर्मी का लालच शांत नहीं हुआ और उसने फाइल पूरी तरह निपटाने के बदले 30 हजार रुपये और मांगे। लगातार हो रही पैसों की मांग और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित ने मामले की शिकायत सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के समक्ष दर्ज करा दी।

शिकायत की पुष्टि के बाद बिछाया गया जाल

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कोटा इकाई को जब परिवादी की लिखित शिकायत मिली, तो डीएसपी चंद्र कंवर के निर्देशन में सबसे पहले तथ्यों का गोपनीय सत्यापन कराया गया। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि एएसआई रविंद्र सिंह यादव वास्तव में केस कमजोर करने और नाम हटाने के लिए घूस मांग रहा है। सत्यापन में मांग की पुष्टि होते ही ब्यूरो ने आरोपी को पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की।

योजना के अनुसार, परिवादी ने आरोपी से संपर्क किया और मांग के मुताबिक शेष राशि में से 15 हजार रुपये तुरंत देने पर सहमति जताई। तय सौदे के आधार पर घूस की यह किस्त लेने का स्थान तय हुआ। ब्यूरो की इंटेलिजेंस टीम ने नयापुरा इलाके में अपनी निगरानी बढ़ा दी और संकेत मिलते ही कार्रवाई के लिए तैयार हो गई।

कोर्ट परिसर के गेट नंबर-3 पर रंगे हाथों गिरफ्तारी

रिश्वत की रकम लेने के लिए नयापुरा स्थित न्यायालय परिसर के आसपास का क्षेत्र चुना गया था। परिवादी तय योजना के मुताबिक कोर्ट परिसर के गेट नंबर-3 के सामने मुख्य सड़क पर पहुंचा, जहां एएसआई रविंद्र सिंह यादव मौजूद था। जैसे ही परिवादी ने आरोपी को केमिकल लगे 15 हजार रुपये के नोट थमाए, आसपास सादी वर्दी में तैनात ब्यूरो के दल ने तुरंत आगे बढ़कर उसे घेर लिया।

मौके पर ही तलाशी लेकर 15 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर ली गई और आरोपी एएसआई को हिरासत में ले लिया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। इसके बाद ब्यूरो की टीम आरोपी को नयापुरा थाने लेकर आई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी एएसआई की पूरी रात थाने की बैरक में बीती। अदालत परिसर के बिल्कुल सामने खाकी वर्दीधारी की इस गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई और कोर्ट में पेशी

डीएसपी चंद्र कंवर ने जानकारी दी कि आरोपी एएसआई रविंद्र सिंह यादव के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। पकड़े गए पुलिसकर्मी को अदालत में पेश करने की तैयारी की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, जांच दल अब इस बात की विस्तृत पड़ताल कर रहा है कि पूर्व में दिए गए 35 हजार रुपये का क्या हुआ और मूल मारपीट मामले की फाइल में क्या हेरफेर की जा रही थी। जांच अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान सभी कानूनी पहलुओं, दस्तावेजों और बयानों की गहन छानबीन की जाएगी, जिससे इस पूरे भ्रष्टाचार के नेटवर्क और केस डायरी से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकें।

सवाल-जवाब

कोटा में किस पुलिसकर्मी को और क्यों गिरफ्तार किया गया है?
नयापुरा थाने में तैनात एएसआई रविंद्र सिंह यादव को मारपीट के मामले से परिवादी और उसके परिवार का नाम हटाने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी एएसआई कुल कितने रुपये की मांग कर रहा था?
शिकायत के अनुसार आरोपी एएसआई पूर्व में परिवादी से 35 हजार रुपये ले चुका था और मामले को रफा-दफा करने के लिए 30 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा था।
यह गिरफ्तारी किस स्थान पर हुई?
यह कार्रवाई नयापुरा स्थित न्यायालय परिसर के गेट नंबर-3 के सामने मुख्य सड़क पर की गई, जहां आरोपी रिश्वत की रकम ले रहा था।
शिकायतकर्ता का मूल मामले को लेकर क्या कहना था?
शिकायतकर्ता का कहना था कि जिस वक्त मारपीट की घटना हुई थी, वह मौके पर मौजूद ही नहीं था, फिर भी उसका और उसके परिवार का नाम मामले में जोड़कर परेशान किया जा रहा था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं?
आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है और उसे अदालत में पेश किया जा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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