पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मस्तुंग जिले में हथियारबंद हमलावरों ने एक यात्री वैन को जबरन रोककर वहां सवार 20 ट्रेनिंग ले रहे पुलिसकर्मियों का अपहरण कर लिया। ये सभी जवान कलात रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर से अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपने घरों की ओर लौट रहे थे। इस दुस्साहसिक वारदात के सामने आने के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों और सेना के हाथ-पांव फूल गए हैं, और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
मस्तुंग के गोरगीना इलाके में दिया गया घटना को अंजाम
यह पूरी घटना मस्तुंग के गोरगीना इलाके में हुई। हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से पुलिसकर्मियों को ले जा रहे वाहन को बीच रास्ते में ही रोक लिया। हथियार के बल पर इन सभी जवानों को अपने कब्जे में लिया गया और अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और लापता जवानों की सुरक्षित बरामदगी के लिए रणनीतिक कदम उठाने शुरू किए।
सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान और तुरबत में ट्रकों में आगजनी
अपहरण की इस बड़ी घटना के बाद से ही सुरक्षा बलों ने जिले के कई प्रमुख इलाकों में भारी नाकेबंदी कर दी है। कई जगहों पर विशेष चेकपोस्ट बनाकर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों तक पहुंचा जा सके। इसके साथ ही आसपास के सभी शहरों और राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है। इसी बीच, बलूचिस्तान के तुरबत इलाके से एक और हिंसा की खबर सामने आई है, जहां हथियारबंद बलूच अलगाववादियों ने माल से लदे कई ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। सुरक्षा एजेंसियां इस दूसरी घटना की भी गहराई से जांच-पड़ताल कर रही हैं।



















