भारतीय घरों में दूध का रोजाना बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। इसकी कीमतों में সামান্য बदलाव भी घरेलू बजट को प्रभावित करता है। यही वजह है कि दूध को सुरक्षित रखने और उसकी बर्बादी रोकने के लिए लोग इसे उबालकर फ्रिज में रख देते हैं। हालांकि, केवल दूध उबाल लेना ही उसे लंबे समय तक सुरक्षित बनाए रखने की गारंटी नहीं है। उबालने के बाद उसे किस बर्तन में रखा जाता है, उसे ठंडा कैसे किया जाता है और फ्रिज में उसकी जगह कहां होती है, इन सभी बातों का दूध की शेल्फ लाइफ पर गहरा असर पड़ता है।
दूध को कमरे के तापमान पर ज्यादा देर न छोड़ें
अक्सर लोग दूध उबालने के बाद उसे बड़े बर्तन में ही खुला छोड़ देते हैं और उसके पूरी तरह ठंडे होने का इंतजार करते हैं। खासकर गर्मियों के मौसम में ऐसा करना दूध की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। रसोई के सामान्य तापमान पर दूध को लंबे समय तक खुला रखने से उसमें बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं, जिससे वह बहुत जल्दी खराब हो जाता है। इसलिए उबालने के बाद इसे सही समय पर ठंडा करना बेहद जरूरी है।
बहुत गर्म दूध को सीधे फ्रिज में रखने से बचें
कुछ लोग समय बचाने के लिए खौलते हुए दूध को तुरंत उठाकर फ्रिज के अंदर रख देते हैं। ऐसा करने से न केवल फ्रिज का अंदरूनी तापमान अचानक बढ़ जाता है, बल्कि वहां रखे अन्य खाद्य पदार्थों की ताजगी पर भी बुरा असर पड़ता है। समझदारी इसी में है कि दूध को पहले बाहर थोड़ा सामान्य होने दें और जब उसका तापमान कम हो जाए, तब उसे ठंडक के लिए फ्रिज में भेजें।
बड़े बर्तन के बजाय छोटे कंटेनरों का करें इस्तेमाल
उबलने के बाद दूध को किसी साफ और फूड-सेफ कंटेनर में पलटना एक बेहतर कदम है। बर्तन का ढक्कन पूरी तरह कसा हुआ होना चाहिए। अगर आपके पास दूध की मात्रा ज्यादा है, तो उसे एक ही बड़े पतीले में रखने के बजाय छोटे-छोटे डिब्बों में बांट दें। इससे दूध जल्दी ठंडा होता है। इसके अलावा, ढक्कन बंद कंटेनर में रखने से दूध फ्रिज में रखी दूसरी चीजों की महक और गंध को अपने अंदर नहीं सोखता है।
फ्रिज के दरवाजे पर रखने की गलती न करें
ज्यादातर घरों में दूध का पैकेट या बर्तन फ्रिज के दरवाजे वाले खाने में रख दिया जाता है, जो कि एक गलत आदत है। फ्रिज का दरवाजा बार-बार खुलने और बंद होने के कारण वहां का तापमान स्थिर नहीं रहता है। इसके बजाय दूध को हमेशा फ्रिज की अंदरूनी शेल्फ पर, खासतौर पर पिछले हिस्से में रखना चाहिए, जहां तापमान लंबे समय तक एक जैसा बना रहता है।
जरूरत के मुताबिक ही दूध को बाहर निकालें
गर्मियों के दिनों में दूध को घंटों तक बाहर रखकर पूरी तरह ठंडा करने की जरूरत नहीं होती है। आपको जितनी मात्रा में दूध की आवश्यकता हो, केवल उतना ही हिस्सा बाहर निकालें और बाकी हिस्से को तुरंत वापस फ्रिज के भीतर रख दें। यदि दूध से किसी प्रकार की खट्टी महक आने लगे, उसका स्वाद बदला हुआ लगे या उसमें छोटे-छोटे टुकड़े तैरते दिखाई दें, तो उसे उपयोग में लाने के बजाय तुरंत फेंक देना ही बुद्धिमानी है।



















